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Yamuna Nagar News: सेवानिवृत्त बीएसएफ जवान, प्रोफेसर व दुकानदार से लाखों ठगे
Fri, 26 Apr 2024 04:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 26 Apr 2024 04:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। साइबर ठगों ने खुद को बैंक कर्मी बताकर बीएसएफ के सेवानिवृत्त जवान, रिटायर्ड प्रोफेसर व दुकानदार से लाखों रुपये की ठगी की। ठगों ने जहां बीएसएफ सेवानिवृत्त जवान मॉडर्न कॉलोनी निवासी शशि कुमार मेहता के पास के तीन क्रेडिट कार्ड व बैंक खाते से 489652 रुपये निकाल लिए। वहीं, रिटायर्ड प्रोफेसर शास्त्री कॉलोनी निवासी डा. रामस्वरूप शर्मा से नए क्रेडिट कार्ड की केवाईसी कराने के नाम पर 112200 रुपये की ठगी की। इसी तरह दुकानदार मंडी गांव निवासी अकिल हसन से 57652 रुपये की ठगी की। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मॉडर्न कॉलोनी निवासी शशि कुमार मेहता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बीएसएफ से सेवानिवृत्त है। अभी वह अपने गांव शेरपुर सुलखनी में खेती करता है। उसका साढौरा स्थित एचडीएफसी बैंक में बचत खाता है। उसके पास 15 फरवरी को करीब ढाई बजे अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का कर्मी बताया।
आरोपी ने उसे आजीवन समय के लिए निशुल्क क्रेडिट कार्ड देने का झांसा दिया। लेकिन उसने क्रेडिट कार्ड लेने से मना कर फोन काट दिया। 25 मिनट बाद उसके पास खाते 50 हजार रुपये कटने का संदेश आया। इसके कुछ देर बाद फिर से 50 हजार रुपये कटने का दूसरा संदेश आया। उसने तुरंत अपने बैंक मैनेजर को फोन किया और उससे अपने खाते को जांचने के बारे में कहा। तब बैंक मैनेजर ने उसे बताया कि उनके खाते से 50-50 हजार रुपये निकालने की नौ एंट्री लगी हुई है।
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उसने मैनेजर को तुरंत एंट्री रोकने को कहा। बैंक मैनेजर ने तब छह एंट्री रोक दी। लेकिन तीन एंट्री वह नहीं रोक पाए। अर्थात ठग उसके खाते से डेढ़ लाख रुपये निकाल चुका था। अभी उसकी बैंक मैनेजर से बात खत्म हुई थी कि उसके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से 50998 रुपये कटने का संदेश आया। इसके तुरंत बाद 50998-50998 रुपये निकलने के दो और संदेश आए। तीन बार में ठग ने उसके क्रेडिट कार्ड से भी 152994 रुपये निकाल लिए।
उसने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड बंद करवाया। इसके बाद उसके मोबाइल पर फिर से उसके इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड से तीन बार में 118433 रुपये कटने के संदेश आए। उसने तुरंत यह कार्ड भी बंद करवाया। इसके कुछ देर बाद उसके मोबाइल पर फिर से उसके आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड से चार बार में 68225 रुपये कटने का संदेश आया। शशि मेहता ने बताया कि उसने किसी को कोई ओटीपी नहीं दिया और न ही बैंक खाते के बारे में किसी को कोई जानकारी दी। फिर भी अनजान साइबर ठगों ने उसके तीन क्रेडिट कार्ड व एक बैंक खाते से 489652 रुपये निकाल लिए।
शास्त्री कॉलोनी निवासी डॉ. रामस्वरूप शर्मा ने साइबर क्राइम पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रिटायर्ड प्रोफेसर है। उसके पास आरबीएल बैंक का क्रेडिट कार्ड है। 21 अप्रैल की सुबह सात बजे उसके पास अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम प्रिंस शर्मा बताया। आरोपी ने उसे बताया कि वह इंडसइंड बैंक से बोल रहा है। यह कॉल ई केवाईसी के लिए की गई है। उसने आरोपी पर विश्वास कर लिया।
आरोपी ने उसे कहा कि हम उसका दो लाख की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड बना देंगे। नए क्रेडिट कार्ड के लिए आप ई-केवाईसी करवा लें। इसके बाद आरोपी ने फोन काट दिया। उसी दिन दोपहर ढाई बजे फिर उसके मोबाइल पर फोन आया। आरोपी ने फिर उसे ई केवाईसी करवाने के लिए कहा। आरोपी ने खुद को बैंक कर्मी बताकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद जैसा आरोपी कहता गया, उसने वैसा ही किया।
