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नाबालिग सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले पिता को आजीवन कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 15 वर्षीय सौतेली बेटी से दुष्कर्म करने वाले 65 वर्षीय पिता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। करीब ढाई साल चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। नाबालिग की गवाही व फारेंसिक लैब की रिपोर्ट सजा का मुख्य आधार रही।
महिला थाना पुलिस ने 13 मार्च 2019 को पीड़िता के सौतेले पिता पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। बाल कल्याण समिति को मार्च 2019 में दी शिकायत में किशोरी ने बताया था कि उसकी मां ने एक व्यक्ति से दूसरी शादी की थी। शादी के बाद मां की कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने बड़े भाई के साथ सौतेले पिता के घर में रह रही थी।
घर के नजदीक ही उसके सौतेले पिता ने दुकान कर रखी थी। स्कूल से आने के बाद जब वह घर में अकेली होती तो सौतेला पिता घर पहुंच जाता और उसके साथ गलत काम करता था। पिछले दो साल से उसका सौतेला पिता उसके साथ गलत काम कर रहा है। इस बारे में किसी को बताने पर उसे व उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी जाती है। इस बारे में उसने पड़ोस में रहने वाली एक आंटी को बताया था। जिसने बाल कल्याण समिति को सूचना दी।
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इसके बाद समिति की टीम ने किशोरी की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग में किशोरी ने जब अपने बाल कल्याण समिति को आपबीती सुनाई तो वह भी यह बात सुनकर हैरान रह गई। इसके बाद महिला थाना पुलिस को शिकायत दी गई। जिला बाल संरक्षण की कार्यकारी अधिकारी आंचल की शिकायत पर 13 मार्च 2019 को फर्कपुर की एक कालोनी निवासी व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म करने का केस दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। तभी से मामले कोर्ट में चल रहा था।
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यमुनानगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 15 वर्षीय सौतेली बेटी से दुष्कर्म करने वाले 65 वर्षीय पिता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। करीब ढाई साल चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। नाबालिग की गवाही व फारेंसिक लैब की रिपोर्ट सजा का मुख्य आधार रही।
महिला थाना पुलिस ने 13 मार्च 2019 को पीड़िता के सौतेले पिता पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। बाल कल्याण समिति को मार्च 2019 में दी शिकायत में किशोरी ने बताया था कि उसकी मां ने एक व्यक्ति से दूसरी शादी की थी। शादी के बाद मां की कैंसर से मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने बड़े भाई के साथ सौतेले पिता के घर में रह रही थी।
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घर के नजदीक ही उसके सौतेले पिता ने दुकान कर रखी थी। स्कूल से आने के बाद जब वह घर में अकेली होती तो सौतेला पिता घर पहुंच जाता और उसके साथ गलत काम करता था। पिछले दो साल से उसका सौतेला पिता उसके साथ गलत काम कर रहा है। इस बारे में किसी को बताने पर उसे व उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी जाती है। इस बारे में उसने पड़ोस में रहने वाली एक आंटी को बताया था। जिसने बाल कल्याण समिति को सूचना दी।
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इसके बाद समिति की टीम ने किशोरी की काउंसलिंग की गई। काउंसलिंग में किशोरी ने जब अपने बाल कल्याण समिति को आपबीती सुनाई तो वह भी यह बात सुनकर हैरान रह गई। इसके बाद महिला थाना पुलिस को शिकायत दी गई। जिला बाल संरक्षण की कार्यकारी अधिकारी आंचल की शिकायत पर 13 मार्च 2019 को फर्कपुर की एक कालोनी निवासी व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म करने का केस दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। तभी से मामले कोर्ट में चल रहा था।