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Yamuna Nagar News: धूमधाम से मनाया लोहड़ी, मकर संक्रांति का पर्व
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बिलासपुर के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में प्रवचन करती साध्वी सिद्धेश्वरी भारती व अन्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में राष्ट्रीय युवा दिवस के साथ लोहड़ी एवं मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान साध्वी सिद्धेश्वरी भारती ने युवाओं को जागृत करते हुए कहा कि भारत में मनाए जाने वाले पर्व एवं त्योहार मानवीय जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के लिए महान सूत्रों को संजोये हुए हैं। जब इन त्योहारों के पीछे छिपे हुए आध्यात्मिक रहस्यों को अनदेखा करके हम केवल इनके भौतिक पहलुओं को अपना लेते हैं तो ये त्योहार अर्थहीन हो जाते हैं।
साध्वी ने कहा कि जब समाज का युवा वर्ग अपने भीतर आध्यात्मिक क्रांति ला कर सामाजिक कल्याण के लिए कदम बढ़ाएगा तभी महान भारतीय संस्कृति की पहचान विश्व में पुन: उजागर होगी। साध्वी ने लोहड़ी पर्व के बारे में कहा कि लोहड़ी की रात्रि को अग्नि जलाकर उसके चारों ओर परिक्रमा करते हुए तिल एवं खाद्य पदार्थों को जलाना, भगवान श्री कृष्ण के द्वारा भगवद्गीता में किए गए उद्घोष की ओर संकेत करता है जो अर्जुन को स्पष्ट रूप से कहते हैं कि ज्ञान अग्नि सभी कर्मों को जलाकर भस्म कर देती है।
मकर संक्रांति के दौरान किए जाने वाले स्नान, ध्यान, पूजा-पाठ, दान, यज्ञ इत्यादि हमारे आध्यात्मिक शुद्धिकरण में सहायक होते हैं। महाकुंभ के दौरान ध्यान भक्ति एवं तप के रंग में रंगे हुए संत महात्माओं का समावेश एक साधारण मानव को भी दैवीय तरंगों से तरंगित कर देता है। कार्यक्रम के दौरान समाज में युवाओं की आध्यात्मिक जागृति, नारी सशक्तीकरण एवं लिंग समानता के लिए व्याख्यान दिए गए।
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बिलासपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में राष्ट्रीय युवा दिवस के साथ लोहड़ी एवं मकर संक्रांति का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान साध्वी सिद्धेश्वरी भारती ने युवाओं को जागृत करते हुए कहा कि भारत में मनाए जाने वाले पर्व एवं त्योहार मानवीय जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के लिए महान सूत्रों को संजोये हुए हैं। जब इन त्योहारों के पीछे छिपे हुए आध्यात्मिक रहस्यों को अनदेखा करके हम केवल इनके भौतिक पहलुओं को अपना लेते हैं तो ये त्योहार अर्थहीन हो जाते हैं।
साध्वी ने कहा कि जब समाज का युवा वर्ग अपने भीतर आध्यात्मिक क्रांति ला कर सामाजिक कल्याण के लिए कदम बढ़ाएगा तभी महान भारतीय संस्कृति की पहचान विश्व में पुन: उजागर होगी। साध्वी ने लोहड़ी पर्व के बारे में कहा कि लोहड़ी की रात्रि को अग्नि जलाकर उसके चारों ओर परिक्रमा करते हुए तिल एवं खाद्य पदार्थों को जलाना, भगवान श्री कृष्ण के द्वारा भगवद्गीता में किए गए उद्घोष की ओर संकेत करता है जो अर्जुन को स्पष्ट रूप से कहते हैं कि ज्ञान अग्नि सभी कर्मों को जलाकर भस्म कर देती है।
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मकर संक्रांति के दौरान किए जाने वाले स्नान, ध्यान, पूजा-पाठ, दान, यज्ञ इत्यादि हमारे आध्यात्मिक शुद्धिकरण में सहायक होते हैं। महाकुंभ के दौरान ध्यान भक्ति एवं तप के रंग में रंगे हुए संत महात्माओं का समावेश एक साधारण मानव को भी दैवीय तरंगों से तरंगित कर देता है। कार्यक्रम के दौरान समाज में युवाओं की आध्यात्मिक जागृति, नारी सशक्तीकरण एवं लिंग समानता के लिए व्याख्यान दिए गए।

बिलासपुर के दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में प्रवचन करती साध्वी सिद्धेश्वरी भारती व अन्य।
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