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जानू हत्याकांड- 19 दिन बाद भी मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर, आज फिर पंचायत करेंगे समाज के लोग
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यमुनानगर। कांग्रेसी एवं दलित नेता राजिंद्र वाल्मीकि के बेटे जानू हत्याकांड के मुख्य आरोपी सचिन पंडित, सुमित व मनोज 19 दिन बाद भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 25 अप्रैल को वाल्मीकि समाज के लोगों ने शहर में जाम लगाया था। तब डीसी पार्थ गुप्ता ने उन्हें दस दिन में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था लेकिन बुधवार को यह अवधि पूरी होने पर भी मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर वृहस्पतिवार को जानू वाल्मीकि हत्याकांड संघर्ष समिति फिर से महापंचायत करेगी। जिसमें आंदोलन करने का निर्णय लिया जाएगा। मामले में अभी तक कुरुक्षेत्र के गांव मथाना निवासी अजय पांचाल, अग्रसेन कॉलोनी निवासी दमन अरोड़ा, कुरुक्षेत्र के गांव भदौंडा निवासी हरपाल व उमरी निवासी नीतेश को ही गिरफ्तार किया है। जबकि मुख्य आरोपी सचिन पंडित, सुमित राणा व मनोज उर्फ शंटी फरार हैं।
15 अप्रैल को ताबड़तोड़ फायरिंग कर की थी जानू वाल्मीकि की हत्या
चुन्ना भट्टी निवासी कांग्रेसी नेता राजेंद्र वाल्मीकि का बेटा जानू फाइनेंस का काम करता था। 15 अप्रैल की रात को जानू अपने दोस्तों के साथ जगाधरी के निजी पैलेस में विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी रौनक सिंह के शादी समारोह में शामिल होने गया था। जैसे ही जानू शादी समारोह से बाहर निकला तो उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इसमें जानू वाल्मीकि की मौत हो गई थी, जबकि उसके दोस्त विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी मोहित शर्मा, लुधियाना निवासी अनमोल व सिटी सेंटर निवासी रजत घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले में सुढल निवासी सचिन पंडित, उन्हेड़ी निवासी सुमित राणा व भाटिया नगर निवासी मनोज को नामजद करते हुए 22 युवकों पर हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने 17 अप्रैल को कुरुक्षेत्र निवासी हरपाल व मितेश को गिरफ्तार किया था। 25 अप्रैल को वाल्मीकि समाज के लोगों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महाराणा प्रताप चौक पर जाम लगाया था। तब डीसी ने दस दिन में हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। 29 अप्रैल को पुलिस ने कुरुक्षेत्र के गांव मथाना निवासी अजय पांचाल व अग्रसेन कॉलोनी निवासी दमन अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। अभी तक तीनों मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
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15 अप्रैल को ताबड़तोड़ फायरिंग कर की थी जानू वाल्मीकि की हत्या
चुन्ना भट्टी निवासी कांग्रेसी नेता राजेंद्र वाल्मीकि का बेटा जानू फाइनेंस का काम करता था। 15 अप्रैल की रात को जानू अपने दोस्तों के साथ जगाधरी के निजी पैलेस में विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी रौनक सिंह के शादी समारोह में शामिल होने गया था। जैसे ही जानू शादी समारोह से बाहर निकला तो उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इसमें जानू वाल्मीकि की मौत हो गई थी, जबकि उसके दोस्त विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी मोहित शर्मा, लुधियाना निवासी अनमोल व सिटी सेंटर निवासी रजत घायल हो गए थे। पुलिस ने मामले में सुढल निवासी सचिन पंडित, उन्हेड़ी निवासी सुमित राणा व भाटिया नगर निवासी मनोज को नामजद करते हुए 22 युवकों पर हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया था। मामले में पुलिस ने 17 अप्रैल को कुरुक्षेत्र निवासी हरपाल व मितेश को गिरफ्तार किया था। 25 अप्रैल को वाल्मीकि समाज के लोगों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महाराणा प्रताप चौक पर जाम लगाया था। तब डीसी ने दस दिन में हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। 29 अप्रैल को पुलिस ने कुरुक्षेत्र के गांव मथाना निवासी अजय पांचाल व अग्रसेन कॉलोनी निवासी दमन अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। अभी तक तीनों मुख्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
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