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Yamunanagar: कपालमोचन का करोड़ों से होगा विकास; 100 से अधिक ड्राइंग की तैयार, सरोवर पर बनाया जाएगा पुल
Thu, 24 Aug 2023 07:35 PM IST
नवीन दलाल
सुरेश सैनी, यमुनानगर (हरियाणा)
सुरेश सैनी, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Thu, 24 Aug 2023 07:35 PM IST
सार
कपाल मोचन सरोवर पर काले गऊ बच्छा मंदिर से सफेद गऊ बच्छा मंदिर तक सरोवर के ऊपर पुल का निर्माण किया जाएगा। जिसके माध्यम से श्रद्धालु एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक दर्शन के लिए आसानी से पहुंच सकेंगे। साथ ही कपालमोचन में तीनों सरोवरों पर कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएगी।
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कपालमोचन सरोवर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिलासपुर स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक कपालमोचन को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिलने वाली है। पिछले साल मेला खत्म होने के बाद बने मास्टर प्लान के तहत यहां साढ़े 49 करोड़ रुपए से यहां 50 साल तक का विकास कराया जाएगा। यहां के सुंदरीकरण के लिए 100 से अधिक ड्राइंग बनाई गई और चार बार हरियाणा चीफ आर्किटेक्ट विनोद गौरी ने यहां विजिट कर चुके हैं।
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प्लान के तहत कपालमोचन सरोवर पर बनाया जाएगा पुल
इस ड्राइंग पर मुहर भी लगी चुकी है। अब पीडब्ल्यूडी की भी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फाइल पर सीएम की मुहर लगेगी। कहा जा रहा है आने वाली कार्तिक पूर्णिमा से पहले ही कपालमोचन के सुंदरीकरण के लिए कार्य शुरू हो जाएगा। उल्लेखनीय है मेले के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल यहां आए थे जब उन्होंने कपालमोचन क्षेत्र को विकसित करने के लिए मास्टर प्लान के तहत कार्य करने की घोषणा की थी।
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कपालमोचन सरोवर पर पुल बनाने का भी योजना
साढ़े 49 करोड़ रुपए में कपाल मोचन सरोवर पर काले गऊ बच्छा मंदिर से सफेद गऊ बच्छा मंदिर तक सरोवर के ऊपर पुल का निर्माण किया जाएगा। जिसके माध्यम से श्रद्धालु एक मंदिर से दूसरे मंदिर तक दर्शन के लिए आसानी से पहुंच सकेंगे। साथ ही कपालमोचन में तीनों सरोवरों पर कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएगी। मास्टर प्लान के तहत पूरे कपालमोचन क्षेत्र को पूरा नया रूप दिया जाएगा। मेले व अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान आने वाले समय में श्रद्धालुओं को कपालमोचन क्षेत्र में प्रवेश करते ही अलग ही अनुभूति होगी। इतना ही नहीं कपालमोचन में ऋणमोचन सरोवर, सूरजकुंड सरोवर व कपालमोचन सरोवर के किनारों पर आकर्षक लाइटिंग की जाएगी।
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तीन मंजिला बनेगा श्राइन बोर्ड का कार्यालय
इसी मास्टर प्लान के तहत सूरजकुंड के समीप तीन मंजिला अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस श्राइन बोर्ड कार्यालय बनाया जाएगा। समीप ही मेडिकल केंद्र भी बनाया जाएगा। ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सुविधा में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इतना ही नहीं सरोवरों से गंदा पानी निकालने के लिए सिस्टम लगाया जाएगा। कपाल मोचन की सड़कों को दुरुस्त कर नया रूप दिया जाएगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है कपालमोचन मेला
प्रसिद्ध ऐतिहासिक और धार्मिक कपाल मेचन मेला का आयोजन बिलासपुर में कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर होता है। उस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर स्नान करते हैं। कपालमोचन को गोपाल मोचन के रूप में भी जाना जाता है। यह हिंदुओं और सिखों दोनों के लिए तीर्थ यात्रा का एक प्राचीन स्थान है। इसका महत्व इस तथ्य से स्पष्ट है कि इसका नाम महाभारत और पुराणों में कई जगहों पर प्रकट होता है। 1679 ईस्वी में भंगनी की लड़ाई के बाद पांवटा साहिब के रास्ते पर गुरु गोबिंद सिंह ने भी इस जगह का दौरा किया था। वह 52 दिन तक रुके थे।
अधिकारी के अनुसार
करीब साढ़े 49 करोड़ रुपए से मास्टर प्लान के तहत यहां विकास कार्य कराए जाने हैं। हरियाणा चीफ आर्किटेक्ट ने भी यहां चार बार विजिट कर लिया है। 100 से अधिक ड्राइंग बनी है प्लान के तहत यहां 50 साल तक का विकास होगा। -जसपाल सिंह गिल, एसडीएम बिलासपुर।