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बंदर के उत्पात से दसवीं की परीक्षा लेट
यमुनानगर।
Updated Sat, 05 Oct 2013 12:54 AM IST
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एक उत्पाती बंदर के खंड शिक्षा कार्यालय में उत्पात मचाने से अध्यापकों को
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दसवीं बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र समय पर वितरित नहीं किए जा सके। इस
कारण खंड में दसवीं की बोर्ड परीक्षा समय पर शुरू न हो सकी। बंदर ने
कार्यालय में कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी फाड़ डाला।
सुबह जब खंड सरकारी एवं निजी स्कूलों के शिक्षक बीईओ कार्यालय से दसवीं की परीक्षा के प्रश्नपत्र लेने आए थे। अचानक ही एक बंदर कार्यालय में प्रवेश कर गया और उसने कार्यालय में रखे कागजातों और रजिस्टरों को फाड़ना शुरू कर दिया। अध्यापकों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया मगर वह बंदर बाहर जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। ऐसे में एक अध्यापक ने उसे डंडे के डर से बाहर निकालने का प्रयास किया, मगर बंदर ने उस अध्यापक पर हमला बोल दिया। अध्यापक को बड़ी मुश्किल से बंदर की चुुंगल से छुड़वाया गया।
बंदर ने बोर्ड के पेपर बांट रही लिपिक सोनू पर भी हमला कर दिया। बंदर के डर से कार्यालय में मौजूद महिला अध्यापिकाओं में अफरातफरी मच गई और वे डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। कार्यालय में अफरातफरी के माहौल में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इस मामले को वन विभाग का बता कर अपना पल्ला झाड़ लिया। काफी देर के बाद कार्यालय कर्मी गुरदीप सिंह ने बड़ी मुश्किल से बंदर को कार्यालय से बाहर निकाला। बंदर के बाहर जाने के बाद ही कार्यालय में मौजूद अध्यापक-अध्यापिकाओं की जान में जान आई। बंदर के जाने के बाद ही अध्यापकाें को दसवीं परीक्षा के प्रश्नपत्र बांटे गए। प्रश्न पत्र देरी से मिलने के कारण से खंड के स्कूलों में परीक्षा देरी से शुरू हुई।
सुबह जब खंड सरकारी एवं निजी स्कूलों के शिक्षक बीईओ कार्यालय से दसवीं की परीक्षा के प्रश्नपत्र लेने आए थे। अचानक ही एक बंदर कार्यालय में प्रवेश कर गया और उसने कार्यालय में रखे कागजातों और रजिस्टरों को फाड़ना शुरू कर दिया। अध्यापकों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया मगर वह बंदर बाहर जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। ऐसे में एक अध्यापक ने उसे डंडे के डर से बाहर निकालने का प्रयास किया, मगर बंदर ने उस अध्यापक पर हमला बोल दिया। अध्यापक को बड़ी मुश्किल से बंदर की चुुंगल से छुड़वाया गया।
बंदर ने बोर्ड के पेपर बांट रही लिपिक सोनू पर भी हमला कर दिया। बंदर के डर से कार्यालय में मौजूद महिला अध्यापिकाओं में अफरातफरी मच गई और वे डर के मारे इधर-उधर भागने लगी। कार्यालय में अफरातफरी के माहौल में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इस मामले को वन विभाग का बता कर अपना पल्ला झाड़ लिया। काफी देर के बाद कार्यालय कर्मी गुरदीप सिंह ने बड़ी मुश्किल से बंदर को कार्यालय से बाहर निकाला। बंदर के बाहर जाने के बाद ही कार्यालय में मौजूद अध्यापक-अध्यापिकाओं की जान में जान आई। बंदर के जाने के बाद ही अध्यापकाें को दसवीं परीक्षा के प्रश्नपत्र बांटे गए। प्रश्न पत्र देरी से मिलने के कारण से खंड के स्कूलों में परीक्षा देरी से शुरू हुई।