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कपालमोचन मेला : सरोवरों में पानी भरने के काम शुरू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 12:42 AM IST
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Kapalmochan Mela: Work started to fill water in the lakes, Yamunanagar
सरोवर में पानी भरने से पहले पहली बार पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
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बिलासपुर। ऋषि मुनियों की तपास्थली कपालमोचन में पिछले चार दशकों में पहली बार मेले के आयोजन की तैयारियों के दौरान सरोवर में पानी भरने से पहले पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। मेला प्रशासक एसडीएम जसपाल सिंह गिल, बीडीपीओ बलराम गुप्ता, जोगेश कुमार तहसीलदार तरुण सहोता व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पंडित ने पूरे विधि विधान के साथ सूरजकुंड सरोवर में पानी भरने का शुभारंभ किया।
एसडीएम गिल ने सूरजकुंड सरोवर के जल का आचमन कर पूजा अर्चना का कार्य पूरा कराया। वहीं मेला प्रशासक की ओर से टेंडर खोले गए। कपालमोचन के तीनों सरोवरों, मेला क्षेत्र के सफाई प्रबंधन, कपालमोचन, आदि बद्री में अस्थाई शौचालयों, पार्किंग व्यवस्था,अस्थाई बिजली प्रबंध, दुुकानें, रिहायशी टेंटों, झूले लगाने बारे, कपालमोचन में लगने वाली दुकानों की खुली बोली और तय बाजार के संबंध में टेंडर जारी किए ।
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एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल की मौजूदगी में टेंडर खोले गए। सफाई के लिए दो, झूले के लिए 8, तय बाजारी के लिए 9, बिलली के लिए 5, कैटरिंग के लिए 2, तंबू के लिए 3 और अस्थाई शौचालयों के लिए 2 टेंडर निविदाएं आई। श्राइन बोर्ड की ओर से गठित कमेटी की मौजूदगी में शर्तें पूरी करने वाली कंपनी को टेंडर ऑलट किए गए।
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वहीं कपालमोचन में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय मेले की तैयारियों को लेकर एसडीमए बिलासपुर जसपाल सिंह गिल ने ऋण मोचन, कपाल मोचन सरोवर सहित पूरे क्षेत्र का दौरा कर निरीक्षण किया। गिल ने बताया कि सूरजकुंड सरोवर में पानी भरने का शुरू हो गया है। ऋण मोचन सरोवर और कपालमोचन सरोवर मे जल्द पानी भरवा दिया जाएगा।

इस बार नहीं लगेगा सर्कस व मौत का कुआं
टेंडर प्रक्रिया में श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के ठेकेदारों को मेला क्षेत्र में सर्कस व मौत का कुआं नहीं लगाने के निर्देश दिए। मेला अधिकारी का कहना है कि मेला में मनोरंजन साधनों के आयोजन को लेकर उच्चाधिकारियों के आदेशों के अनुसार निर्णय लिया गया है। मेला भारतीय प्राचीन विरासत और संस्कृति का प्रतीक है। मेले में संस्कृति व परंपराओं को ठेस न लगे इस तरह के आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। मेला क्षेत्र व आसपास के क्षेत्र में नशीली वस्तुओं की बिक्री पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
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