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Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में एमआरआई की सुविधा जल्द
Mon, 15 Sep 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 15 Sep 2025 12:59 AM IST
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जिला नागरिक अस्पताल। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को जल्द ही एमआरआई की सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत उन्हें एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एमआरआई के लिए निविदा जारी की जा चुकी है।
इसमें दाे एजेंसियों ने आवेदन किया है। इनमें से एक का नाम फाइनल होना है। वहीं कैथ लैब के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। हालांकि इसके लिए भी निविदा जारी की गई थी। लेकिन किसी भी एजेंसी ने इसके लिए आवेदन नहीं किया।
जिला अस्पताल में अभी तक भी एमआरआई की सुविधा नहीं है। अस्पताल में सीटी स्कैन भी पीपीपी मोड में ही हो रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मनिपाल हेल्थ मैप के साथ अनुबंध कर रखा है। मनिपाल हेल्थ मैप मरीजों की सीटी स्कैन के साथ-साथ एमआरआई भी करवाती है। परंतु, एमआरआई के लिए मरीजों को पंचकूला भेजा जाता है। मरीजों को कोई परेशानी न हो इसके लिए मनिपाल हेल्थ मैप द्वारा गाड़ी की व्यवस्था की गई है जो उन्हें पंचकूला लेकर जाती है। एमआरआई होने के बाद उन्हें वापस भी छोड़ती है। इस व्यवस्था में मरीजों को काफी परेशानी होती है।
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पंचकूला जाने से लौटने तक मरीजों का पूरा दिन ही खराब हो जाता है। गाड़ी पंचकूला से तब तक नहीं लौटती जब तक सभी मरीजों की एमआरआई नहीं हो जाती। कई मरीज ऐसे भी होते हैं जो मनिपाल हेल्थ मैप से बुकिंग करवा कर अपने खर्च पर पंचकूला जाते हैं। इससे मरीजों का पैसा भी बर्बाद होता है। ऐसे में अब जिला अस्पताल में ही एमआरआई की सुविधा मिलने से मरीजों की यह परेशानी भी खत्म हो जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल 200 बेड का हो चुका है। साथ ही इसमें 75 बेड का ट्रामा सेंटर भी है। एमआरआई न होने से मरीजों को काकी चक्कर काटने पड़ते हैं। जो लोग पंचकूला नहीं जा पाते उन्हें मजबूरी में प्राइवेट सेंटर में ही इसका लाभ लेना पड़ता है। जिसमें बीमारी के हिसाब से अलग-अलग मोटा खर्च आता है। खासकर हड्डी व सिर में चोट के कारणों की जानकारी एमआरआई करानी होती है।
विधायक ने सदन में उठाया था मामला
जिला नागरिक अस्पताल में एमआरआई व कैथ लैब की सुविधा न होने का मामला यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने गत दिनों विधानसभा में उठाया था। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि था कि इनकी प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय की ओर से प्रक्रिया शुरू की गई। पीपीपी मोड के लिए टेंडर लगाया गया। जल्द ही मरीजों को यह सुविधा जल्द मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला अस्पताल में जल्द से जल्द एमआरआई व कैथ लैब की सुविधा देने की शुरूआत की जाएगी। एमआरआई के लिए दो एजेंसी ने आवेदन किया है। जल्द ही नियम व शर्तों की पालना करने वाली एजेंसी का नाम फाइनल हो जाएगा। कैथ लैब के लिए भी टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। -डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन यमुनानगर।
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को जल्द ही एमआरआई की सुविधा मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड के तहत उन्हें एमआरआई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। एमआरआई के लिए निविदा जारी की जा चुकी है।
इसमें दाे एजेंसियों ने आवेदन किया है। इनमें से एक का नाम फाइनल होना है। वहीं कैथ लैब के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा। हालांकि इसके लिए भी निविदा जारी की गई थी। लेकिन किसी भी एजेंसी ने इसके लिए आवेदन नहीं किया।
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जिला अस्पताल में अभी तक भी एमआरआई की सुविधा नहीं है। अस्पताल में सीटी स्कैन भी पीपीपी मोड में ही हो रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मनिपाल हेल्थ मैप के साथ अनुबंध कर रखा है। मनिपाल हेल्थ मैप मरीजों की सीटी स्कैन के साथ-साथ एमआरआई भी करवाती है। परंतु, एमआरआई के लिए मरीजों को पंचकूला भेजा जाता है। मरीजों को कोई परेशानी न हो इसके लिए मनिपाल हेल्थ मैप द्वारा गाड़ी की व्यवस्था की गई है जो उन्हें पंचकूला लेकर जाती है। एमआरआई होने के बाद उन्हें वापस भी छोड़ती है। इस व्यवस्था में मरीजों को काफी परेशानी होती है।
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पंचकूला जाने से लौटने तक मरीजों का पूरा दिन ही खराब हो जाता है। गाड़ी पंचकूला से तब तक नहीं लौटती जब तक सभी मरीजों की एमआरआई नहीं हो जाती। कई मरीज ऐसे भी होते हैं जो मनिपाल हेल्थ मैप से बुकिंग करवा कर अपने खर्च पर पंचकूला जाते हैं। इससे मरीजों का पैसा भी बर्बाद होता है। ऐसे में अब जिला अस्पताल में ही एमआरआई की सुविधा मिलने से मरीजों की यह परेशानी भी खत्म हो जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल 200 बेड का हो चुका है। साथ ही इसमें 75 बेड का ट्रामा सेंटर भी है। एमआरआई न होने से मरीजों को काकी चक्कर काटने पड़ते हैं। जो लोग पंचकूला नहीं जा पाते उन्हें मजबूरी में प्राइवेट सेंटर में ही इसका लाभ लेना पड़ता है। जिसमें बीमारी के हिसाब से अलग-अलग मोटा खर्च आता है। खासकर हड्डी व सिर में चोट के कारणों की जानकारी एमआरआई करानी होती है।
विधायक ने सदन में उठाया था मामला
जिला नागरिक अस्पताल में एमआरआई व कैथ लैब की सुविधा न होने का मामला यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने गत दिनों विधानसभा में उठाया था। इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि था कि इनकी प्रक्रिया चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय की ओर से प्रक्रिया शुरू की गई। पीपीपी मोड के लिए टेंडर लगाया गया। जल्द ही मरीजों को यह सुविधा जल्द मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला अस्पताल में जल्द से जल्द एमआरआई व कैथ लैब की सुविधा देने की शुरूआत की जाएगी। एमआरआई के लिए दो एजेंसी ने आवेदन किया है। जल्द ही नियम व शर्तों की पालना करने वाली एजेंसी का नाम फाइनल हो जाएगा। कैथ लैब के लिए भी टेंडर प्रक्रिया फिर से शुरू की गई है। -डॉ. मंजीत सिंह, सिविल सर्जन यमुनानगर।