{"_id":"630538221c9c557fb00f9679","slug":"lumpy-s-illusion-demand-for-open-milk-decreased-in-dairy-demand-for-packing-increased-yamuna-nagar-news-knl118757521","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंपी का भ्रम: डेयरी में खुले दूध की मांग घटी, पैकिंग की डिमांड बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंपी का भ्रम: डेयरी में खुले दूध की मांग घटी, पैकिंग की डिमांड बढ़ी
विज्ञापन
डेयरी कांप्लेक्स दड़वा में भैंस का दूध निकालते प्रधान जितेंद्र लांबा।
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। लंपी वायरस से गायों के बीमार होने का असर इनके दूध पर भी पड़ रहा है। बीमारी के डर से लोग डेयरियों व पशुपालकों से गायों का दूध नहीं खरीद रहे हैं। डेयरियों में गाय के दूध की मांग 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। जबकि पशु चिकित्सक कह रहे हैं कि गाय का दूध पीने से किसी के स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता। दूध को उबालकर पी सकते हैं। वहीं इसके विपरीत दुकानों पर पैकिंग वाले दूध की मांग तेजी से बढ़ गई है। जबकि पैकिंग वाले दूध की कीमत कंपनियों ने दो रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दी हैं। दूध की मांग घटने से डेयरी संचालकों को रोजाना काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जिले में अब तक 11 हजार से ज्यादा गोवंश को लंपी वायरस अपनी चपेट में ले चुका है। लंपी वायरस के गोवंश में फैलने वाला वायरस जनित रोग है। जिसमें पशु को तेज बुखार, नाक व मुंह से पानी गिरना, भूख न लगना, दूध में गिरावट आदि लक्षण दिखाई देते हैं। पशु के पूरे शरीर पर चकत्ते व गांठ हो जाती हैं जो बाद फूट कर घाव बन जाते हैं। यह एक संक्रामक बीमारी है जो मच्छर, मक्खी व चीचड़ के माध्यम से फैलती है। अभी तक जिले में केवल गोवंश में ही यह रोग पाया गया है। एक भी भैंस में इसके लक्षण नहीं मिले हैं। दूध बेचने वाले बिलासपुर निवासी सतपाल का कहना है कि वह बाइक पर घर-घर जाकर दूध बेचता है। लोगों ने गाय का दूध लेना बंद कर दिया है। दूध भी ऐसे लोगों ने बंद किया है जो सर्विस मैन हैं।
40 प्रतिशत तक मांग कम हो गई है: जितेंद्र लांबा
दड़वा डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान जितेंद्र लांबा का कहना है कि लोगों में भ्रम फैल गया है कि दूध पीने से कहीं वह भी बीमार न हो जाए। इसलिए लोग गाय का दूध कम पीने लगे हैं। डेयरी में गाय के दूध की मांग 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। यदि किसी के पास चार गाय हैं तो उसे एक माह में कम से कम 10 से 12 हजार रुपये का नुकसान है। इतना ही नहीं लोगों को लग रहा है कि यह बीमारी भैंसों में भी फैल गई है, जबकि यह सच नहीं है। किसी भैंस में यह बीमारी नहीं हैं। भैंस के साथ-साथ गाय का दूध भी पूरी तरह से ठीक है। दुकानों पर जो पैकिंग वाला दूध बिक रहा है वह भी तो डेयरियों से खरीद कर ही पैक किया जा रहा है।
विज्ञापन
दूध पीने से कोई दिक्कत नहीं: डॉ. सतबीर सैनी
पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. सतबीर सैनी ने बताया कि पशुपालकों को लंपी बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। बीमारी को लेकर पशुपालक सीधे डॉ. विजय चौधरी के मोबाइल नंबर 9354153722 पर भी संपर्क कर सकते हैं। पशुओं को वैक्सीन लगाने का कार्य विभाग ने शुरू कर दिया है। गाय व भैंस दोनों का दूध पूरी तरह से सुरक्षित है। गाय के दूध को अच्छी तरह उबाल का पीया जा सकता है। जिससे स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
विज्ञापन
जिले में अब तक 11 हजार से ज्यादा गोवंश को लंपी वायरस अपनी चपेट में ले चुका है। लंपी वायरस के गोवंश में फैलने वाला वायरस जनित रोग है। जिसमें पशु को तेज बुखार, नाक व मुंह से पानी गिरना, भूख न लगना, दूध में गिरावट आदि लक्षण दिखाई देते हैं। पशु के पूरे शरीर पर चकत्ते व गांठ हो जाती हैं जो बाद फूट कर घाव बन जाते हैं। यह एक संक्रामक बीमारी है जो मच्छर, मक्खी व चीचड़ के माध्यम से फैलती है। अभी तक जिले में केवल गोवंश में ही यह रोग पाया गया है। एक भी भैंस में इसके लक्षण नहीं मिले हैं। दूध बेचने वाले बिलासपुर निवासी सतपाल का कहना है कि वह बाइक पर घर-घर जाकर दूध बेचता है। लोगों ने गाय का दूध लेना बंद कर दिया है। दूध भी ऐसे लोगों ने बंद किया है जो सर्विस मैन हैं।
विज्ञापन
40 प्रतिशत तक मांग कम हो गई है: जितेंद्र लांबा
दड़वा डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान जितेंद्र लांबा का कहना है कि लोगों में भ्रम फैल गया है कि दूध पीने से कहीं वह भी बीमार न हो जाए। इसलिए लोग गाय का दूध कम पीने लगे हैं। डेयरी में गाय के दूध की मांग 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। यदि किसी के पास चार गाय हैं तो उसे एक माह में कम से कम 10 से 12 हजार रुपये का नुकसान है। इतना ही नहीं लोगों को लग रहा है कि यह बीमारी भैंसों में भी फैल गई है, जबकि यह सच नहीं है। किसी भैंस में यह बीमारी नहीं हैं। भैंस के साथ-साथ गाय का दूध भी पूरी तरह से ठीक है। दुकानों पर जो पैकिंग वाला दूध बिक रहा है वह भी तो डेयरियों से खरीद कर ही पैक किया जा रहा है।
विज्ञापन
दूध पीने से कोई दिक्कत नहीं: डॉ. सतबीर सैनी
पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. सतबीर सैनी ने बताया कि पशुपालकों को लंपी बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। बीमारी को लेकर पशुपालक सीधे डॉ. विजय चौधरी के मोबाइल नंबर 9354153722 पर भी संपर्क कर सकते हैं। पशुओं को वैक्सीन लगाने का कार्य विभाग ने शुरू कर दिया है। गाय व भैंस दोनों का दूध पूरी तरह से सुरक्षित है। गाय के दूध को अच्छी तरह उबाल का पीया जा सकता है। जिससे स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।