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कपालमोचन : कोरोना से बचाव की लगी हो एक डोज साथ लानी होगी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट
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पत्रकारों को जानकारी देते डीसी पार्थ गुप्ता व मौजूद अन्य अधिकारी।
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर/बिलासपुर। राज्यस्तरीय तीर्थराज कपालमोचन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को आरटीपीसीआर रिपोर्ट साथ लानी होगी अन्यथा इसके बगैर एंट्री नहीं होगी। इसके अलावा कोरोना से बचाव की एक डोज जरूरी लगी होनी अनिवार्य है। अगर ऐसा नहीं मिला तो बिल्कुल भी मेले में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। इसको लेकर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को दो लाख मास्क बांटे जाएंगे। इसके लिए 19 वेलेंटियरों की ड्यूटी लगा दी गई है।
सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए पहली बार सरोवरों में ढाई फीट ही पानी से भरे होंगे। जबकि इससे पूर्व तीनों सरोवर पानी से फुल होते थे। यही नहीं मेले में आने वाले नौ प्रवेश द्वार होंगे। इन पर पुलिस नाका लगाकर तैनात रहेगी। बता दें 15 से 19 नवंबर तक मेले का आयोजन किया जाना है। 15 नवंबर को दोपहर तीन बजे वित्तायुक्त, राजस्व प्रबंधन विभाग के एसीएस संजीव कौशल इसका उद्घाटन करेंगे। जबकि विशिष्ठ अतिथि के तौर पर मण्डलायुक्त रेणु एस फुलिया साथ होंगी।
रजिस्ट्रेशन के बाद आए मैसेज को दिखाने के बाद होगा प्रवेश
बता दें कपालमोचन 2021 के नाम से पोर्टल है जिस पर रजिस्ट्रेशन के बाद फोन पर मैसेज आएगा। उस मैसेज को नाके पर चेकिंग होने के बाद ही प्रवेश करने दिया जाएगा। इन नाकों पर 24 घंटे अधिकारी व कर्मचारी तैनात रहेंगे। नाके पर स्केनिंग की सुविधा भी होगी, यदि किसी को बुखार आदि है तो इसके लिए चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। बता दें मेले को चार सेक्टरों में बांटा गया है। ऐसे में मेले में श्रद्धालुओं के लिए लगभग 450 शौचालयों की सुविधा प्रदान की जाएगी।
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100 बेड का तैयार किया जाएगा अस्पताल
वहीं मेले में अगर किसी की हालत गंभीर होने पर प्रशासन के द्वारा एलबीएस कॉलेज में 100 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसके अलावा कूड़ा डालने के लिए 100 से अधिक कूड़ादान रखे जाएंगे। मेला क्षेत्र में गुटका, शराब व अन्य नशीली वस्तुओं की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इतना ही नहीं मेले में आने से पूर्व जांच के बाद व्यक्ति की हाथ पर स्टैंप लगाई जाएगी। स्टैंप पर अनवैक्सीनकेटिड मेला कपालमोचन का लोगो लगा होगा जिससे बिना वैक्सीन के मेला क्षेत्र में धूम रहे श्रद्धालु की पहचान की जा सकेगी। तीनों सरोवरों पर दो किश्ती व तैराक मौजूद रहेंगे। चार सेक्टर में पांच छोटी क्रेन मौजूद रहेंगी। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का बीमा किया जाएगा।
12 से बदले जाएंगे वाहनों रूट
12 नवंबर से भारी वाहनों के रूट बदल दिए जाएंगे। भारी वाहनों का मेला क्षेत्र में प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होगा। 14 नवंबर को दोपहर बाद मॉक ड्रिल होगी। श्राइन बोर्ड के मंदिरों के साथ साथ मेला क्षेत्र के 40 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
