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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों को दी कर व्यवस्था की जानकारी
Wed, 17 Jul 2024 06:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 17 Jul 2024 06:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हिंदू गर्ल्स काॅलेज में सात दिवसीय एफडीपी कार्यक्रम करवाया गया। इसका विषय आयकर रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या मोनिका खुराना और अनुपमा गर्ग ने की। इसमें मुख्य वक्ता वाणिज्य विभाग की सीमा गुप्ता रहीं।
उन्होंने एफडीपी में सात दिन के अंतर्गत कर इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सन् 1857 में जो हानि स्वतंत्रता संग्राम में सेनानियों ने की गई थी, उसकी पूर्ति के लिए जेम्स विलियम ने कर लागू किया था। देश की आजादी के बाद सरकार ने आयकर अधिनियम 1961 में बनाया जिसमें हर वर्ष फरवरी में बजट का प्रारूप तैयार किया जाता है। मानसून सत्र में इसे पास किया जाता है।
उन्होंने असेस्मेंट ईयर, फाइनेनशल ईयर और एलाउंसिस के बारे में जानकारी दी। आयकर में पुरानी शासन व्यवस्था और नई शासन व्यवस्था दोनों प्रकार से कर की गणना करना सिखाया। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद होने वाले लाभ के बारे में भी बताया। एनपीएस में आने वाले कर्मियों के सेवानिवृत्ति पर लाभ और हानियों पर भी चर्चा की गई।
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एफडीपी समापन सत्र में प्राचार्या मोनिका खुराना ने कहा कि यह जानकारी सभी के लिए बेहद उपयोगी होगी। इससे सभी को कर का आधार, उसके लाभ और हानियों का पता चलेगा। डाॅ. सुरूचि चैधरी ने एफडीपी की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया।
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जगाधरी। हिंदू गर्ल्स काॅलेज में सात दिवसीय एफडीपी कार्यक्रम करवाया गया। इसका विषय आयकर रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या मोनिका खुराना और अनुपमा गर्ग ने की। इसमें मुख्य वक्ता वाणिज्य विभाग की सीमा गुप्ता रहीं।
उन्होंने एफडीपी में सात दिन के अंतर्गत कर इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सन् 1857 में जो हानि स्वतंत्रता संग्राम में सेनानियों ने की गई थी, उसकी पूर्ति के लिए जेम्स विलियम ने कर लागू किया था। देश की आजादी के बाद सरकार ने आयकर अधिनियम 1961 में बनाया जिसमें हर वर्ष फरवरी में बजट का प्रारूप तैयार किया जाता है। मानसून सत्र में इसे पास किया जाता है।
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उन्होंने असेस्मेंट ईयर, फाइनेनशल ईयर और एलाउंसिस के बारे में जानकारी दी। आयकर में पुरानी शासन व्यवस्था और नई शासन व्यवस्था दोनों प्रकार से कर की गणना करना सिखाया। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद होने वाले लाभ के बारे में भी बताया। एनपीएस में आने वाले कर्मियों के सेवानिवृत्ति पर लाभ और हानियों पर भी चर्चा की गई।
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एफडीपी समापन सत्र में प्राचार्या मोनिका खुराना ने कहा कि यह जानकारी सभी के लिए बेहद उपयोगी होगी। इससे सभी को कर का आधार, उसके लाभ और हानियों का पता चलेगा। डाॅ. सुरूचि चैधरी ने एफडीपी की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में कॉलेज के सभी स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया।