फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Instructions to hand over possession to the society on depositing the prescribed amount, along with compensation of Rs 11,000.

Yamuna Nagar News: निर्धारित राशि जमा करने पर सोसायटी को कब्जा देने के निर्देश, 11 हजार मुआवजा भी

Fri, 17 Apr 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 17 Apr 2026 02:06 AM IST
विज्ञापन
Instructions to hand over possession to the society on depositing the prescribed amount, along with compensation of Rs 11,000.
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग यमुनानगर। आर्काइव
यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फ्लैट कब्जे के लिए दायर एक मामले में शिकायतकर्ता डॉ. परवीन गर्ग के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह ने केंद्रीय सरकार चिकित्सक सहकारी समूह आवास समिति, चिकित्सक हाइट्स, सिंहपुरा, जीरकपुर जिला मोहाली (पंजाब) को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित शर्तों की पूर्ति के बाद शिकायतकर्ता को फ्लैट का कब्जा सौंपा जाए।
विज्ञापन

आयोग ने यह भी माना कि सोसायटी की ओर से समय पर निर्माण पूरा न करना और शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान न करना सेवा में कमी और लापरवाही है। इसके चलते विपक्षी पक्ष को मानसिक उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11,000 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि यह राशि समय पर नहीं दी जाती है तो उस पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा। साथ ही आयोग ने शिकायतकर्ता को रखरखाव शुल्क, अतिरिक्त लागत और शेष भुगतान जमा करने के निर्देश दिए। इसके बाद विपक्षी पक्ष को 45 दिनों के भीतर कब्जा देना होगा।
विज्ञापन

आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि जगाधरी निवासी 61 वर्षीय एमबीबीएस डॉ. परवीन गर्ग ने केंद्रीय सरकार चिकित्सक सहकारी समूह आवास समिति में फ्लैट के लिए आवेदन किया था। फ्लैट की कुल कीमत 29.5 लाख रुपये तय की गई थी। शिकायतकर्ता ने अधिकांश राशि जमा कर दी थी लेकिन आरोप लगाया कि तय समय 31 मई 2023 तक कब्जा नहीं दिया गया। सोसायटी ने 1,49,010 रुपये रखरखाव शुल्क की मांग की, जिसका डॉ. गर्ग ने विरोध किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता वैभव अग्रवाल ने आयोग में दलील दी कि बिना कब्जा दिए रखरखाव शुल्क वसूलना अनुचित है। वहीं विपक्षी पक्ष की ओर से तर्क दिया कि शिकायतकर्ता पर करीब 13,48,361.78 रुपये बकाया हैं, जिसमें रखरखाव शुल्क, जुर्माना और ब्याज शामिल है और पूर्ण भुगतान के बिना कब्जा नहीं दिया जा सकता।
आयोग ने अवलोकन करते हुए पाया कि विपक्षी पक्ष ने न तो निर्माण कार्य पूर्ण होने का पर्याप्त प्रमाण दिया और न ही बकाया राशि का स्पष्ट गणना पत्र प्रस्तुत किया। रिकॉर्ड के अनुसार, परवीन गर्ग ने 28 जून 2016 तक 25.17 लाख रुपये जमा कर दिए थे जबकि कुल कीमत 29.5 लाख रुपये थी, जिससे 4,33,000 रुपये शेष पाए गए। आयोग ने यह भी पाया कि सोसायटी ने तीन लाख रुपये अतिरिक्त निर्माण लागत वसूलने का निर्णय 13 अगस्त 2016 की बैठक में लिया था, जिसे वैध माना गया।
वहीं पेंट, सफेदी, जुर्माना समेत अन्य खर्च के करीब 6,95,330 रुपये की मांग को आयोग ने खारिज कर दिया। रखरखाव शुल्क के मामले में आयोग ने माना कि 12 अगस्त 2018 की बैठक के अनुसार प्रत्येक सदस्य पर एक सितंबर 2018 से 2000 रुपये मासिक शुल्क लागू होता है। हालांकि 18 प्रतिशत ब्याज को अनुचित मानते हुए आयोग ने इसे घटाकर छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज निर्धारित किया।

आदेश में स्पष्ट किया गया कि शिकायतकर्ता तीन लाख रुपये अतिरिक्त निर्माण लागत, एक सितंबर 2018 से 2000 रुपये मासिक रखरखाव शुल्क छह प्रतिशत ब्याज सहित और शेष 4,33,000 रुपये जमा करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed