{"_id":"655fb102e519b93e8d0df645","slug":"malay-shia-monks-will-come-to-topra-kalan-chaneti-and-sugh-and-perform-mangal-recitation-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-9479-2023-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मलयेशिया भिक्षु टोपरा कलां, चनेटी और सुघ में आकर करेंगे मंगल पाठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मलयेशिया भिक्षु टोपरा कलां, चनेटी और सुघ में आकर करेंगे मंगल पाठ
विज्ञापन
यमुनानगर। मलयेशिया बुद्धिस्ट का प्रतिनिधि मंडल पहली बार टोपरा कलां, चनेटी और सुघ में आकर मंगल पाठ करेंगे। साथ ही इन सभी जगहों का भ्रमण करने के बाद यहां के इतिहास भी रूबरू होंगे। इसको लेकर स्थानीय बुद्धिस्ट फोरम की तरफ से सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। इतना ही नहीं भिक्षु टोपरा कलां में ग्रामीणों द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में भी शामिल होंगे तथा गांव के प्राचीन स्थलों का भी भ्रमण करेंगे।
उल्लेखनीय है जी-20 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस अशोक स्तंभ के इतिहास का जिक्र विदेशी मेहमानों के सामने किया था। उसके बाद से भिक्षुओं ने यहां बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों को भ्रमण करने की जिज्ञासा जताई है।
अमादलपुर से वापस हो जाएगा प्रतिनिधि मंडल
बुद्धिस्ट फोरम के जनरल सेक्रेटरी सिद्धार्थ गौरी ने बताया कि भिक्षु सभी स्थलों का भ्रमण करने के बाद अंत में अमादलपुर गांव में पहुंचेंगे। वे यहां भी बौद्ध स्तूप पर जाएंगे। यहां पूजा अर्चना करने के बाद वापस मलेशिया के लिए दिल्ली से रवाना हो जाएंगे। गौरी ने बताया कि यह प्रतिनिधि मंडल मलेशिया से बौद्ध भिक्षु सेक कायली महाथेरो के नेतृत्व में यहां पहुंचेगा, जिसमें 27 महिला और 11 पुरुष अनुयायी होंगे। जबकि सेक कायली महाथेरो खुद अवेकनिंग हरमिटेज मंदिर केदाह, मलेशिया के मुख्य भिक्षु हैं।
विज्ञापन
टोपरा कलां, चनेटी और सुघ का यह रहा इतिहास
बता दें दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में जो अशोक स्तंभ पर गढ़ा हुआ है, उसे 2500 साल पहले सम्राट अशोक यमुनानगर खंड रादौर के गांव टोपरा कलां से तोड़कर दिल्ली लेकर आया था। वहीं गांव चनेटी के करीब 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में ईंटों से बने से आठ मीटर की ऊंचाई वाला एक विशाल मकबरा है। गोल आकार में बना, यह एक पुराना बौद्ध स्तूप है। इसी तरह सुघ गांव में प्राचीन टीला, जिसे सुघ के प्राचीन स्थल के रूप में भी जाना जाता है, यमुनानगर जिले के अमादलपुर दयालगढ़ गांव में स्थित है। अमादलपुर में सूर्यमंदिर-तीर्थ निकट ही है। टीले की परिधि लगभग पांच किमी है और यह यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र के पश्चिमी तट पर स्थित है।
भिक्षुओं के प्रतिनिधि मंडल को लेकर सभी तैयारी कर ली गई हैं। वे यहां मंगल पाठ के साथ-साथ पूजा अर्चना भी करेंगे। इसके अलावा ग्रामीणों द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में भी शामिल होंगे। पहली बार यह प्रतिनिधि मंडल यमुनानगर में आ रहा है। सभी जगहों का भ्रमण करने के बाद अंत में अमादलपुर पहुंचेंगे उसके बाद वीरवार रात को दिल्ली से मलेशिया के लिए रवाना हो जाएंगे।
-सिद्धार्थ गौरी, जनरल सेक्रेटरी, बुद्धिस्ट फोरम।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है जी-20 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस अशोक स्तंभ के इतिहास का जिक्र विदेशी मेहमानों के सामने किया था। उसके बाद से भिक्षुओं ने यहां बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों को भ्रमण करने की जिज्ञासा जताई है।
विज्ञापन
अमादलपुर से वापस हो जाएगा प्रतिनिधि मंडल
बुद्धिस्ट फोरम के जनरल सेक्रेटरी सिद्धार्थ गौरी ने बताया कि भिक्षु सभी स्थलों का भ्रमण करने के बाद अंत में अमादलपुर गांव में पहुंचेंगे। वे यहां भी बौद्ध स्तूप पर जाएंगे। यहां पूजा अर्चना करने के बाद वापस मलेशिया के लिए दिल्ली से रवाना हो जाएंगे। गौरी ने बताया कि यह प्रतिनिधि मंडल मलेशिया से बौद्ध भिक्षु सेक कायली महाथेरो के नेतृत्व में यहां पहुंचेगा, जिसमें 27 महिला और 11 पुरुष अनुयायी होंगे। जबकि सेक कायली महाथेरो खुद अवेकनिंग हरमिटेज मंदिर केदाह, मलेशिया के मुख्य भिक्षु हैं।
विज्ञापन
टोपरा कलां, चनेटी और सुघ का यह रहा इतिहास
बता दें दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में जो अशोक स्तंभ पर गढ़ा हुआ है, उसे 2500 साल पहले सम्राट अशोक यमुनानगर खंड रादौर के गांव टोपरा कलां से तोड़कर दिल्ली लेकर आया था। वहीं गांव चनेटी के करीब 100 वर्ग मीटर के क्षेत्र में ईंटों से बने से आठ मीटर की ऊंचाई वाला एक विशाल मकबरा है। गोल आकार में बना, यह एक पुराना बौद्ध स्तूप है। इसी तरह सुघ गांव में प्राचीन टीला, जिसे सुघ के प्राचीन स्थल के रूप में भी जाना जाता है, यमुनानगर जिले के अमादलपुर दयालगढ़ गांव में स्थित है। अमादलपुर में सूर्यमंदिर-तीर्थ निकट ही है। टीले की परिधि लगभग पांच किमी है और यह यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्र के पश्चिमी तट पर स्थित है।
भिक्षुओं के प्रतिनिधि मंडल को लेकर सभी तैयारी कर ली गई हैं। वे यहां मंगल पाठ के साथ-साथ पूजा अर्चना भी करेंगे। इसके अलावा ग्रामीणों द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में भी शामिल होंगे। पहली बार यह प्रतिनिधि मंडल यमुनानगर में आ रहा है। सभी जगहों का भ्रमण करने के बाद अंत में अमादलपुर पहुंचेंगे उसके बाद वीरवार रात को दिल्ली से मलेशिया के लिए रवाना हो जाएंगे।
-सिद्धार्थ गौरी, जनरल सेक्रेटरी, बुद्धिस्ट फोरम।