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Yamuna Nagar News: बीज, कीटनाशक परीक्षण के लिए खुलेगी लैब
Tue, 18 Mar 2025 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 18 Mar 2025 02:09 AM IST
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राजेश कुमार
यमुनानगर। धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को अब प्रदेश सरकार 4000 रुपये प्रति एकड़ के बजाय 4500 रुपये देगी। वहीं मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत धान की खेती छोड़ने पर सब्सिडी 7000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 8000 रुपये की गई है। जिले के किसानों को सरकार की इन दोनों ही योजनाओं का फायदा होगा।
वर्ष 2024 में जिले में कृषि विभाग को सीधी बिजाई (डीएसआर) का टारगेट 15 हजार एकड़ का मिला था। जबकि वर्ष 2023 में सीधी बिजाई का टारगेट 12 हजार एकड़ का था। कृषि विभाग भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को सीधी बिजाई करने के लिए प्रेरित करता रहता है। सीधी बिजाई मई माह से 15 जून तक की जाती है।
धान की सीधी बिजाई के कई लाभ होते हैं। इसमें पानी कम लगता है और लागत में भी कमी आती है। इस विधि से धान की बिजाई करने पर खेत में लगातार पानी बनाए रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस विधि से किसान जीरो टिलेज मशीन में खाद व बीज डालकर आसानी से बुआई कर सकते हैं। इससे बीज की बचत होती है और उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ती है।
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मुख्यमंत्री ने बजट में यमुनानगर में स्ट्रॉबेरी के लिए उत्कृष्टता केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि जिले में स्ट्राॅ बेरी का रकबा 10 एकड़ से भी कम है। यदि जिले में स्ट्रॉबेरी के लिए उत्कृष्टता केंद्र खुलता है तो इससे बागवानी से जुड़े किसानों को काफी फायदा होगा। जिला बागवानी अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार सोलंकी का कहना है कि इस केंद्र के खुलने से किसानों का रुझान स्ट्रॉ बेरी उत्पादन की तरफ बढ़ेगा। आधुनिक तकनीक से स्ट्राॅ बेरी की नई किस्मों को ईजाद करने में मदद मिलेगी। स्ट्रॉ बेरी की पैकेजिंग करने व आसानी से पौधे उपलब्ध हो सकेंगे।
बजट में मुख्यमंत्री ने हर जिले में बीज परीक्षण लैब खोलने की बात भी कही है। लैब खुलने से किसान इसमें विभिन्न फसलों के बीजों की जांच करवा सकेंगे, क्योंकि अक्सर किसानों द्वारा आरोप लगाए जाते हैं कंपनी ने उन्हें घटिया व नकली बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराया है। जिससे खेतों में फसल नहीं हुई और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। धान की बिजाई के लिए किसान अक्सर डीलरों से ही बीज खरीदते हैं। बीज में किसी तरह की कमी मिलने पर किसान दावा ठोंक सकेंगे। संवाद
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यमुनानगर। धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को अब प्रदेश सरकार 4000 रुपये प्रति एकड़ के बजाय 4500 रुपये देगी। वहीं मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत धान की खेती छोड़ने पर सब्सिडी 7000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 8000 रुपये की गई है। जिले के किसानों को सरकार की इन दोनों ही योजनाओं का फायदा होगा।
वर्ष 2024 में जिले में कृषि विभाग को सीधी बिजाई (डीएसआर) का टारगेट 15 हजार एकड़ का मिला था। जबकि वर्ष 2023 में सीधी बिजाई का टारगेट 12 हजार एकड़ का था। कृषि विभाग भी ज्यादा से ज्यादा किसानों को सीधी बिजाई करने के लिए प्रेरित करता रहता है। सीधी बिजाई मई माह से 15 जून तक की जाती है।
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धान की सीधी बिजाई के कई लाभ होते हैं। इसमें पानी कम लगता है और लागत में भी कमी आती है। इस विधि से धान की बिजाई करने पर खेत में लगातार पानी बनाए रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस विधि से किसान जीरो टिलेज मशीन में खाद व बीज डालकर आसानी से बुआई कर सकते हैं। इससे बीज की बचत होती है और उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ती है।
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मुख्यमंत्री ने बजट में यमुनानगर में स्ट्रॉबेरी के लिए उत्कृष्टता केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि जिले में स्ट्राॅ बेरी का रकबा 10 एकड़ से भी कम है। यदि जिले में स्ट्रॉबेरी के लिए उत्कृष्टता केंद्र खुलता है तो इससे बागवानी से जुड़े किसानों को काफी फायदा होगा। जिला बागवानी अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार सोलंकी का कहना है कि इस केंद्र के खुलने से किसानों का रुझान स्ट्रॉ बेरी उत्पादन की तरफ बढ़ेगा। आधुनिक तकनीक से स्ट्राॅ बेरी की नई किस्मों को ईजाद करने में मदद मिलेगी। स्ट्रॉ बेरी की पैकेजिंग करने व आसानी से पौधे उपलब्ध हो सकेंगे।
बजट में मुख्यमंत्री ने हर जिले में बीज परीक्षण लैब खोलने की बात भी कही है। लैब खुलने से किसान इसमें विभिन्न फसलों के बीजों की जांच करवा सकेंगे, क्योंकि अक्सर किसानों द्वारा आरोप लगाए जाते हैं कंपनी ने उन्हें घटिया व नकली बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराया है। जिससे खेतों में फसल नहीं हुई और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। धान की बिजाई के लिए किसान अक्सर डीलरों से ही बीज खरीदते हैं। बीज में किसी तरह की कमी मिलने पर किसान दावा ठोंक सकेंगे। संवाद