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Yamuna Nagar News: एक्शन मोड में दिखीं मंत्री, डिपो होल्डर का लाइसेंस रद्द
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गांवों के सरपंचों की भी अधिकारियों द्वारा इतनी जल्दी सुनवाई नहीं की जा रही। ऐसे में अब सरपंचों ने भी अब अधिकारियों से उम्मीद लगानी छोड़ दी है। इसलिए सीधे मंत्री से शिकायत कर रहे हैं। जब अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की तो तीन गांवों के सरपंचों ने जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक का दरवाजा खटखटाया। तीन में से दो तो महिला सरपंच थी, जिन्होंने खुद बैठक की अध्यक्षता करने पहुंची महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री कमलेश ढांडा के समक्ष अपनी बात रखी। सागड़ी गांव की सरपंच सविता की शिकायत पर तो मंत्री ने गांव के डिपो होल्डर का लाइसेंस रद्द करने करने के निर्देश दिए। बैठक में कुल 15 परिवाद निपटारे के लिए रखे गए। जिनमें से 14 मामलों में शिकायतकर्ताओं व आरोपी पक्ष ने आपसी रजामंदी से बाहर ही समझौता कर लिया था। एक परिवाद को आगामी बैठक के लिए लंबित रखा गया।
सागड़ी गांव की सरपंच सविता ने मंत्री को शिकायत दी कि उनके गांव का डिपो होल्डर बलजीत गांव वालों समय पर राशन नहीं देता। जब महिलाएं राशन नहीं देने की शिकायत करती हैं तो वह कहता है कि सरपंच ने उनके राशन कटवा दिए हैं। ग्रामीण इसकी शिकायत करने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग रादौर के इंस्पेक्टर के पास गए तो उन्होंने शिकायत लेने से मना कर दिया। वह महिलाओं को अपशब्द बोलता है। हालांकि अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने डिपो होल्डर को बचाने का प्रयास किया। खुद लपेटे में न आ जाएं इसलिए बैठक से तीन दिन पहले पांच सितंबर को डिपो होल्डर की राशन सप्लाई बंद कर दी। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए डिपो होल्डर का लाइसेंस रद्द करने को कहा। जिस पर मंत्री ने लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए।
साबापुर गांव की सरपंच सपना गांव में चार माह से खराब पड़े जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल की शिकायत लेकर मंत्री के पास पहुंची। सपना ने मंत्री को बताया कि चार माह से ट्यूबवेल खराब होने से गांव में पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोग बिना पानी के परेशान हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन का कहना है कि नया ट्यूबवेल गांव के लिए पास हो गया है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। परंतु इतने माह में अब तक ट्यूबवेल नहीं लगा। एक्सईएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि साबापुर में नए ट्यूबवेल का 23 लाख 18 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाया गया है। इसे मंजूरी के लिए एसई के पास भेजा गया है। टेंडर एजेंसी को अलॉट कर दिया है। एक माह में नया ट्यूबवेल लगा दिया जाएगा।
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बहरामपुर गांव के सरपंच मोहित ने गांव में सरकारी स्कूल के पास सड़क पर रखे शराब के ठेके को हटाने की मांग की। इससे विद्यार्थियों को परेशानी होती है। रात के समय शराब स्कूल के अंदर बैठकर शराब पीते हैं। चोरियां भी करते हैं। पास में ग्रामीण बैंक है। जिसमें जाने वाली महिलाओं को काफी दिक्कत होती है। इसलिए ठेके को वहां से जल्द हटाया जाए। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ठेका नियमानुसार रखा हुआ है। इस पर डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने शिक्षा विभाग से जिला परियोजना समन्वयक कैलाश कुमारी से पूछा कि क्या स्कूल में चौकीदार नहीं है। कैलाश कुमारी ने कहा कि चौकीदार का पद खाली है। डीसी ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम से चौकीदार रखने को कहा। क्योंकि स्कूल में हर वक्त पुलिस को बिठाकर नहीं रख सकते।
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सागड़ी गांव की सरपंच सविता ने मंत्री को शिकायत दी कि उनके गांव का डिपो होल्डर बलजीत गांव वालों समय पर राशन नहीं देता। जब महिलाएं राशन नहीं देने की शिकायत करती हैं तो वह कहता है कि सरपंच ने उनके राशन कटवा दिए हैं। ग्रामीण इसकी शिकायत करने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग रादौर के इंस्पेक्टर के पास गए तो उन्होंने शिकायत लेने से मना कर दिया। वह महिलाओं को अपशब्द बोलता है। हालांकि अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने डिपो होल्डर को बचाने का प्रयास किया। खुद लपेटे में न आ जाएं इसलिए बैठक से तीन दिन पहले पांच सितंबर को डिपो होल्डर की राशन सप्लाई बंद कर दी। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए डिपो होल्डर का लाइसेंस रद्द करने को कहा। जिस पर मंत्री ने लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए।
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साबापुर गांव की सरपंच सपना गांव में चार माह से खराब पड़े जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल की शिकायत लेकर मंत्री के पास पहुंची। सपना ने मंत्री को बताया कि चार माह से ट्यूबवेल खराब होने से गांव में पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोग बिना पानी के परेशान हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन का कहना है कि नया ट्यूबवेल गांव के लिए पास हो गया है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। परंतु इतने माह में अब तक ट्यूबवेल नहीं लगा। एक्सईएन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि साबापुर में नए ट्यूबवेल का 23 लाख 18 हजार रुपये का एस्टीमेट बनाया गया है। इसे मंजूरी के लिए एसई के पास भेजा गया है। टेंडर एजेंसी को अलॉट कर दिया है। एक माह में नया ट्यूबवेल लगा दिया जाएगा।
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बहरामपुर गांव के सरपंच मोहित ने गांव में सरकारी स्कूल के पास सड़क पर रखे शराब के ठेके को हटाने की मांग की। इससे विद्यार्थियों को परेशानी होती है। रात के समय शराब स्कूल के अंदर बैठकर शराब पीते हैं। चोरियां भी करते हैं। पास में ग्रामीण बैंक है। जिसमें जाने वाली महिलाओं को काफी दिक्कत होती है। इसलिए ठेके को वहां से जल्द हटाया जाए। आबकारी विभाग के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि ठेका नियमानुसार रखा हुआ है। इस पर डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने शिक्षा विभाग से जिला परियोजना समन्वयक कैलाश कुमारी से पूछा कि क्या स्कूल में चौकीदार नहीं है। कैलाश कुमारी ने कहा कि चौकीदार का पद खाली है। डीसी ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम से चौकीदार रखने को कहा। क्योंकि स्कूल में हर वक्त पुलिस को बिठाकर नहीं रख सकते।