अंत में आरोपी ने उसे कहा कि तकनीकी कारण से उनकी ई केवाईसी नहीं हुई है। कल सुबह वह उनकी केवाईसी कर देंगे। 22 अप्रैल की सुबह जब उसने क्रेडिट कार्ड की जांच की तो उसमें से 51 हजार रुपये और 61200 रुपये निकले हुए थे। आरोप है कि साइबर ठग ने उससे 112200 रुपये की ठगी की है। उसने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया और इसकी शिकायत पुलिस को दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।
मंडी गांव निवासी अकिल हसन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने घर पर ही करियाना की दुकान खोली हुई है। पांच अप्रैल की सुबह दस बजे वह अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। तभी उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मी बताते हुए कहा कि उसका क्रेडिट कार्ड बंद हो चुका है।
बैंक की तरफ से नया कार्ड बनाने की स्कीम आई हुई है। जिसके लिए उसे कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। आरोपी की बातों में आकर उसने क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए आरोपी को हां बोल दिया। 12 अप्रैल को उसके घर डाक द्वारा एक क्रेडिट कार्ड पहुंचा। इसके बाद फिर से उसके पास क्रेडिट कार्ड एक्टिव कराने के लिए फोन आने शुरू हो गए। फोन करने वाले ने उसे कहा कि इस कार्ड के साथ उसे एक हेल्थ कार्ड भी दिया जाएगा।
उसके पूरे परिवार को हेल्थ इंश्योरेंस निशुल्क होगा। हेल्थ कार्ड बनाने के लिए आरोपी ने उसे अपनी बातों में उलझाकर क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीवी नंबर ले लिए। बाद में उससे ओटीपी भी ले लिया। इसके बाद 20 अप्रैल की शाम को उसके खाते से 57652 रुपये कटने का संदेश आया। आरोप है कि साइबर ठगों ने खुद को बैंक कर्मी बताकर उससे 57652 रुपये की ऑनलाइन ठगी की है। साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।
तीनों मामलों में अज्ञात ठगों पर केस दर्ज कर लिया है। तीनों मामलों की जांच की जा रही है। ठगों का पता कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। - विशाल सैनी, थाना प्रभारी साइबर क्राइम।
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यमुनानगर। साइबर ठगों ने खुद को बैंक कर्मी बताकर बीएसएफ के सेवानिवृत्त जवान, रिटायर्ड प्रोफेसर व दुकानदार से लाखों रुपये की ठगी की। ठगों ने जहां बीएसएफ सेवानिवृत्त जवान मॉडर्न कॉलोनी निवासी शशि कुमार मेहता के पास के तीन क्रेडिट कार्ड व बैंक खाते से 489652 रुपये निकाल लिए। वहीं, रिटायर्ड प्रोफेसर शास्त्री कॉलोनी निवासी डा. रामस्वरूप शर्मा से नए क्रेडिट कार्ड की केवाईसी कराने के नाम पर 112200 रुपये की ठगी की। इसी तरह दुकानदार मंडी गांव निवासी अकिल हसन से 57652 रुपये की ठगी की। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मॉडर्न कॉलोनी निवासी शशि कुमार मेहता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बीएसएफ से सेवानिवृत्त है। अभी वह अपने गांव शेरपुर सुलखनी में खेती करता है। उसका साढौरा स्थित एचडीएफसी बैंक में बचत खाता है। उसके पास 15 फरवरी को करीब ढाई बजे अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का कर्मी बताया।
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आरोपी ने उसे आजीवन समय के लिए निशुल्क क्रेडिट कार्ड देने का झांसा दिया। लेकिन उसने क्रेडिट कार्ड लेने से मना कर फोन काट दिया। 25 मिनट बाद उसके पास खाते 50 हजार रुपये कटने का संदेश आया। इसके कुछ देर बाद फिर से 50 हजार रुपये कटने का दूसरा संदेश आया। उसने तुरंत अपने बैंक मैनेजर को फोन किया और उससे अपने खाते को जांचने के बारे में कहा। तब बैंक मैनेजर ने उसे बताया कि उनके खाते से 50-50 हजार रुपये निकालने की नौ एंट्री लगी हुई है।
