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Yamuna Nagar News: यमुना के आसपास दिख रहे प्रवासी पक्षी, बैराज का चबूतरा सूना

Fri, 19 Dec 2025 03:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 19 Dec 2025 03:04 AM IST
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Migratory birds seen around Yamuna, barrage platform empty
कलेसर के पास यमुना नदी में अठखेलियां करते विदेशी मेहमान। संवाद
नवाब खान
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प्रतापनगर/यमुनानगर। हथिनीकुंड बैराज स्थित यमुना नदी एक बार फिर प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार हो गई है। सर्दी में हर वर्ष हजारों किलोमीटर का सफर तय कर यहां पहुंचने वाले प्रवासी पक्षी इस बार भी यमुना के शांत जलीय क्षेत्र में डेरा जमाए हुए हैं। हालांकि, एक समय प्रवासी पक्षियों से आबाद रहने वाला हथिनीकुंड बैराज का चबूतरा इस बार भी खाली पड़ा हुआ है। इससे पर्यावरण प्रेमियों व क्षेत्र के लोगों में निराशा है।
पहले हथिनीकुंड बैराज का चबूतरा प्रवासी पक्षियों का प्रमुख ठिकाना था। हर वर्ष दर्जनों प्रजातियों के सैकड़ों पक्षी इस चबूतरे पर दिखाई देते थे। विदेशी जलपक्षियों की चहचहाहट से यह क्षेत्र पर्यटकों व पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता था। परंत पिछले कुछ वर्षों से बैराज क्षेत्र में चलने वाली मोटर बोट के शोर और मानवीय दखल बढ़ने से प्रवासी पक्षियों ने इस स्थान से दूरी बना ली है। बोट चलने से पानी में लगातार शोर, हलचल से ध्वनि प्रदूषण बढ़ा है। इससे पक्षियों को असुरक्षा का एहसास होता है और वे शांत इलाकों की ओर रुख करने को मजबूर हो जाते हैं। यही कारण है कि बैराज का चबूतरा, जो कभी पक्षियों से भरा रहता था, आज सूना नजर आ रहा है। वहीं, दूसरी ओर यमुना के अपेक्षाकृत शांत और कम हस्तक्षेप वाले हिस्सों में प्रवासी पक्षियों का जमावड़ा देखने को मिल रहा है।
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पर्यावरणविदों का कहना है कि प्रवासी पक्षी पर्यावरण संतुलन के महत्वपूर्ण संकेतक होते हैं। उनका किसी क्षेत्र में आना इस बात का प्रमाण होता है कि वहां का पारिस्थितिकी तंत्र अनुकूल और सुरक्षित है। यदि बैराज जैसे स्थानों से पक्षी दूर हो रहे हैं, तो यह भविष्य के लिए चेतावनी भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बोट संचालन और मानवीय गतिविधियों को नियंत्रित किया जाए, तो प्रवासी पक्षियों को फिर से बैराज क्षेत्र की ओर आकर्षित किया जा सकता है। लोगों और प्रकृति प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र को शांत क्षेत्र घोषित किया जाए। वहीं, प्रवासी पक्षियों के आगमन के मौसम में बोट किशोर पर अस्थायी रोक लगाई जाए, ताकि पक्षियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। इससे न केवल जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में इको-टूरिज्म की संभावनाएं भी विकसित होंगी।
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इस बारे में वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है वैसे वैसे ही क्षेत्र में विदेशी मेहमानों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। प्रवासी पक्षियों को शांत वातावरण बहुत पसंद हैं। इसलिए हथिनीकुंड बैराज की बजाय प्रवासी पक्षी यमुना के शांत क्षेत्र में ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। संवाद
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