हमने मेले को लेकर व्यापक प्रबंध कर लिए हैं। कोरोना को देखते हुए जारी गाइडलाइन के मुताबिक मेले में आने से पूर्व एक डोज जरूर लगी होनी चाहिए। इसके अलावा इस बार कपालमोचन मेले में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के बिना श्रद्धालुुओं को प्रवेश नहीं मिलेगा। मेले में प्रवेश के लिए नौ प्रवेश द्वार होंगे जिनमें प्रत्येक द्वार पर पुलिस नाका होगा।
-पार्थ गुप्ता, डीसी, यमुनानगर।
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सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए पहली बार सरोवरों में ढाई फीट ही पानी से भरे होंगे। जबकि इससे पूर्व तीनों सरोवर पानी से फुल होते थे। यही नहीं मेले में आने वाले नौ प्रवेश द्वार होंगे। इन पर पुलिस नाका लगाकर तैनात रहेगी। बता दें 15 से 19 नवंबर तक मेले का आयोजन किया जाना है। 15 नवंबर को दोपहर तीन बजे वित्तायुक्त, राजस्व प्रबंधन विभाग के एसीएस संजीव कौशल इसका उद्घाटन करेंगे। जबकि विशिष्ठ अतिथि के तौर पर मण्डलायुक्त रेणु एस फुलिया साथ होंगी।
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रजिस्ट्रेशन के बाद आए मैसेज को दिखाने के बाद होगा प्रवेश
बता दें कपालमोचन 2021 के नाम से पोर्टल है जिस पर रजिस्ट्रेशन के बाद फोन पर मैसेज आएगा। उस मैसेज को नाके पर चेकिंग होने के बाद ही प्रवेश करने दिया जाएगा। इन नाकों पर 24 घंटे अधिकारी व कर्मचारी तैनात रहेंगे। नाके पर स्केनिंग की सुविधा भी होगी, यदि किसी को बुखार आदि है तो इसके लिए चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। बता दें मेले को चार सेक्टरों में बांटा गया है। ऐसे में मेले में श्रद्धालुओं के लिए लगभग 450 शौचालयों की सुविधा प्रदान की जाएगी।
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100 बेड का तैयार किया जाएगा अस्पताल
वहीं मेले में अगर किसी की हालत गंभीर होने पर प्रशासन के द्वारा एलबीएस कॉलेज में 100 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसके अलावा कूड़ा डालने के लिए 100 से अधिक कूड़ादान रखे जाएंगे। मेला क्षेत्र में गुटका, शराब व अन्य नशीली वस्तुओं की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इतना ही नहीं मेले में आने से पूर्व जांच के बाद व्यक्ति की हाथ पर स्टैंप लगाई जाएगी। स्टैंप पर अनवैक्सीनकेटिड मेला कपालमोचन का लोगो लगा होगा जिससे बिना वैक्सीन के मेला क्षेत्र में धूम रहे श्रद्धालु की पहचान की जा सकेगी। तीनों सरोवरों पर दो किश्ती व तैराक मौजूद रहेंगे। चार सेक्टर में पांच छोटी क्रेन मौजूद रहेंगी। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं का बीमा किया जाएगा।
12 से बदले जाएंगे वाहनों रूट
12 नवंबर से भारी वाहनों के रूट बदल दिए जाएंगे। भारी वाहनों का मेला क्षेत्र में प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होगा। 14 नवंबर को दोपहर बाद मॉक ड्रिल होगी। श्राइन बोर्ड के मंदिरों के साथ साथ मेला क्षेत्र के 40 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
हमने मेले को लेकर व्यापक प्रबंध कर लिए हैं। कोरोना को देखते हुए जारी गाइडलाइन के मुताबिक मेले में आने से पूर्व एक डोज जरूर लगी होनी चाहिए। इसके अलावा इस बार कपालमोचन मेले में आरटीपीसीआर की रिपोर्ट के बिना श्रद्धालुुओं को प्रवेश नहीं मिलेगा। मेले में प्रवेश के लिए नौ प्रवेश द्वार होंगे जिनमें प्रत्येक द्वार पर पुलिस नाका होगा।
-पार्थ गुप्ता, डीसी, यमुनानगर।