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उसने मैनेजर को तुरंत एंट्री रोकने को कहा। बैंक मैनेजर ने तब छह एंट्री रोक दी। लेकिन तीन एंट्री वह नहीं रोक पाए। अर्थात ठग उसके खाते से डेढ़ लाख रुपये निकाल चुका था। अभी उसकी बैंक मैनेजर से बात खत्म हुई थी कि उसके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से 50998 रुपये कटने का संदेश आया। इसके तुरंत बाद 50998-50998 रुपये निकलने के दो और संदेश आए। तीन बार में ठग ने उसके क्रेडिट कार्ड से भी 152994 रुपये निकाल लिए।
उसने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड बंद करवाया। इसके बाद उसके मोबाइल पर फिर से उसके इंडसइंड बैंक के क्रेडिट कार्ड से तीन बार में 118433 रुपये कटने के संदेश आए। उसने तुरंत यह कार्ड भी बंद करवाया। इसके कुछ देर बाद उसके मोबाइल पर फिर से उसके आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड से चार बार में 68225 रुपये कटने का संदेश आया। शशि मेहता ने बताया कि उसने किसी को कोई ओटीपी नहीं दिया और न ही बैंक खाते के बारे में किसी को कोई जानकारी दी। फिर भी अनजान साइबर ठगों ने उसके तीन क्रेडिट कार्ड व एक बैंक खाते से 489652 रुपये निकाल लिए।
शास्त्री कॉलोनी निवासी डॉ. रामस्वरूप शर्मा ने साइबर क्राइम पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रिटायर्ड प्रोफेसर है। उसके पास आरबीएल बैंक का क्रेडिट कार्ड है। 21 अप्रैल की सुबह सात बजे उसके पास अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम प्रिंस शर्मा बताया। आरोपी ने उसे बताया कि वह इंडसइंड बैंक से बोल रहा है। यह कॉल ई केवाईसी के लिए की गई है। उसने आरोपी पर विश्वास कर लिया।
आरोपी ने उसे कहा कि हम उसका दो लाख की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड बना देंगे। नए क्रेडिट कार्ड के लिए आप ई-केवाईसी करवा लें। इसके बाद आरोपी ने फोन काट दिया। उसी दिन दोपहर ढाई बजे फिर उसके मोबाइल पर फोन आया। आरोपी ने फिर उसे ई केवाईसी करवाने के लिए कहा। आरोपी ने खुद को बैंक कर्मी बताकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद जैसा आरोपी कहता गया, उसने वैसा ही किया।
अंत में आरोपी ने उसे कहा कि तकनीकी कारण से उनकी ई केवाईसी नहीं हुई है। कल सुबह वह उनकी केवाईसी कर देंगे। 22 अप्रैल की सुबह जब उसने क्रेडिट कार्ड की जांच की तो उसमें से 51 हजार रुपये और 61200 रुपये निकले हुए थे। आरोप है कि साइबर ठग ने उससे 112200 रुपये की ठगी की है। उसने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया और इसकी शिकायत पुलिस को दी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।
मंडी गांव निवासी अकिल हसन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने घर पर ही करियाना की दुकान खोली हुई है। पांच अप्रैल की सुबह दस बजे वह अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। तभी उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मी बताते हुए कहा कि उसका क्रेडिट कार्ड बंद हो चुका है।
बैंक की तरफ से नया कार्ड बनाने की स्कीम आई हुई है। जिसके लिए उसे कोई दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। आरोपी की बातों में आकर उसने क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए आरोपी को हां बोल दिया। 12 अप्रैल को उसके घर डाक द्वारा एक क्रेडिट कार्ड पहुंचा। इसके बाद फिर से उसके पास क्रेडिट कार्ड एक्टिव कराने के लिए फोन आने शुरू हो गए। फोन करने वाले ने उसे कहा कि इस कार्ड के साथ उसे एक हेल्थ कार्ड भी दिया जाएगा।
उसके पूरे परिवार को हेल्थ इंश्योरेंस निशुल्क होगा। हेल्थ कार्ड बनाने के लिए आरोपी ने उसे अपनी बातों में उलझाकर क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीवी नंबर ले लिए। बाद में उससे ओटीपी भी ले लिया। इसके बाद 20 अप्रैल की शाम को उसके खाते से 57652 रुपये कटने का संदेश आया। आरोप है कि साइबर ठगों ने खुद को बैंक कर्मी बताकर उससे 57652 रुपये की ऑनलाइन ठगी की है। साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है।
तीनों मामलों में अज्ञात ठगों पर केस दर्ज कर लिया है। तीनों मामलों की जांच की जा रही है। ठगों का पता कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। - विशाल सैनी, थाना प्रभारी साइबर क्राइम।