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यूएचबीवीएन के अधीक्षक अभियंता पर छेड़छाड़ का केस दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बिजली निगम की एक महिला कर्मी ने अधीक्षक अभियंता पर छेड़खानी करने और वेतन रोकने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत उसेने उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक व पुलिस को दी। इसके अलावा कुछ अन्य महिला कर्मियों ने भी अधीक्षक अभियंता पर अभद्र व्यवहार करने व नौकरी से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक, निदेशक व चीफ इंजीनियर को शिकायत भेजी है। पुलिस ने आरोपी अधीक्षक अभियंता नरेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक महिला कर्मी ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा कि वह सर्कल कार्यालय में तैनात है। उसे 30 जुलाई को दोपहर दो से तीन बजे के बीच अधीक्षक अभियंता नरेंद्र ने अपने कार्यालय में बुलाया। जब वह कार्यालय में गई तो उसने उसे कुर्सी पर बैठने के लिए बोला। कुछ देर बाद कुर्सी टेबल के नजदीक करके उससे कार्यालय में काम करने वाली लड़कियों के बारे में पूछा। उसने अपने काम पर ध्यान देने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया। इससे वह घबरा गई। इसके बाद आरोपी ने उसे कुछ देर और बैठने को कहा। कुछ देर बाद वह वहां से आई गई। शाम चार से पांच बजे के बीच आरोपी ने फिर उसे अपने कार्यालय में बुलाया।
आरोप है कि आरोपी ने उसे बाहर मिलने की बात कही। आरोपी ने कहा कि कार्यालय में बात नहीं होती। इसके बाद आरोपी ने उसे 31 जुलाई को 11 बजे मटका चौक के पास मिलने के लिए कहा। उसने मना कर दिया और कार्यालय से बाहर आ गई। आरोप है कि उसके मना करने पर आरोपी ने ठेकेदार से उसका वेतन रुकवा दिया। जब उन्होंने ठेकेदार से बातचीत की तो उन्होंने नौकरी से संबंधित दस्तावेज नहीं होने की बात कही। आरोप है कि अधीक्षक अभियंता उसे रोज किसी न किसी बात को लेकर परेशान कर रहे है और नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे है। इससे वह तनाव में है। परेशान होकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी।
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महिला थाना प्रभारी शीलावंती का कहना है कि महिला कर्मी की शिकायत पर आरोपी अधीक्षक अभियंता के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंग, उन्हीं अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पद के अनुरूप महिला कर्मी की योग्यता पूरी नहीं : नरेंद्र सिंह
अधीक्षक अभियंता नरेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत व बेबुनियाद है। आरोप लगाने वाली कर्मचारी जिस पद पर तैनात है, वह उसकी योग्यता पूरी नहीं करती। एएलएम का काम फिल्ड में होता है। परंतु उसकी ड्यूटी कार्यालय में लगा रखी है। इस बारे में उन्होंने ठेकेदार से भी बात की। जिस पर ठेकेदार ने अपनी गलती मानते हुए एएलएम का वेतन रोक दिया। ड्यूटी के दौरान यदि उसके साथ कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जवाबदेही तो उनकी ही होगी। खुद को बचाने के लिए कर्मचारी ने उसपर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाया है। वह किसी भी जांच को तैयार है।
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यमुनानगर। बिजली निगम की एक महिला कर्मी ने अधीक्षक अभियंता पर छेड़खानी करने और वेतन रोकने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत उसेने उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक व पुलिस को दी। इसके अलावा कुछ अन्य महिला कर्मियों ने भी अधीक्षक अभियंता पर अभद्र व्यवहार करने व नौकरी से निकालने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक, निदेशक व चीफ इंजीनियर को शिकायत भेजी है। पुलिस ने आरोपी अधीक्षक अभियंता नरेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एक महिला कर्मी ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा कि वह सर्कल कार्यालय में तैनात है। उसे 30 जुलाई को दोपहर दो से तीन बजे के बीच अधीक्षक अभियंता नरेंद्र ने अपने कार्यालय में बुलाया। जब वह कार्यालय में गई तो उसने उसे कुर्सी पर बैठने के लिए बोला। कुछ देर बाद कुर्सी टेबल के नजदीक करके उससे कार्यालय में काम करने वाली लड़कियों के बारे में पूछा। उसने अपने काम पर ध्यान देने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया। इससे वह घबरा गई। इसके बाद आरोपी ने उसे कुछ देर और बैठने को कहा। कुछ देर बाद वह वहां से आई गई। शाम चार से पांच बजे के बीच आरोपी ने फिर उसे अपने कार्यालय में बुलाया।
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आरोप है कि आरोपी ने उसे बाहर मिलने की बात कही। आरोपी ने कहा कि कार्यालय में बात नहीं होती। इसके बाद आरोपी ने उसे 31 जुलाई को 11 बजे मटका चौक के पास मिलने के लिए कहा। उसने मना कर दिया और कार्यालय से बाहर आ गई। आरोप है कि उसके मना करने पर आरोपी ने ठेकेदार से उसका वेतन रुकवा दिया। जब उन्होंने ठेकेदार से बातचीत की तो उन्होंने नौकरी से संबंधित दस्तावेज नहीं होने की बात कही। आरोप है कि अधीक्षक अभियंता उसे रोज किसी न किसी बात को लेकर परेशान कर रहे है और नौकरी से निकालने की धमकी दे रहे है। इससे वह तनाव में है। परेशान होकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी।
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महिला थाना प्रभारी शीलावंती का कहना है कि महिला कर्मी की शिकायत पर आरोपी अधीक्षक अभियंता के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंग, उन्हीं अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पद के अनुरूप महिला कर्मी की योग्यता पूरी नहीं : नरेंद्र सिंह
अधीक्षक अभियंता नरेंद्र सिंह का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत व बेबुनियाद है। आरोप लगाने वाली कर्मचारी जिस पद पर तैनात है, वह उसकी योग्यता पूरी नहीं करती। एएलएम का काम फिल्ड में होता है। परंतु उसकी ड्यूटी कार्यालय में लगा रखी है। इस बारे में उन्होंने ठेकेदार से भी बात की। जिस पर ठेकेदार ने अपनी गलती मानते हुए एएलएम का वेतन रोक दिया। ड्यूटी के दौरान यदि उसके साथ कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जवाबदेही तो उनकी ही होगी। खुद को बचाने के लिए कर्मचारी ने उसपर छेड़छाड़ का झूठा आरोप लगाया है। वह किसी भी जांच को तैयार है।