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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों का इंस्पायर मानक अवार्ड का रुझान नहीं
Mon, 05 Oct 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:29 AM IST
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जिला शिक्षा सदन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए चल रही इंस्पायर मानक अवार्ड योजना के प्रति विद्यार्थियों में रुझान नहीं दिख रहा है। इस बार जिले के राजकीय और निजी स्कूलों के 1,800 विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक केवल 800 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।
लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग को अभी 1,000 और विद्यार्थियों का पंजीकरण कराना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्तूबर है और अब केवल छह दिन शेष हैं। इंस्पायर मानक अवार्ड के तहत विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याएं पहचान कर उनके वैज्ञानिक समाधान के लिए नए विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को सामने लाना और उनमें नवाचार की भावना विकसित करना है। ऐसे विचार, जिनसे समाज और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी समस्याओं का समाधान संभव हो, भेजे जा सकते हैं।
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शिक्षाविद पूर्व प्राचार्य गोबिंद सिंह भाटिया, मोहम्मद सलीम, सर्वोदय गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों के मन में आने वाले छोटे-छोटे विचार भी भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। जिले में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक आधे से भी कम पंजीकरण होने से शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने पर जोर देना होगा।
विशेषकर ऐसे विद्यार्थियों की पहचान जरूरी है, जिनके मन में विज्ञान से जुड़े नए विचार आते हैं और जो अपने आसपास की समस्याओं का समाधान तलाशने में रुचि रखते हैं।
चयनित विद्यार्थियों को मिलते हैं 10,000 रुपये
इंस्पायर मानक अवार्ड के तहत जिन विद्यार्थियों के विचारों का चयन होता है, उन्हें अपने विचार को मॉडल का रूप देने के लिए 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे विद्यार्थी अपने विचार को वास्तविक रूप देने के लिए जरूरी सामग्री जुटा सकते हैं। साथ ही उन्हें अपनी वैज्ञानिक समझ और रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलता है।
जिले के स्कूलों को आवेदन कराने के लिए पत्र भेजा गया है। जिन खंड में विद्यार्थियों के आवेदन कम आए हैं, उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। - विशाल सिंघल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।
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जगाधरी। वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए चल रही इंस्पायर मानक अवार्ड योजना के प्रति विद्यार्थियों में रुझान नहीं दिख रहा है। इस बार जिले के राजकीय और निजी स्कूलों के 1,800 विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक केवल 800 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।
लक्ष्य पूरा करने के लिए विभाग को अभी 1,000 और विद्यार्थियों का पंजीकरण कराना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अक्तूबर है और अब केवल छह दिन शेष हैं। इंस्पायर मानक अवार्ड के तहत विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याएं पहचान कर उनके वैज्ञानिक समाधान के लिए नए विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है।
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इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को सामने लाना और उनमें नवाचार की भावना विकसित करना है। ऐसे विचार, जिनसे समाज और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी समस्याओं का समाधान संभव हो, भेजे जा सकते हैं।
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शिक्षाविद पूर्व प्राचार्य गोबिंद सिंह भाटिया, मोहम्मद सलीम, सर्वोदय गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों के मन में आने वाले छोटे-छोटे विचार भी भविष्य में बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। जिले में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक आधे से भी कम पंजीकरण होने से शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने पर जोर देना होगा।
विशेषकर ऐसे विद्यार्थियों की पहचान जरूरी है, जिनके मन में विज्ञान से जुड़े नए विचार आते हैं और जो अपने आसपास की समस्याओं का समाधान तलाशने में रुचि रखते हैं।
चयनित विद्यार्थियों को मिलते हैं 10,000 रुपये
इंस्पायर मानक अवार्ड के तहत जिन विद्यार्थियों के विचारों का चयन होता है, उन्हें अपने विचार को मॉडल का रूप देने के लिए 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे विद्यार्थी अपने विचार को वास्तविक रूप देने के लिए जरूरी सामग्री जुटा सकते हैं। साथ ही उन्हें अपनी वैज्ञानिक समझ और रचनात्मकता को आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलता है।
जिले के स्कूलों को आवेदन कराने के लिए पत्र भेजा गया है। जिन खंड में विद्यार्थियों के आवेदन कम आए हैं, उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। - विशाल सिंघल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।