फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Kissa Bhya Da made people laugh

किस्सा ब्याह दा ने लोटपोट किया

Sun, 20 Dec 2015 12:21 AM IST
यमुनानगर/अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 20 Dec 2015 12:21 AM IST
विज्ञापन
Kissa Bhya Da made people laugh

विज्ञापन


शादी के बाद शायद ही ऐसी कोई जोड़ी (पति-पत्नी) होगी, जिनके बीच नोक-झोंक न होती हो। छोटी-छोटी बात पर एक-दूसरे से रूठ जाना और फिर फूलों को गुलदस्ता या अन्य चीज देकर मनाने का सिलसिला ताउम्र चलता रहता है। पति-पत्नी के बीच होने वाली इसी नोक-झोंक के ताने-बाने को केडी जोन, गुरजस तथा सूबे सिंह प्रोडक्शन ने किस्सा ब्याह दा... पंजाबी म्यूजिकल कॉमेडी प्ले में इस खूबसूरत अंदाज में प्रस्तुत किया कि सभी दंग रह गए।

डीएवी गर्ल्स कॉलेज में यह प्ले हुआ। नाटक की शुरुआत में दिखाया गया कि काका (नायक गुरजीत सिंह) जब कैटरिना कैफ की फिल्म देखने थियेटर जाता है तो उसे टिकट नहीं मिलती। वहां काकी (नायिका जसविंद्र कौर) से उसकी मुलाकात होती है जो उसे टिकट खरीदकर दे देती है। दोनों साथ बैठकर फिल्म देखते हैं और फिर उनकी प्रेम कहानी शुरू हो जाती है। अभी दोनों का प्यार परवान चढ़ ही रहा होता है कि काका के परिजन उनकी शादी तय कर देते हैं, लेकिन शादी वाले दिन काकी उसे अपने साथ भगाकर ले जाती है। दोनों अपने-अपने परिवार से अलग रहना शुरू कर देते हैं। घर चलाने के लिए काकी जहां बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है, वहीं अभिनय का भूत सिर पर लिए हुए काका छोटी-मोटी नौकरी कुछ दिन करने के बाद छोड़ देता है। पैसे की तंगी के चलते काकी को अपने अरमानों का गला घोंटने पर मजबूर होना पड़ता है। नाटक में शराबी, भीख मांगने वाले तथा इंश्योरेंस एजेंट की एंट्री सभी को खूब हंसाती है।
विज्ञापन


बसों में धक्के खाकर तंग आ चुकी काकी जब काका से लोन पर कार लेने की बात कहती है, तो उनमें तकरार बढ़ जाती है और घर छोड़कर जाने की बात कहती है। इसी बीच काकी एक बच्चे को जन्म देती है। इसके बाद काकी कनाडा में नौकरी कर पैसा कमाकर अपने अरमानों को पूरा करना चाहती है। उसे कनाडा से नौकरी का लेटर आ जाता है, तो वह पति व बेटे को छोड़कर जाने के लिए तैयार हो जाती है। एक बार फिर दोनों में तीखी नोकझोंक होती है। काका उसे समझाता है अपने देश में भी इज्जत की नौकरी कर अरमानों को पूरा किया जा सकता है। पति द्वारा समझाए जाने पर काकी विदेश जाने से इंकार कर देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाटक के जरिए युवा में बढ़ रही नशे की प्रवृति पर करारा व्यंग्य किया गया। नाटक को सफल बनाने में नरेटर संदीप सिंह, लवली, आशू, रोबिन, राजन, चरणजीत, काका व माधव ने सहयोग दिया। मौके पर केडी जोन के चेयरमैन हरभजन लाल शर्मा, निफ्फा के डायरेक्टर प्रीतपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। 


संजीव चौधरी द्वारा लिखित इस नाटक में मुख्य किरदार गुरजीत सिंह (काका) तथा जसविंद्र कौर (काकी) के अभिनय ने सभी का मन मोह लिया। पंजाबी फिल्मों के संगीतकार जितेंद्र शाह तथा समाजसेवी सुशील जायसवाल मुख्य अतिथि थे। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुषमा आर्य विशिष्ट अतिथि रहीं। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आबिद अली ने मंच संचालन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed