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Yamuna Nagar News: समाज के लिए नजीर बना जैन परिवार
Wed, 15 May 2024 05:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 15 May 2024 05:22 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एकल परिवारों के चलन में कई संयुक्त परिवार मिसाल बने हुए हैं। ऐसा ही विजय कॉलोनी का जैन परिवार है, जहां छह भाइयों का 27 सदस्यीय परिवार साथ रहता है। ये लोग एक-दूसरे की दिक्कतों में ढाल बन रहे हैं। कोरोना महामारी से लेकर अन्य आर्थिक व सामाजिक परेशानियों में परिवार की एकजुट काम आई, वहीं हर चुनाव में पूरे परिवार का एक साथ मतदान करना भी ध्यान खींचता है।
अन्य कार्यक्रमों में भी परिवार एक तस्वीर में दिखता है। परिवार की नींव स्वर्गीय धर्मपाल जैन व उनकी 82 वर्षीय पत्नी जयमाला हैं। उन्होंने सभी बेटों को न सिर्फ लायक बनाया बल्कि साथ मिलकर रहने की भी परवरिश दी। उनकी शादी के बाद यही सीख बहुओं व पोते-पोतियों को दी। धर्मपाल के छह बेटों में सबसे बड़े प्रमोद की वर्ष 2000 में हादसे में मौत हो गई थी।
तब से प्रमोद की 50 वर्षीय पत्नी राजरानी व इकलौते बेटे 30 वर्षीय निशांत के साथ प्रमोद के माता-पिता और पांचों भाईयों के परिवार हर दिक्कत में साथ हैं। निशांत बीटेक कर नौकरी कर रहा है और उसकी 25 वर्षीय सपना से शादी हो चुकी है। प्रमोद के छोटे भाई 52 वर्षीय सुबोध का कूलर-अलमारी का बिजनेस है, जिनकी 47 वर्षीय पत्नी नीलम व तीन बच्चों में 26 वर्षीय रोबिन, 24 वर्षीय प्रिया, 22 वर्षीय जतिन है।
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सुबोध से छोटे 50 वर्षीय सुनील जैन का कॉलोनी में करियाना स्टोर है। सुनील की 45 वर्षीय पत्नी विनिता व तीन बेटियां 20 वर्षीय मुस्कान, 18 वर्षीय विधि जैन, 16 वर्षीय अर्पिता है। सुनील से छोटे 47 वर्षीय राजीव हैं, जिनकी 44 वर्षीय पत्नी डोली व तीन बच्चों में 20 वर्षीय प्रियंका, 18 वर्षीय प्राची व 13 वर्षीय श्रयांश हैं।
राजीव से छोटे 44 वर्षीय विकास जैन दुकानदार हैं, जो आम आदमी पार्टी में यमुनानगर ब्लॉक अध्यक्ष हैं। जिनकी 43 वर्षीय पत्नी बबीता व दो बेटे 20 वर्षीय वंश व 17 वर्षीय यश है। सबसे छोटे भाई 42 वर्षीय नवीन कलकत्ता में जॉब करते हैं, जिनकी 38 वर्षीय पत्नी मनीषा व दो बच्चों में 14 वर्षीय पारस व 12 वर्षीय मानसी है।
परिवार के लिए समर्पण के किस्से
मूल रूप से यूपी में कैराना के गांव बुचाखेड़ी के धर्मपाल वर्ष-1980 में काम की तलाश में यमुनानगर आए। काम नहीं मिला तो पत्नी जयमाला व बच्चों के लिए कपड़े की फेरी लगाई। कई साल वीना नगर में किराये पर रहे फिर पत्नी जयमाला के जेवर बेच धर्मपाल ने विजय कॉलोनी में प्लॉट खरीदा। वहां एक कमरा बनाकर परिवार सहित रहे। मोदी मिल में आठ-दस साल काम कर घर के साथ छह बेटों की शादियां कर परिवार बड़ा किया। तब से अब तक यहीं छह भाइयों के परिवार बसे हैं। परिवार में रहने को सुनील ने दूसरे प्रदेश से मिला नौकरी का ऑफर ठुकराया तो सुबोध ने परिवार की आर्थिक तंगी देख गांव-गांव जाकर आइसक्रीम बेची। इसी तरह परिवार पर कोरोना महामारी व अन्य तरह की आर्थिक व सामाजिक दिक्कतों में सभी सदस्य एक दूसरे की ढाल बने रहे। धर्मपाल का गत वर्ष देहांत हो गया है।
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यमुनानगर। एकल परिवारों के चलन में कई संयुक्त परिवार मिसाल बने हुए हैं। ऐसा ही विजय कॉलोनी का जैन परिवार है, जहां छह भाइयों का 27 सदस्यीय परिवार साथ रहता है। ये लोग एक-दूसरे की दिक्कतों में ढाल बन रहे हैं। कोरोना महामारी से लेकर अन्य आर्थिक व सामाजिक परेशानियों में परिवार की एकजुट काम आई, वहीं हर चुनाव में पूरे परिवार का एक साथ मतदान करना भी ध्यान खींचता है।
अन्य कार्यक्रमों में भी परिवार एक तस्वीर में दिखता है। परिवार की नींव स्वर्गीय धर्मपाल जैन व उनकी 82 वर्षीय पत्नी जयमाला हैं। उन्होंने सभी बेटों को न सिर्फ लायक बनाया बल्कि साथ मिलकर रहने की भी परवरिश दी। उनकी शादी के बाद यही सीख बहुओं व पोते-पोतियों को दी। धर्मपाल के छह बेटों में सबसे बड़े प्रमोद की वर्ष 2000 में हादसे में मौत हो गई थी।
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तब से प्रमोद की 50 वर्षीय पत्नी राजरानी व इकलौते बेटे 30 वर्षीय निशांत के साथ प्रमोद के माता-पिता और पांचों भाईयों के परिवार हर दिक्कत में साथ हैं। निशांत बीटेक कर नौकरी कर रहा है और उसकी 25 वर्षीय सपना से शादी हो चुकी है। प्रमोद के छोटे भाई 52 वर्षीय सुबोध का कूलर-अलमारी का बिजनेस है, जिनकी 47 वर्षीय पत्नी नीलम व तीन बच्चों में 26 वर्षीय रोबिन, 24 वर्षीय प्रिया, 22 वर्षीय जतिन है।
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सुबोध से छोटे 50 वर्षीय सुनील जैन का कॉलोनी में करियाना स्टोर है। सुनील की 45 वर्षीय पत्नी विनिता व तीन बेटियां 20 वर्षीय मुस्कान, 18 वर्षीय विधि जैन, 16 वर्षीय अर्पिता है। सुनील से छोटे 47 वर्षीय राजीव हैं, जिनकी 44 वर्षीय पत्नी डोली व तीन बच्चों में 20 वर्षीय प्रियंका, 18 वर्षीय प्राची व 13 वर्षीय श्रयांश हैं।
राजीव से छोटे 44 वर्षीय विकास जैन दुकानदार हैं, जो आम आदमी पार्टी में यमुनानगर ब्लॉक अध्यक्ष हैं। जिनकी 43 वर्षीय पत्नी बबीता व दो बेटे 20 वर्षीय वंश व 17 वर्षीय यश है। सबसे छोटे भाई 42 वर्षीय नवीन कलकत्ता में जॉब करते हैं, जिनकी 38 वर्षीय पत्नी मनीषा व दो बच्चों में 14 वर्षीय पारस व 12 वर्षीय मानसी है।
परिवार के लिए समर्पण के किस्से
मूल रूप से यूपी में कैराना के गांव बुचाखेड़ी के धर्मपाल वर्ष-1980 में काम की तलाश में यमुनानगर आए। काम नहीं मिला तो पत्नी जयमाला व बच्चों के लिए कपड़े की फेरी लगाई। कई साल वीना नगर में किराये पर रहे फिर पत्नी जयमाला के जेवर बेच धर्मपाल ने विजय कॉलोनी में प्लॉट खरीदा। वहां एक कमरा बनाकर परिवार सहित रहे। मोदी मिल में आठ-दस साल काम कर घर के साथ छह बेटों की शादियां कर परिवार बड़ा किया। तब से अब तक यहीं छह भाइयों के परिवार बसे हैं। परिवार में रहने को सुनील ने दूसरे प्रदेश से मिला नौकरी का ऑफर ठुकराया तो सुबोध ने परिवार की आर्थिक तंगी देख गांव-गांव जाकर आइसक्रीम बेची। इसी तरह परिवार पर कोरोना महामारी व अन्य तरह की आर्थिक व सामाजिक दिक्कतों में सभी सदस्य एक दूसरे की ढाल बने रहे। धर्मपाल का गत वर्ष देहांत हो गया है।