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Yamuna Nagar News: बूड़िया किले की संरक्षक किरण अनमोल का बीमारी से निधन
Tue, 09 Dec 2025 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:20 AM IST
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किरण अनमोल। फाइल फोटो
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बूड़िया किले की संरक्षक राजकुमारी किरण अनमोल का सोमवार की दोपहर निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं थीं। उनका शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में गहरा शोक छा गया।
किरण अनमोल वर्षों से बूड़िया किले की ऐतिहासिक धरोहर, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं। उनके मार्गदर्शन में किले के संरक्षण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई, जिसे स्थानीय समुदाय ने हमेशा सराहा। किले के इतिहास को जीवंत बनाए रखने में उनके समर्पण ने उन्हें लोगों के बीच अत्यधिक सम्मान दिलाया।
निधन की सूचना मिलते ही सुबह से बड़ी संख्या में लोग किला परिसर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वे न सिर्फ किले की संरक्षिका थीं, बल्कि समाजसेवा और जनहित के कार्यों में भी सक्रिय रहती थीं। उनके सहज स्वभाव और लोगों से जुड़ाव ने उन्हें हर आयु वर्ग में लोकप्रिय बनाया था। प्रशासन और नगर के प्रमुख सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके योगदान को अमूल्य बताया।
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परिवार के सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से अंतिम यात्रा में शामिल होने की अपील की है, ताकि उन्हें अंतिम विदाई सम्मान पूर्वक दी जा सके। किरण अनमोल के निधन से बूड़िया रियासत ने एक संवेदनशील, समर्पित और विरासत को संरक्षित रखने वाली एक महत्वपूर्ण हस्ती को खो दिया है।
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यमुनानगर। बूड़िया किले की संरक्षक राजकुमारी किरण अनमोल का सोमवार की दोपहर निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं थीं। उनका शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में गहरा शोक छा गया।
किरण अनमोल वर्षों से बूड़िया किले की ऐतिहासिक धरोहर, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं। उनके मार्गदर्शन में किले के संरक्षण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई, जिसे स्थानीय समुदाय ने हमेशा सराहा। किले के इतिहास को जीवंत बनाए रखने में उनके समर्पण ने उन्हें लोगों के बीच अत्यधिक सम्मान दिलाया।
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निधन की सूचना मिलते ही सुबह से बड़ी संख्या में लोग किला परिसर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वे न सिर्फ किले की संरक्षिका थीं, बल्कि समाजसेवा और जनहित के कार्यों में भी सक्रिय रहती थीं। उनके सहज स्वभाव और लोगों से जुड़ाव ने उन्हें हर आयु वर्ग में लोकप्रिय बनाया था। प्रशासन और नगर के प्रमुख सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके योगदान को अमूल्य बताया।
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परिवार के सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने लोगों से अंतिम यात्रा में शामिल होने की अपील की है, ताकि उन्हें अंतिम विदाई सम्मान पूर्वक दी जा सके। किरण अनमोल के निधन से बूड़िया रियासत ने एक संवेदनशील, समर्पित और विरासत को संरक्षित रखने वाली एक महत्वपूर्ण हस्ती को खो दिया है।