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मंडियों में गेहूं खरीद बंद होने के बावजूद उठान धीमा
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जगाधरी अनाजमंडी में खुले में पड़ी गेहूं की बोरियां।
- फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। गेहूं खरीद का सीजन जोरों पर है। लगातार किसान फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। हालांकि सरकार ने शनिवार और रविवार को दो दिन खरीद पर रोक लगा दी है। बावजूद इसके गेहूं के कट्टों से मंडियां अटी पड़ी हैं। जिले की सभी 13 मंडियों के यही हाल है। कहीं उठान नहीं हो रहा है, तो कहीं खराब मौसम से गेहूं बचाने के लिए तिरपाल इत्यादि के प्रबंध नहीं हैं, तो कहीं बारदाना नहीं है। शनिवार को खरीद न होने के बाद भी उठान में तेजी नहीं आई। आढ़ती गेहूं बचाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। जगाधरी अनाजमंडी में हजारों कट्टे लापरवाही के कारण खराब होने की कगार पर हैं।
गोदाम तक गेहूं नहीं पहुंचाया जा रहा है, जिससे शेड पूरी तरह भरे पड़े हैं। करीब एक लाख से ज्यादा कट्टे यहां पड़े हैं। जिले की सभी मंडियों में अब तक कुल 185377 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई, जिसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 70677 मीट्रिक टन, हैफेड ने 81874 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन ने 32826 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी है। जबकि शुक्रवार तक शहर की जगाधरी मंडी में 25268 मीट्रिक टन और यमुनानगर में 437 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है।
तिरपाल से गेहूं बचाने की कोशिश
रादौर। मंडियों में गेहूं का उठान न होने के चलते सरकार ने शनिवार व रविवार को गेहूं की खरीद न किए जाने की घोषणा की है। इसके बावजूद अनाज मंडी में शनिवार को फड़ पर लगभग 1 लाख 82 हजार से अधिक गेहूं के कट्टे खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। जिनमें से 85 हजार से अधिक कट्टे हैफेड व 97 हजार से अधिक कट्टे वेयरहाउस के फड़ पर पड़े हैं। मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है।
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हालांकि शुक्रवार रात हल्की बूंदाबांदी के बाद शनिवार को धूप निकलने पर आढ़तियों, किसानों व अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बारिश को लेकर आढ़तियों की ओर से मंडी में गेहूं के चट्टे लगाकर उन पर तिरपाल ढकी गई है। दोपहर बाद धूप होने पर चट्टों पर ढकी तिरपालों को हटाया गया।
मंडी में गेहूं की खरीद बंद होने के बावजूद बहुत से किसान अपनी गेहूं की फसल को ट्रैक्टर ट्राली से लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन ऐसे किसानों की संख्या बहुत कम थी। रविवार को भी गेहूं की खरीद नहीं होगी। आढ़ती पूर्ण आहूजा व कर्मवीर खुर्दबन ने बताया कि मशीनों से किसानों द्वारा 2-3 दिनों में गेहूं की इतनी कटाई करवाई गई। मंडी में रिकार्ड गेहूं की आवक होने पर जाम लग गया है।
उधर प्रशासन की ओर से गेहूं की भराई के लिए फटा हुआ बारदाना रादौर अनाज मंडी में भिजवाने से किसानों व आढ़तियों में भारी रोष है। बारदाना फटा पड़ा है और हल्की क्वालिटी का है। किसान नरेश, राजू, विपिन कांबोज, रामकुमार, राजकुमार ने बताया कि मंडी में 10 प्रतिशत बारदाना फटी हालत में है। आढ़ती फटे हुए बारदाने को ठीक करवा कर उसमें गेहूं भरवा रहे हैं। जिससे उनके समय की बर्बादी हो रही है।
मार्केट कमेटी सचिव जयसिंह बरहेडी ने बताया कि रादौर, गुमथला व जठलाना अनाज मंडियों में अब तक कुल 2 लाख, 83 हजार, 800 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। जिसमें से 2 लाख, 25 हजार, 195 क्विंटल गेहूं रादौर में, 23095 क्विंटल गेहूं जठलाना में तथा 35510 क्विंटल गेहूं गुमथला अनाज मंडी में आवक हुई है। जिसमें से 1 लाख, 15 हजार, 605 क्विंटल हैफेड ने रादौर में, 1 लाख, 9 हजार, 690 क्विंटल गेहूं वेयरहाउस ने रादौर में खरीद की है। हैफेड ने गुमथला में 35510 व जठलाना में 23095 क्विंटल गेहूं की खरीद की है।
किसानों को नहीं हो रही पेमेंट
छछरौली। यहां किसानों का भुगतान 72 घंटे में करने के सरकार के दावे खोखले नजर आ रहे हैं। मंडी सीजन शुरु हुए 16 दिन हो गए और समय पर किसानों की पेमेंट नहीं हो पाई है। जिसे लेकर किसानों व आढ़तियों में रोष है। छछरौली अनाज मंडी एसोसिएशन प्रधान प्रेम सागर, जगमाल शेरपुर, लवली, लाली व रणबीर किसान यशपाल, राजेश, कर्मवीर, नेत्रपाल ने बताया कि सरकार किसानों के भुगतान के प्रति गंभीर नहीं है।
सरकार का कहना था कि 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान किया जाएगा। इसके बाद 9 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा। किसान आढ़तियों का कहना है कि ब्याज तो दूर की बात है उनकी फसल का भुगतान तक लेट किया जा रहा है। आढ़ती जगमाल शेरपुर का कहना है कि पिछले कई दिनों से हैफेड के पास बारदाना समाप्त हो रहा है, जिसकी वजह से तोल कार्य सही नहीं हो पा रहा। मंडी में उठान भी धीमी गति से चल रहा है।
