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Yamuna Nagar News: खेदड़ की यूनिट नंबर दो बंद, बिजली उत्पादन में कमी
Tue, 14 May 2024 03:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 14 May 2024 03:32 AM IST
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सुरेश सैनी
यमुनानगर। प्रदेश को रोजाना करीब 10 करोड़ की बिजली उपलब्ध कराने वाले राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ (हिसार) का भी बड़ा योगदान है। यहां की 600 मेगावाट की यूनिट नंबर दो में तकनीकी दिक्कत आ जाने से अचानक बंद हो गई। ऐसे में यहां 1200 मेगावाट के प्लांट में से करीब 530 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।
यहां के अधिकारियों के मुताबिक यूनिट क्यों बंद हुई इसका डाटा उपलब्ध कराने के बाद चीन में स्टडी की जा रही है। लेकिन यहां की यूनिट नंबर दो बंद हो जाने से इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। इसी तरह पानीपत के थर्मल की तीनों यूनिट, 6,7 व 8 की 710 मेगावाट प्लांट में से 580 मेगावाट, जबकि यमुनानगर में 600 मेगावाट से 499 ही मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है यानी 2510 मेगावाट के तीनों प्लांटों से 1600 मेगावाट ही उत्पादन हो पा रहा है।
मौजूदा समय में प्रदेश में करीब 9112 मेगावाट बिजली चल रही है, किंतु जैसे-जैसे सूरज की तपिश बढ़ेगी, वैसे ही बिजली डिमांड बढ़ जाएगी। जून-जुलाई में माह यह डिमांड 12 हजार मेगावाट तक पहुंच जाएगी। बता दें प्रदेश में हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल), हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कंपनियां बिजली उत्पादन और सप्लाई करती है। संवाद
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यमुनानगर के थर्मल पावर में बना सर्किट
यमुनानगर की बात करें तो थर्मल के 600 मेगावाट यूनिटों में बने स्विच यार्ड से चार डबल सर्किट बने हैं। यहीं से बकाना वन, बकाना टू, जोड़ियों वन, जोड़ियो टू, अब्दुलापुर वन, रामपुर सर्किट, नीलोखेड़ी वन और नीलोखड़ी टू सर्किट जुड़े हैं। इन्हीं सर्किटों से थर्मल की इन और आउट बिजली की सप्लाई होती है और स्विच यार्ड से डिमांड के अनुसार रोजाना बिजली की सप्लाई होती है। इसी तरह हिसार के राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ में भी स्विचयार्ड से चार सर्किट बने हैं। इनमें किरोड़ी वन, किरोड़ी टू, फतेहाबाद के गांव मताना और सिरसा के नुईयावाली 400 केवी के सर्किट है। यहां भी बिजली इन और आउट का सप्लाई हो रही है
दो नंबर यूनिट बंद है, इस बारे में चाइना में स्टडी चल रही है, वहां डाटा उपलब्ध करा दिया गया है, जल्द ही कोई न कोई अपडेट मिल जाएगा। - अमोद जिंदल, चीफ इंजीनियर, खेदड़।
अभी बिजली की डिमांड ठीक है, लेकिन जून-जुलाई में 12 हजार मेगावाट तक डिमांड बढ़ जाएगी। मौसम बीच में ठीक रहा तो डिमांड पर कोई असर नहीं पड़ेगा। - मोहम्मद साइन, एमडी एचपीजीसीएल।
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यमुनानगर। प्रदेश को रोजाना करीब 10 करोड़ की बिजली उपलब्ध कराने वाले राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ (हिसार) का भी बड़ा योगदान है। यहां की 600 मेगावाट की यूनिट नंबर दो में तकनीकी दिक्कत आ जाने से अचानक बंद हो गई। ऐसे में यहां 1200 मेगावाट के प्लांट में से करीब 530 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।
यहां के अधिकारियों के मुताबिक यूनिट क्यों बंद हुई इसका डाटा उपलब्ध कराने के बाद चीन में स्टडी की जा रही है। लेकिन यहां की यूनिट नंबर दो बंद हो जाने से इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है। इसी तरह पानीपत के थर्मल की तीनों यूनिट, 6,7 व 8 की 710 मेगावाट प्लांट में से 580 मेगावाट, जबकि यमुनानगर में 600 मेगावाट से 499 ही मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है यानी 2510 मेगावाट के तीनों प्लांटों से 1600 मेगावाट ही उत्पादन हो पा रहा है।
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मौजूदा समय में प्रदेश में करीब 9112 मेगावाट बिजली चल रही है, किंतु जैसे-जैसे सूरज की तपिश बढ़ेगी, वैसे ही बिजली डिमांड बढ़ जाएगी। जून-जुलाई में माह यह डिमांड 12 हजार मेगावाट तक पहुंच जाएगी। बता दें प्रदेश में हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (एचपीजीसीएल), हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन), उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कंपनियां बिजली उत्पादन और सप्लाई करती है। संवाद
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यमुनानगर के थर्मल पावर में बना सर्किट
यमुनानगर की बात करें तो थर्मल के 600 मेगावाट यूनिटों में बने स्विच यार्ड से चार डबल सर्किट बने हैं। यहीं से बकाना वन, बकाना टू, जोड़ियों वन, जोड़ियो टू, अब्दुलापुर वन, रामपुर सर्किट, नीलोखेड़ी वन और नीलोखड़ी टू सर्किट जुड़े हैं। इन्हीं सर्किटों से थर्मल की इन और आउट बिजली की सप्लाई होती है और स्विच यार्ड से डिमांड के अनुसार रोजाना बिजली की सप्लाई होती है। इसी तरह हिसार के राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ में भी स्विचयार्ड से चार सर्किट बने हैं। इनमें किरोड़ी वन, किरोड़ी टू, फतेहाबाद के गांव मताना और सिरसा के नुईयावाली 400 केवी के सर्किट है। यहां भी बिजली इन और आउट का सप्लाई हो रही है
दो नंबर यूनिट बंद है, इस बारे में चाइना में स्टडी चल रही है, वहां डाटा उपलब्ध करा दिया गया है, जल्द ही कोई न कोई अपडेट मिल जाएगा। - अमोद जिंदल, चीफ इंजीनियर, खेदड़।
अभी बिजली की डिमांड ठीक है, लेकिन जून-जुलाई में 12 हजार मेगावाट तक डिमांड बढ़ जाएगी। मौसम बीच में ठीक रहा तो डिमांड पर कोई असर नहीं पड़ेगा। - मोहम्मद साइन, एमडी एचपीजीसीएल।