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Yamuna Nagar News: संधाय में राजा जरासंध का किला होगा संरक्षित
Wed, 14 May 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 14 May 2025 12:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्राचीन जगहों के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विरासत तथा पर्यटन विभाग ने इनके आसपास खनन क्रियाओं व किसी तरह के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए विभाग ने अधिसूचना जारी की है। विभाग की सूची में प्रदेश के 14 स्मारकों को शामिल किया गया है। इनमें उपमंडल व्यासपुर के गांव संधाय स्थित जरासंध का टीला भी शामिल है।
अधिसूचना के अनुसार संरक्षित स्मारकों की संरक्षित सीमाओं से 15 मीटर तक और उससे आगे साथ लगते 30 मीटर तक के क्षेत्र को खनन क्रियाओं और निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र के रूप में घोषित गया है। संधाय गांव में प्राचीन टीला है। लोगों के अनुसार प्राचीन काल में यह यह राजा जरासंध का किला था। मान्यता है कि जरासंध अधर्मी राजा था। वह अपने राज्य से गुजरने वाली दुल्हनों की इज्जत लूटता था। तब एक देवी सती ने उसे श्राप दिया था कि जिस तरह से वह महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ करता है, एक दिन उसका राजा मिट्टी में मिल जाएगा। आज इस मिट्टी के टीले को ही किला बताया जाता है। जरासंध के नाम से ही गांव का नाम संधाय पड़ा। आज इसी टीले पर कुछ लोगों की नजर है। लोगों का कहना है कि इस टीले के अंदर राजा का खजाना दबा है।
इसलिए चोरी छिपे इसकी खोदाई करते रहते हैं। लोगों ने टीले से सोने की अशर्फियां निकलने का दावा किया है। इसके अलावा प्राचीन धातु व मिट्टी के बर्तन भी इसमें से निकल चुके हैं। इसीलिए इस टीले को काफी समय से संरक्षित करने की मांग की जा रही थी।
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इन स्थलों को किया गया है सूची में शामिल
राज्य संरक्षित स्मारकों व स्थलों की सूची में किला इस्लामपुर जिला महेंद्रगढ़, सोलह राही तालाब रेवाड़ी, चौधरी काशीराम की हवेली तथा कचहरी गांव होडल जिला पलवल, बड़ा तालाब रेवाड़ी, जरासंध का टीला संधाय तहसील व्यासपुर जिला यमुनानगर, बावड़ी नारनौल जिला महेंद्रगढ़, खुंगा कोठी गांव खुंगा, तहसील व जिला जींद, बोस्ती मस्जिद गांव बोस्ती, तहसील व जिला फतेहाबाद, बोस्ती मस्जिद भूना, गांव बोस्ती, तहसील तथा जिला फतेहाबाद, अतिथि गृह भाई उदय सिंह पिहोवा, तहसील व जिला कुरुक्षेत्र, बागावाली कोठी दुजाना जिला झज्जर, रानी की ड्योढी रेवाड़ी, एसडीएम निवास कैथल, पृथ्वीराज की कचहरी तोशाम, जिला भिवानी को शामिल किया गया है।
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यमुनानगर। प्राचीन जगहों के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए विरासत तथा पर्यटन विभाग ने इनके आसपास खनन क्रियाओं व किसी तरह के निर्माण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए विभाग ने अधिसूचना जारी की है। विभाग की सूची में प्रदेश के 14 स्मारकों को शामिल किया गया है। इनमें उपमंडल व्यासपुर के गांव संधाय स्थित जरासंध का टीला भी शामिल है।
अधिसूचना के अनुसार संरक्षित स्मारकों की संरक्षित सीमाओं से 15 मीटर तक और उससे आगे साथ लगते 30 मीटर तक के क्षेत्र को खनन क्रियाओं और निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र के रूप में घोषित गया है। संधाय गांव में प्राचीन टीला है। लोगों के अनुसार प्राचीन काल में यह यह राजा जरासंध का किला था। मान्यता है कि जरासंध अधर्मी राजा था। वह अपने राज्य से गुजरने वाली दुल्हनों की इज्जत लूटता था। तब एक देवी सती ने उसे श्राप दिया था कि जिस तरह से वह महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ करता है, एक दिन उसका राजा मिट्टी में मिल जाएगा। आज इस मिट्टी के टीले को ही किला बताया जाता है। जरासंध के नाम से ही गांव का नाम संधाय पड़ा। आज इसी टीले पर कुछ लोगों की नजर है। लोगों का कहना है कि इस टीले के अंदर राजा का खजाना दबा है।
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इसलिए चोरी छिपे इसकी खोदाई करते रहते हैं। लोगों ने टीले से सोने की अशर्फियां निकलने का दावा किया है। इसके अलावा प्राचीन धातु व मिट्टी के बर्तन भी इसमें से निकल चुके हैं। इसीलिए इस टीले को काफी समय से संरक्षित करने की मांग की जा रही थी।
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इन स्थलों को किया गया है सूची में शामिल
राज्य संरक्षित स्मारकों व स्थलों की सूची में किला इस्लामपुर जिला महेंद्रगढ़, सोलह राही तालाब रेवाड़ी, चौधरी काशीराम की हवेली तथा कचहरी गांव होडल जिला पलवल, बड़ा तालाब रेवाड़ी, जरासंध का टीला संधाय तहसील व्यासपुर जिला यमुनानगर, बावड़ी नारनौल जिला महेंद्रगढ़, खुंगा कोठी गांव खुंगा, तहसील व जिला जींद, बोस्ती मस्जिद गांव बोस्ती, तहसील व जिला फतेहाबाद, बोस्ती मस्जिद भूना, गांव बोस्ती, तहसील तथा जिला फतेहाबाद, अतिथि गृह भाई उदय सिंह पिहोवा, तहसील व जिला कुरुक्षेत्र, बागावाली कोठी दुजाना जिला झज्जर, रानी की ड्योढी रेवाड़ी, एसडीएम निवास कैथल, पृथ्वीराज की कचहरी तोशाम, जिला भिवानी को शामिल किया गया है।