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जगाधरी। गेहूं खरीद का सीजन जोरों पर है। लगातार किसान फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं। हालांकि सरकार ने शनिवार और रविवार को दो दिन खरीद पर रोक लगा दी है। बावजूद इसके गेहूं के कट्टों से मंडियां अटी पड़ी हैं। जिले की सभी 13 मंडियों के यही हाल है। कहीं उठान नहीं हो रहा है, तो कहीं खराब मौसम से गेहूं बचाने के लिए तिरपाल इत्यादि के प्रबंध नहीं हैं, तो कहीं बारदाना नहीं है। शनिवार को खरीद न होने के बाद भी उठान में तेजी नहीं आई। आढ़ती गेहूं बचाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। जगाधरी अनाजमंडी में हजारों कट्टे लापरवाही के कारण खराब होने की कगार पर हैं।
गोदाम तक गेहूं नहीं पहुंचाया जा रहा है, जिससे शेड पूरी तरह भरे पड़े हैं। करीब एक लाख से ज्यादा कट्टे यहां पड़े हैं। जिले की सभी मंडियों में अब तक कुल 185377 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई, जिसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 70677 मीट्रिक टन, हैफेड ने 81874 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन ने 32826 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी है। जबकि शुक्रवार तक शहर की जगाधरी मंडी में 25268 मीट्रिक टन और यमुनानगर में 437 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है।
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तिरपाल से गेहूं बचाने की कोशिश
रादौर। मंडियों में गेहूं का उठान न होने के चलते सरकार ने शनिवार व रविवार को गेहूं की खरीद न किए जाने की घोषणा की है। इसके बावजूद अनाज मंडी में शनिवार को फड़ पर लगभग 1 लाख 82 हजार से अधिक गेहूं के कट्टे खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। जिनमें से 85 हजार से अधिक कट्टे हैफेड व 97 हजार से अधिक कट्टे वेयरहाउस के फड़ पर पड़े हैं। मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है।
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हालांकि शुक्रवार रात हल्की बूंदाबांदी के बाद शनिवार को धूप निकलने पर आढ़तियों, किसानों व अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बारिश को लेकर आढ़तियों की ओर से मंडी में गेहूं के चट्टे लगाकर उन पर तिरपाल ढकी गई है। दोपहर बाद धूप होने पर चट्टों पर ढकी तिरपालों को हटाया गया।
मंडी में गेहूं की खरीद बंद होने के बावजूद बहुत से किसान अपनी गेहूं की फसल को ट्रैक्टर ट्राली से लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन ऐसे किसानों की संख्या बहुत कम थी। रविवार को भी गेहूं की खरीद नहीं होगी। आढ़ती पूर्ण आहूजा व कर्मवीर खुर्दबन ने बताया कि मशीनों से किसानों द्वारा 2-3 दिनों में गेहूं की इतनी कटाई करवाई गई। मंडी में रिकार्ड गेहूं की आवक होने पर जाम लग गया है।
उधर प्रशासन की ओर से गेहूं की भराई के लिए फटा हुआ बारदाना रादौर अनाज मंडी में भिजवाने से किसानों व आढ़तियों में भारी रोष है। बारदाना फटा पड़ा है और हल्की क्वालिटी का है। किसान नरेश, राजू, विपिन कांबोज, रामकुमार, राजकुमार ने बताया कि मंडी में 10 प्रतिशत बारदाना फटी हालत में है। आढ़ती फटे हुए बारदाने को ठीक करवा कर उसमें गेहूं भरवा रहे हैं। जिससे उनके समय की बर्बादी हो रही है।
मार्केट कमेटी सचिव जयसिंह बरहेडी ने बताया कि रादौर, गुमथला व जठलाना अनाज मंडियों में अब तक कुल 2 लाख, 83 हजार, 800 क्विंटल गेहूं की आवक हुई है। जिसमें से 2 लाख, 25 हजार, 195 क्विंटल गेहूं रादौर में, 23095 क्विंटल गेहूं जठलाना में तथा 35510 क्विंटल गेहूं गुमथला अनाज मंडी में आवक हुई है। जिसमें से 1 लाख, 15 हजार, 605 क्विंटल हैफेड ने रादौर में, 1 लाख, 9 हजार, 690 क्विंटल गेहूं वेयरहाउस ने रादौर में खरीद की है। हैफेड ने गुमथला में 35510 व जठलाना में 23095 क्विंटल गेहूं की खरीद की है।
किसानों को नहीं हो रही पेमेंट
छछरौली। यहां किसानों का भुगतान 72 घंटे में करने के सरकार के दावे खोखले नजर आ रहे हैं। मंडी सीजन शुरु हुए 16 दिन हो गए और समय पर किसानों की पेमेंट नहीं हो पाई है। जिसे लेकर किसानों व आढ़तियों में रोष है। छछरौली अनाज मंडी एसोसिएशन प्रधान प्रेम सागर, जगमाल शेरपुर, लवली, लाली व रणबीर किसान यशपाल, राजेश, कर्मवीर, नेत्रपाल ने बताया कि सरकार किसानों के भुगतान के प्रति गंभीर नहीं है।
सरकार का कहना था कि 72 घंटे के अंदर किसानों को भुगतान किया जाएगा। इसके बाद 9 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा। किसान आढ़तियों का कहना है कि ब्याज तो दूर की बात है उनकी फसल का भुगतान तक लेट किया जा रहा है। आढ़ती जगमाल शेरपुर का कहना है कि पिछले कई दिनों से हैफेड के पास बारदाना समाप्त हो रहा है, जिसकी वजह से तोल कार्य सही नहीं हो पा रहा। मंडी में उठान भी धीमी गति से चल रहा है।