{"_id":"d0b7c08f6a2f63828442a84eb1b0e910","slug":"makka-huj-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मक्का हादसे में बाल-बाल बचे यमुनानगर के छह हज यात्री ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मक्का हादसे में बाल-बाल बचे यमुनानगर के छह हज यात्री
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Fri, 25 Sep 2015 12:18 AM IST
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मक्का में हुए हादसे में जिले के छह हज यात्री बाल-बाल बच गए। जिस समय हादसा हुआ, उस समय वे परिक्रमा पूरी कर बाहर निकलने वाले थे। अचानक हेलिकाप्टर और एंबुलेंस के वहां पहुंचने पर उन्हें भगदड़ में लोगों के मरने का पता चला।
इनेलो के वरिष्ठ नेता जाहिद खान ने बताया कि उनका बेटा शकील और बहू संजीदा, हाजी मशरुफ व उनकी बेगम फरमीदा, हमीदा के पूर्व एमसी महबूब अपनी बेगम के साथ हज के लिए मक्का गए थे। वीरवार को टीवी के माध्यम से उन्हें मक्का में हुए हादसे के बारे में पता चला। जाहिद खान ने अपने बेटे को फोन लगाया, लेकिन शकील ने फोन नहीं उठाया।
तीन बार फोन मिलाने के बाद भी जब शकील ने फोन नहीं उठाया तो जाहिद खान और परिवार के अन्य सदस्यों की बेचैनी बढ़ गई। जब उन्होंने चौथी बार फोन लगाया तो शकील ने फोन उठा लिया। जाहिद ने बताया कि शकील काफी घबराया हुआ था और उसने सभी के सकुशल होने की बात कही। इसके बाद जाहिद ने राहत की सांस ली।
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कुछ देर बार जाहिद खान ने दोबारा फोन किया तो शकील ने बताया कि वे सभी अपने खेमे में पहुंच गए हैं। हादसे के बारे में शकील ने बताया कि वे परिक्रमा कर शैतान को कंकड़ी मारने की रस्म पूरी कर बाहर निकलने वाले थे। उनके पीछे आ रहा हज यात्रियों का हुजूम शैतान को कंकड़ी मार रहा था।
तभी अचानक आसमान में हेलिकाप्टर नजर आए और बाहर एंबुलेंस का सायरन सुनाई दिया। देखते ही देखते पुलिस कर्मी भी वहां पहुंच गए और लोगों का जल्दी-जल्दी बाहर निकालने लगे। तब उन्हें पता चला कि भीतर भगदड़ मचने से हादसा हो गया है। शकील ने बताया कि मृतकों व घायलों को नजदीक के मीना अस्पताल ले जाया गया। शकील के अनुसार अंदर बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी थे। मरने वालों में उनकी संख्या काफी अधिक है।
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इनेलो के वरिष्ठ नेता जाहिद खान ने बताया कि उनका बेटा शकील और बहू संजीदा, हाजी मशरुफ व उनकी बेगम फरमीदा, हमीदा के पूर्व एमसी महबूब अपनी बेगम के साथ हज के लिए मक्का गए थे। वीरवार को टीवी के माध्यम से उन्हें मक्का में हुए हादसे के बारे में पता चला। जाहिद खान ने अपने बेटे को फोन लगाया, लेकिन शकील ने फोन नहीं उठाया।
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तीन बार फोन मिलाने के बाद भी जब शकील ने फोन नहीं उठाया तो जाहिद खान और परिवार के अन्य सदस्यों की बेचैनी बढ़ गई। जब उन्होंने चौथी बार फोन लगाया तो शकील ने फोन उठा लिया। जाहिद ने बताया कि शकील काफी घबराया हुआ था और उसने सभी के सकुशल होने की बात कही। इसके बाद जाहिद ने राहत की सांस ली।
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कुछ देर बार जाहिद खान ने दोबारा फोन किया तो शकील ने बताया कि वे सभी अपने खेमे में पहुंच गए हैं। हादसे के बारे में शकील ने बताया कि वे परिक्रमा कर शैतान को कंकड़ी मारने की रस्म पूरी कर बाहर निकलने वाले थे। उनके पीछे आ रहा हज यात्रियों का हुजूम शैतान को कंकड़ी मार रहा था।
तभी अचानक आसमान में हेलिकाप्टर नजर आए और बाहर एंबुलेंस का सायरन सुनाई दिया। देखते ही देखते पुलिस कर्मी भी वहां पहुंच गए और लोगों का जल्दी-जल्दी बाहर निकालने लगे। तब उन्हें पता चला कि भीतर भगदड़ मचने से हादसा हो गया है। शकील ने बताया कि मृतकों व घायलों को नजदीक के मीना अस्पताल ले जाया गया। शकील के अनुसार अंदर बड़ी संख्या में बुजुर्ग भी थे। मरने वालों में उनकी संख्या काफी अधिक है।