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लाखों के चूजे, 35 बैग फीड धोखे से बेचने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गांव चौराही निवासी पर धोखाधड़ी व हेराफेरी से करीब सवा आठ लाख रुपये के चूजे व 35 बैग फीड के बेचने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वैंकी लिमिटेड कंपनी के शाखा प्रबंधक रमन कुमार ने पुलिस को दीगई शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी विभिन्न पोल्ट्री फार्म को निर्धारित संख्या में चूजे व उनके पालन पोषण के फीड उपलब्ध करवाती है। 35 दिन तक चूजों के पालन पोषण के बाद कपंनी की ओर से चूजों को खरीदा जाता है। चूजों को बेचने के बाद प्राप्त राशि में से निर्धारित कमीशन को किसान के खाते में डाल दिया जाता है।
रमन कुमार ने बताया कि कंपनी ने गांव चौराही निवासी धर्मपाल के पोल्ट्री फार्म में 16 जुलाई को 3919 चूजे व फीड के बैग पालन पोषण के लिए दिए थे। लगभग 35 दिन गुजर जाने के पश्चात जब कंपनी के कर्मचारी 20 अगस्त को पोल्ट्री फार्म पर पहुंचे तो दरवाजा बंद मिला और फार्म खाली था।
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बाद में पता चला कि धर्मपाल ने एक दिन पहले ही 3919 चूजों को किसी को बेच दिया व 35 बैग फीड के भी बेच दिए, जिनकी कीमत 8 लाख 25 हजार रुपये थी। कंपनी के अधिकारियों ने धर्मपाल के फोन पर संपर्क करना चाहा तो फोन बंद मिला।
कंपनी के अधिकारी धर्मपाल के घर पहुंचे तो परिजनों ने कोई संतोषजनक उतर नहीं दिया। थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर गांव चौराही के धर्मपाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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बिलासपुर। गांव चौराही निवासी पर धोखाधड़ी व हेराफेरी से करीब सवा आठ लाख रुपये के चूजे व 35 बैग फीड के बेचने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वैंकी लिमिटेड कंपनी के शाखा प्रबंधक रमन कुमार ने पुलिस को दीगई शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी विभिन्न पोल्ट्री फार्म को निर्धारित संख्या में चूजे व उनके पालन पोषण के फीड उपलब्ध करवाती है। 35 दिन तक चूजों के पालन पोषण के बाद कपंनी की ओर से चूजों को खरीदा जाता है। चूजों को बेचने के बाद प्राप्त राशि में से निर्धारित कमीशन को किसान के खाते में डाल दिया जाता है।
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रमन कुमार ने बताया कि कंपनी ने गांव चौराही निवासी धर्मपाल के पोल्ट्री फार्म में 16 जुलाई को 3919 चूजे व फीड के बैग पालन पोषण के लिए दिए थे। लगभग 35 दिन गुजर जाने के पश्चात जब कंपनी के कर्मचारी 20 अगस्त को पोल्ट्री फार्म पर पहुंचे तो दरवाजा बंद मिला और फार्म खाली था।
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बाद में पता चला कि धर्मपाल ने एक दिन पहले ही 3919 चूजों को किसी को बेच दिया व 35 बैग फीड के भी बेच दिए, जिनकी कीमत 8 लाख 25 हजार रुपये थी। कंपनी के अधिकारियों ने धर्मपाल के फोन पर संपर्क करना चाहा तो फोन बंद मिला।
कंपनी के अधिकारी धर्मपाल के घर पहुंचे तो परिजनों ने कोई संतोषजनक उतर नहीं दिया। थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर गांव चौराही के धर्मपाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।