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ई-रवाना पोर्टल पर अपलोड किए बिना ही बेच डाली लाखों की खनन सामग्री, प्लांट मालिक पर केस
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यमुनानगर। प्रतापनगर क्षेत्र स्क्रीनिंग प्लांट द्वारा भारी मात्रा में अवैध खनन किया गया। प्लांट मालिक द्वारा लाखों रुपये की खनन सामग्री ई-रवाना पोर्टल पर अपलोड किए बिना बेच डाली। खान एवं भू विभाग द्वारा जब प्लांट का निरीक्षण किया तो इसका खुलासा हुआ। जांच में प्लांट पर मिले मैनुअल रिकॉर्ड व ई-रवाना पोर्टल का डाटा मैच नहीं हुआ। मैनुअल रिकॉर्ड में जितना खनन दिखाया गया था, पोर्टल पर वह अपलोड नहीं मिला। खनन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्लांट मालिक ने ऐसा कर अवैध खनन किया है। इसकी शिकायत पुलिस को दी गई। प्रतापनगर थाना पुलिस ने मामले में प्लांट मालिक पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खान एवं भू विज्ञान विभाग के सहायक अभियंता ने प्रतापनगर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सुबह करीब साढ़े 11 बजे खनन निरीक्षक अमन, अरुण कुमार व रोहित सिंह राणा की टीम ने वंदेमातरम स्क्रीनिंग प्लांट का निरीक्षण किया था। जिसमें प्लांट के पीछे खनन सामग्री उठाने वाला लोडर अवैध रूप से काम करते हुए पाया गया। जब तक वे उसके नजदीक जाते आरोपी चालक लोडर लेकर वहां से फरार हो गया। इसके बाद उन्होंने स्क्रीनिंग प्लांट के कार्यालय का निरीक्षण कर ई-रवाना पोर्टल से विवरण लेकर जांच की।
जांच में पाया गया कि प्लांट मालिक द्वारा ई-रवाना पोर्टल पर 23 सितंबर को अंतिम बिक्री की गई थी। इसी तरह अंतिम खरीद 28 मई को की गई थी। इस दौरान टीम ने प्लांट मालिक द्वारा बनाए गए मैनुअल रिकॉर्ड को कब्जे में ले लिया। विवरण से पता चला कि 22 सितंबर से 27 सितंबर के बीच अन्य स्क्रीनिंग प्लांटों को भारी मात्रा में खनन सामग्री (मिक्स बजरी व रेत) बेची गई। इसी प्रकार प्लांट मालिक द्वारा गटका पत्थर भी काफी मात्रा में बेचा गया। आरोप है कि यह अवैध रूप से खनन किया गया था और बिना किसी ई-रवाना जारी किए बेचा गया था। क्योंकि प्लांट के मैनुअल आंकड़े ऑनलाइन ई-रवाना पोर्टल से मेल नहीं खाते हैं। इस प्रकार प्लांट मालिक न केवल अवैध खनन में शामिल है, बल्कि सरकार का टैक्स चोरी करने में भी उसका हाथ है। इसके अलावा अवैध खनन कर खनन विभाग को रॉयल्टी एवं बिक्री कर के राजस्व को नुकसान पहुंचाया है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में स्क्रीनिंग प्लांट मालिक पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जांच में पाया गया कि प्लांट मालिक द्वारा ई-रवाना पोर्टल पर 23 सितंबर को अंतिम बिक्री की गई थी। इसी तरह अंतिम खरीद 28 मई को की गई थी। इस दौरान टीम ने प्लांट मालिक द्वारा बनाए गए मैनुअल रिकॉर्ड को कब्जे में ले लिया। विवरण से पता चला कि 22 सितंबर से 27 सितंबर के बीच अन्य स्क्रीनिंग प्लांटों को भारी मात्रा में खनन सामग्री (मिक्स बजरी व रेत) बेची गई। इसी प्रकार प्लांट मालिक द्वारा गटका पत्थर भी काफी मात्रा में बेचा गया। आरोप है कि यह अवैध रूप से खनन किया गया था और बिना किसी ई-रवाना जारी किए बेचा गया था। क्योंकि प्लांट के मैनुअल आंकड़े ऑनलाइन ई-रवाना पोर्टल से मेल नहीं खाते हैं। इस प्रकार प्लांट मालिक न केवल अवैध खनन में शामिल है, बल्कि सरकार का टैक्स चोरी करने में भी उसका हाथ है। इसके अलावा अवैध खनन कर खनन विभाग को रॉयल्टी एवं बिक्री कर के राजस्व को नुकसान पहुंचाया है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में स्क्रीनिंग प्लांट मालिक पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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