{"_id":"592332274f1c1b42735370c2","slug":"jbt-race-out-of-sellection","type":"story","status":"publish","title_hn":"902 में से 391 जेबीटी सेंटर की दौड़ से बाहर, 511 में से होगा 375 का चयन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
902 में से 391 जेबीटी सेंटर की दौड़ से बाहर, 511 में से होगा 375 का चयन
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
Updated Tue, 23 May 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इन दिनों जेबीटी सेंटर अलॉट के लिए दिनभर भटक रहे हैं। सोमवार को भी दिनभर जेबीटी डीईईओ कार्यालय में हाजिरी लगाने और सेंटर अलॉट के लिए इंतजार करते रहे। लेकिन हाल ही में सरकार की तरफ से जो गाइड लाइन आई है। उसमें जेबीटी का चयन मेरिट सूची के आधार पर होगा। बता दें कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के पास जेबीटी की कुल रिक्त पद 375 हैं, जबकि जिन जेबीटी को सेंटर अलॉट होने हैं उनकी संख्या 902 थी। लेकिन हाल ही में जो मेरिट लिस्ट तैयार की गई, इसमें 902 में से 391 जेबीटी सेंटर की दौड़ से बाहर हो गए हैं। सूची के आधार पर मैदान में कुल 511 जेबीटी ही बचे हैं। जिनमें से 375 रिक्त पदों पर चयन किया जाएगा। 375 पदों पर 511 का चयन कैसे करे, इससे विभाग के अधिकारी भी परेशान है। इस समस्या से निजात पाने के लिए विभाग ने सोमवार को विभाग के मुख्यालय को पत्र लिखा है।
जेबीटी को सेंटर भले ही अलॉट न हुआ हो परंतु जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उनकी अस्थायी रूप से हाजिरी लगनी शुरू हो गई है। सभी को सेंटर अलॉट होने का इंतजार है। उन्हें सेंटर अलॉट होने वाले हैं इसलिए सोमवार को जेबीटी सैकड़ों की संख्या में डीईईओ कार्यालय में पहुंच गए। यहां पर सुबह से ही शाम तक सेंटर लेने के लिए जमावड़ा लगा रहा। उन्हें कोई जानकारी देने वाला भी नहीं था। नवनियुक्त टीचर पूछताछ के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे के चक्कर लगाते रहे परंतु उन्हें सही जानकारी देने वाला कोई नहीं था। इसके बाद दीवार पर नोटिस लगा पड़ा कि मेरिट के आधार पर जेबीटी को सेंटर अलॉट किया जाएगा। इसके लिए उन्हें बारी-बारी से बुलाया जाएगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक मेरिट लिस्ट में सबसे पहले विकलांग महिला, फिर विकलांग पुरुष, मेरिट अंक वाली महिलाएं और अंत में पुरुषों का चयन किया जाएगा। सेंटर लेने के लिए डीईईओ कार्यालय में पहुंचे अमित, संजीव, रोहित का कहना है कि सरकार ने उन्हें परेशान करके रख दिया है। जब उनकी ज्वाइनिंग हो गई है तो उन्हें सेंटर अलॉट क्यों नहीं किया जा रहा। यहां कोई जींद से आ रहा है तो कोई हिसार से। इतनी दूर आने जाने में ही सब परेशान हो गए हैं। ऐसा भी नहीं है कि यहां आने पर उन्हें कोई सही जानकारी दे सके। कार्यालय में र्कई बार बुलाया जाता है। इतनी दूर से बार-बार तो आ नहीं सकते इसलिए यहां कभी धर्मशाला तो कभी रिश्तेदारों के पास ठहरना पड़ रहा है।
उनके पास 375 रिक्त पद हैं। मेरिट लिस्ट बनने के बाद 902 में से 391 को सेंटर अलॉट नहीं किया जाएगा। अब भी सीटें कम हैं और जेबीटी ज्यादा इसलिए मुख्यालय को इस बारे में पत्र लिखा है। वहां से कोई गाइड लाइन आएगी तो उसी आधार पर सेंटर अलॉट किया जाएगा।
विज्ञापन
- सुरेश कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
जेबीटी को सेंटर भले ही अलॉट न हुआ हो परंतु जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उनकी अस्थायी रूप से हाजिरी लगनी शुरू हो गई है। सभी को सेंटर अलॉट होने का इंतजार है। उन्हें सेंटर अलॉट होने वाले हैं इसलिए सोमवार को जेबीटी सैकड़ों की संख्या में डीईईओ कार्यालय में पहुंच गए। यहां पर सुबह से ही शाम तक सेंटर लेने के लिए जमावड़ा लगा रहा। उन्हें कोई जानकारी देने वाला भी नहीं था। नवनियुक्त टीचर पूछताछ के लिए एक कमरे से दूसरे कमरे के चक्कर लगाते रहे परंतु उन्हें सही जानकारी देने वाला कोई नहीं था। इसके बाद दीवार पर नोटिस लगा पड़ा कि मेरिट के आधार पर जेबीटी को सेंटर अलॉट किया जाएगा। इसके लिए उन्हें बारी-बारी से बुलाया जाएगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक मेरिट लिस्ट में सबसे पहले विकलांग महिला, फिर विकलांग पुरुष, मेरिट अंक वाली महिलाएं और अंत में पुरुषों का चयन किया जाएगा। सेंटर लेने के लिए डीईईओ कार्यालय में पहुंचे अमित, संजीव, रोहित का कहना है कि सरकार ने उन्हें परेशान करके रख दिया है। जब उनकी ज्वाइनिंग हो गई है तो उन्हें सेंटर अलॉट क्यों नहीं किया जा रहा। यहां कोई जींद से आ रहा है तो कोई हिसार से। इतनी दूर आने जाने में ही सब परेशान हो गए हैं। ऐसा भी नहीं है कि यहां आने पर उन्हें कोई सही जानकारी दे सके। कार्यालय में र्कई बार बुलाया जाता है। इतनी दूर से बार-बार तो आ नहीं सकते इसलिए यहां कभी धर्मशाला तो कभी रिश्तेदारों के पास ठहरना पड़ रहा है।
विज्ञापन
उनके पास 375 रिक्त पद हैं। मेरिट लिस्ट बनने के बाद 902 में से 391 को सेंटर अलॉट नहीं किया जाएगा। अब भी सीटें कम हैं और जेबीटी ज्यादा इसलिए मुख्यालय को इस बारे में पत्र लिखा है। वहां से कोई गाइड लाइन आएगी तो उसी आधार पर सेंटर अलॉट किया जाएगा।
विज्ञापन
- सुरेश कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।