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Yamuna Nagar News: करनाल में होगी धान की सबसे ज्यादा रोपाई, सीधी बिजाई से बचेगा पानी
Thu, 29 May 2025 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 29 May 2025 02:38 AM IST
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यमुनानगर। प्रदेश में 15 जून से धान की रोपाई शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने सभी जिलों में धान रोपाई का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है। प्रदेश में इस बार 1837.07 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई करने का लक्ष्य रखा गया है। यमुनानगर में 87.60 हेक्टेयर में धान रोपाई की जानी है। रोपाई के लिए खेतों में धान की पौध लग चुकी है। हालांकि सरकार और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी किसानों से अपील कर रहे हैं कि वह धान की परंपरागत रोपाई को छोड़ कर सीधी बिजाई करें ताकि पानी की बचत हो सके।
सरकार ज्यादा ध्यान धान की डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) विधि से बिजाई पर दे रही है। धान सीधी बिजाई की वैज्ञानिक विधि से 30 से 35 प्रतिशत पानी की बचत होती है। धान में दिए गए पानी में से 50 प्रतिशत अत्यधिक तापमान के कारण वाष्पीकरण के माध्यम से उड़ जाता है। इसको देखते हुए सरकार मक्का व दलहन की फसलों को बढ़ावा दे रही है।इस बार सबसे ज्यादा धान की रोपाई करनाल में 196.18 हजार हेक्टेयर में होगी। दूसरे नंबर पर 192.75 हेक्टेयर के साथ जींद व तीसरे स्थान पर 185.44 हजार हेक्टेयर के साथ कैथल है।
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प्रदेश के 36 ब्लॉक में लगातार गिर रहा है भूजलस्तर
हरियाणा के 22 जिलों में 14 जिलों के 36 ब्लाॅक की कुल 1669 ग्राम पंचायतों में जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक महेंद्रगढ़ जिला सर्वाधिक प्रभावित है। इसके बाद यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिला शामिल है। अटल भूजल योजना के तहत किए जा रहे अथक प्रयासों के बाद भी भूजल लेवल में सुधार नहीं हो पा रहा। भूजल हर वर्ष करीब एक मीटर नीचे जा रहा है। जगाधरी में भूजल स्तर करीब 16 मीटर, साढौरा में करीब 11, प्रतापनगर में करीब 16, बिलासपुर में करीब 11, छछरौली में नौ व रादौर में करीब 17 मीटर पर पहुंच गया है। हालांकि इस बार जिस तरह से मानसून से पहले ही बारिश हो रही है उससे लगता है कि आसमान से खूब पानी बरसेगा।
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वर्जन:
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने धान रोपाई का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। यह सही है कि परंपरागत तरीके से धान रोपने से पानी बहुत ज्यादा व्यर्थ जाता है। इसलिए किसानों से सीधी बिजाई करने की अपील की जा रही है। ऐसा करने से 30-35 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकती है। धान की सीधी बिजाई करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग यमुनानगर।
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प्रदेश में इस बार धान रोपाई का रकबा हजार हेक्टेयर में:
जिला धान रकबा
अंबाला 95.73
कुरुक्षेत्र 125.06
करनाल 196.18
सोनीपत 135.11
गुरुग्राम 4.18
फरीदाबाद 16.64
सिरसा में 155.65
भिवानी में 36.97
चरखी दादरी 11.60
रोहतक 84.50
जींद 192.75
महेंद्रगढ़ 0.04
यमुनानगर 87.60
कैथल 185.44
पानीपत 81.34
रेवाड़ी 3.55
पंचकुला 14.76
झज्जर 65.71
फतेहाबाद 160.37
मेवात 11.66
पलवल 43.86
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सरकार ज्यादा ध्यान धान की डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) विधि से बिजाई पर दे रही है। धान सीधी बिजाई की वैज्ञानिक विधि से 30 से 35 प्रतिशत पानी की बचत होती है। धान में दिए गए पानी में से 50 प्रतिशत अत्यधिक तापमान के कारण वाष्पीकरण के माध्यम से उड़ जाता है। इसको देखते हुए सरकार मक्का व दलहन की फसलों को बढ़ावा दे रही है।इस बार सबसे ज्यादा धान की रोपाई करनाल में 196.18 हजार हेक्टेयर में होगी। दूसरे नंबर पर 192.75 हेक्टेयर के साथ जींद व तीसरे स्थान पर 185.44 हजार हेक्टेयर के साथ कैथल है।
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प्रदेश के 36 ब्लॉक में लगातार गिर रहा है भूजलस्तर
हरियाणा के 22 जिलों में 14 जिलों के 36 ब्लाॅक की कुल 1669 ग्राम पंचायतों में जलस्तर काफी नीचे पहुंच गया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक महेंद्रगढ़ जिला सर्वाधिक प्रभावित है। इसके बाद यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिला शामिल है। अटल भूजल योजना के तहत किए जा रहे अथक प्रयासों के बाद भी भूजल लेवल में सुधार नहीं हो पा रहा। भूजल हर वर्ष करीब एक मीटर नीचे जा रहा है। जगाधरी में भूजल स्तर करीब 16 मीटर, साढौरा में करीब 11, प्रतापनगर में करीब 16, बिलासपुर में करीब 11, छछरौली में नौ व रादौर में करीब 17 मीटर पर पहुंच गया है। हालांकि इस बार जिस तरह से मानसून से पहले ही बारिश हो रही है उससे लगता है कि आसमान से खूब पानी बरसेगा।
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वर्जन:
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने धान रोपाई का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। यह सही है कि परंपरागत तरीके से धान रोपने से पानी बहुत ज्यादा व्यर्थ जाता है। इसलिए किसानों से सीधी बिजाई करने की अपील की जा रही है। ऐसा करने से 30-35 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकती है। धान की सीधी बिजाई करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग यमुनानगर।
प्रदेश में इस बार धान रोपाई का रकबा हजार हेक्टेयर में:
जिला धान रकबा
अंबाला 95.73
कुरुक्षेत्र 125.06
करनाल 196.18
सोनीपत 135.11
गुरुग्राम 4.18
फरीदाबाद 16.64
सिरसा में 155.65
भिवानी में 36.97
चरखी दादरी 11.60
रोहतक 84.50
जींद 192.75
महेंद्रगढ़ 0.04
यमुनानगर 87.60
कैथल 185.44
पानीपत 81.34
रेवाड़ी 3.55
पंचकुला 14.76
झज्जर 65.71
फतेहाबाद 160.37
मेवात 11.66
पलवल 43.86