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Yamuna Nagar News: ठगी करने की मुख्य आरोपी स्टाफ नर्स गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 May 2023 12:43 AM IST
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Main accused of cheating staff nurse arrested
सिविल अस्पताल में में नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लोगों से लगभग 30 लाख रुपये की ठगी करने की मुख्य आरोपी स्टाफ नर्स इंदू बाला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ठगी में शामिल अन्य आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। स्टाफ नर्स से आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में आरोपी से ठगी की रकम बरामद करनी है। नौकरी दिलाने के नाम पर जिन लोगों से ठगी हुई थी, उन्होंने 16 मई को सिविल सर्जन कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। जिसके बाद सिविल सर्जन ने पुलिस को शिकायत दी। मामले में 17 मई को शहर पुलिस ने स्टाफ नर्स इंदू, पूर्व चतुर्थ श्रेणी कर्मी गगन व बिजली निगम के कर्मी जठलाना निवासी राजेश शर्मा पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। शिकायत में लगभग 30 लाख रुपये ठगने की बात कही गई थी।
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गांव उन्हेड़ी निवासी सतीश कुमार, मॉडर्न कॉलोनी निवासी सुरेश, ज्योति, सविता, सौरव, गौरव, संदीप, प्रीति, हितेश, रजत, सचिन व परमजीत आदि ने बताया था कि सिविल अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी इंदू है। उसके पास कार्यरत एक कर्मी ने उन्हें बताया था कि उसे पता चला है कि अस्पताल का नया भवन बन रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में विभिन्न पदों पर पक्के कर्मचारी रखे जाने हैं। पता लगने पर वह अस्पताल की उससे मिले। नर्स अधिकारी ने उन्हें बताया कि नौकरी के लिए रुपये देने होंगे। उन लोगों से 50 हजार रुपये से सात लाख रुपये तक लिए गए। बाद में उन्हें पता चला कि अस्पताल में तो कोई वेकेंसी निकली ही नहीं। इसकी शिकायत उन्होंने 19 अप्रैल को एसपी को भी दी थी। कार्रवाई के लिए मंगलवार को सिविल सर्जन को मिले थे। इसके बाद मामले में सिविल अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी ईंदू, पूर्व चतुर्थ श्रेणी कर्मी गगन, बिजली विभाग के कर्मी जठलाना निवासी राजेश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
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शिकायतकर्ताओं ने बताया कि स्टाफ नर्स के लिए ज्योति से 5.50 लाख रुपये, एंबुलेंस ड्राइवर के लिए शाहरूख खान से 3.50 लाख रुपये, ग्रुप डी के लिए सविता से 3.30 लाख, कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए सौरव से 4 लाख, गौरव से 3.70 लाख, मदन से 4.25 लाख, ग्रुप डी के लिए बिंदिया से 7 लाख, कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए संदीप सैनी से 1.75 लाख, ग्रुप डी में डीसी रेट के लिए संदीप से 50 हजार, डीसी रेट पर स्टाफ नर्स के लिए प्रीति से 70 हजार, फॉर्मेसी में सतीश कुमार से 4.50 लाख, इलेक्ट्रिशियन के लिए हितेश स 2.25 लाख, कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए रजत से 4 लाख, डीसी रेट पर ग्रुप डी में सचिन से 40 व परमजीत से 50 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं ने बताया था कि नर्स ने रुपये लेने के बाद पांच-छह लोगों को अस्पताल में काम पर भी बुलाया गया। किसी को सुबह नौ बजे तो किसी को दोपहर दो बजे अस्पताल में ड्यूटी पर बुलाया जाता था। उनसे फाइलें एक कमरे से दूसरे में लाने ले जाने का काम कराया गया। ताकि युवाओं को लगे कि उनकी नौकरी लग गई है। कुछ दिन बाद उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उधर, शहर थाना प्रभारी पृथ्वी सिंह का कहना है कि सिविल सर्जन की शिकायत पर नर्स अधिकारी समेत तीन लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। शिकायत में 14 लोगों से लगभग 30 लाख रुपये ठगने का आरोप है।
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