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Yamuna Nagar News: रोजगारपरक योजनाओं की दी जानकारी
Mon, 05 Jan 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:04 AM IST
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आजीविका योजनाओं के तहत आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण। प्रवक्ता
- फोटो : जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) दामला ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत गांव हाफिजपुर भैंडी एवं नगला जागीर में किसानों और ग्रामीणों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रोजगार योजनाओं की जानकारी देकर उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाना रहा।
केवीके दामला के संयोजक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि पूर्व में मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन किसानों व श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, जबकि अब विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका ग्रामीण स्कीम (विबिजी-राम-जी स्कीम) लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत किसानों और श्रमिकों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है।
योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई है तथा मजदूरी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और समय पर भुगतान संभव हो सकेगा। वैज्ञानिक डॉ. आसमा खान ने विशेष रूप से महिला किसानों को संबोधित करते हुए योजना के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. विशाल गोयल ने किसानों को भूमि की उर्वरता बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि मृदा की जैविक, भौतिक और रासायनिक संरचना फसल उत्पादन का मूल आधार है। उन्होंने मृदा जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी। प्रशिक्षण सहायक डॉ. करण सैनी ने लोगों से गृह वाटिका लगाने का आह्वान किया। गृह वाटिका से ताजी, पौष्टिक और सुरक्षित सब्जियां उपलब्ध होती हैं।
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यमुनानगर। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) दामला ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत गांव हाफिजपुर भैंडी एवं नगला जागीर में किसानों और ग्रामीणों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रोजगार योजनाओं की जानकारी देकर उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाना रहा।
केवीके दामला के संयोजक डॉ. संदीप रावल ने बताया कि पूर्व में मनरेगा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन किसानों व श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, जबकि अब विकसित भारत-2047 के विजन को ध्यान में रखते हुए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका ग्रामीण स्कीम (विबिजी-राम-जी स्कीम) लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत किसानों और श्रमिकों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है।
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योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई है तथा मजदूरी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और समय पर भुगतान संभव हो सकेगा। वैज्ञानिक डॉ. आसमा खान ने विशेष रूप से महिला किसानों को संबोधित करते हुए योजना के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. विशाल गोयल ने किसानों को भूमि की उर्वरता बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि मृदा की जैविक, भौतिक और रासायनिक संरचना फसल उत्पादन का मूल आधार है। उन्होंने मृदा जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी। प्रशिक्षण सहायक डॉ. करण सैनी ने लोगों से गृह वाटिका लगाने का आह्वान किया। गृह वाटिका से ताजी, पौष्टिक और सुरक्षित सब्जियां उपलब्ध होती हैं।