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Yamuna Nagar News: रहस्यमयी निमोनिया पर बढ़ी सतर्कता , ऑनलाइन होगा मरीजों का रिकॉर्ड
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चीन में बच्चों में फैले रहस्यमयी निमोनिया के चलते जिले में स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अब मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी व पीएचसी की ओपीडी में खांसी, बुखार, सर्दी, जुकाम के जो भी बच्चे आएंगे उन सभी का रिकॉर्ड पी-फार्म पर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त बच्चों की 10 दिनों की हिस्ट्री भी पूछ कर उसे ऑनलाइन चढ़या जाएगा। आने वाले दिनों में इनमें से यदि किसी बच्चे में निमोनिया, इन्फ्लूएंजा व सार्स कोविड के लक्षण मिलते हैं तो केस हिस्ट्री होने के कारण उसका उपचार करने में मदद मिलेगी। बच्चों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के बारे में स्टाफ को ट्रेनिंग दे दी गई है।
चीन में कई दिनों से बच्चों में रहस्यमयी निमोनिया फैला हुआ है। वहां हालात ज्यादा खराब होने के कारण जिले में समय रहते इसके लिए बचाव के कदम उठाने शुरू हो गए हैं। इस समय सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। तीन दिन पहले बूंदाबांदी भी हो चुकी है। दिन में गर्मी व सुबह-शाम सर्दी होने से बच्चे बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम की चपेट में आ रहे हैं।
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विशेषज्ञों की माने तो निमोनिया वैसे तो आम बुखार की ही तरह है, जिसे एंटी बैक्टीरियल और एंटीबायोटिक दवाओं से कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन बिगड़ने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने लगता है, जो मवाद बन जाता है। यह धीरे-धीरे पूरे फेफड़ों में भर जाता है, जिससे पीड़ित सांस लेने में असक्षम हो जाता है। यह बीमारी ज्यादातर बच्चों और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाती है।
जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी व पीएचसी में इस बीमारी को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी गई है। एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) व एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) पोर्टल पर उक्त रोग से संबंधित मरीजों का डाटा ऑनलाइन चढ़ाया जाएगा।
निमोनिया का जो खतरा इस वक्त बच्चों में देखा जा रहा है उसमें ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है। जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट स्वास्थ्य विभाग के पास पीएम केयर फंड व उद्योगपति के सहयोग से दो प्लांट लगे हुए हैं। आपातकालीन स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सकता है। वहीं 59 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर पीएम केयर फंड से मिले हुए हैं। 10 लीटर वाले 415 और 47 लीटर वाले 590 ऑक्सीजन सिलिंडर मौजूद हैं। जिला नागरिक अस्पताल में एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) प्लांट लगा हुआ है। जिससे पूरे अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के जिला निगरानी अधिकारी डॉ. वागीश गुटैन ने बताया कि सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी हो गई है। किसी को भी इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के पास बाल रोग के लिए आईसीयू में 15 बेड हैं। दो वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। सभी बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई है। वहीं बाल रोग के जनरल वार्ड में 40 बेड की सुविधा है। सात निजी रूम भी उपलब्ध हैं। बाल रोग से संबंधित सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाएगा। जो भी संदिग्ध मरीज आएगा, उसका सैंपल लेकर जांच कराएंगे।
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इसके अतिरिक्त बच्चों की 10 दिनों की हिस्ट्री भी पूछ कर उसे ऑनलाइन चढ़या जाएगा। आने वाले दिनों में इनमें से यदि किसी बच्चे में निमोनिया, इन्फ्लूएंजा व सार्स कोविड के लक्षण मिलते हैं तो केस हिस्ट्री होने के कारण उसका उपचार करने में मदद मिलेगी। बच्चों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के बारे में स्टाफ को ट्रेनिंग दे दी गई है।
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चीन में कई दिनों से बच्चों में रहस्यमयी निमोनिया फैला हुआ है। वहां हालात ज्यादा खराब होने के कारण जिले में समय रहते इसके लिए बचाव के कदम उठाने शुरू हो गए हैं। इस समय सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। तीन दिन पहले बूंदाबांदी भी हो चुकी है। दिन में गर्मी व सुबह-शाम सर्दी होने से बच्चे बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम की चपेट में आ रहे हैं।
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विशेषज्ञों की माने तो निमोनिया वैसे तो आम बुखार की ही तरह है, जिसे एंटी बैक्टीरियल और एंटीबायोटिक दवाओं से कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन बिगड़ने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक फेफड़ों में तरल पदार्थ भरने लगता है, जो मवाद बन जाता है। यह धीरे-धीरे पूरे फेफड़ों में भर जाता है, जिससे पीड़ित सांस लेने में असक्षम हो जाता है। यह बीमारी ज्यादातर बच्चों और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाती है।
जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी व पीएचसी में इस बीमारी को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी गई है। एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) व एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) पोर्टल पर उक्त रोग से संबंधित मरीजों का डाटा ऑनलाइन चढ़ाया जाएगा।
निमोनिया का जो खतरा इस वक्त बच्चों में देखा जा रहा है उसमें ऑक्सीजन की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है। जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट स्वास्थ्य विभाग के पास पीएम केयर फंड व उद्योगपति के सहयोग से दो प्लांट लगे हुए हैं। आपातकालीन स्थिति में इनका प्रयोग किया जा सकता है। वहीं 59 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर पीएम केयर फंड से मिले हुए हैं। 10 लीटर वाले 415 और 47 लीटर वाले 590 ऑक्सीजन सिलिंडर मौजूद हैं। जिला नागरिक अस्पताल में एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) प्लांट लगा हुआ है। जिससे पूरे अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के जिला निगरानी अधिकारी डॉ. वागीश गुटैन ने बताया कि सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी हो गई है। किसी को भी इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के पास बाल रोग के लिए आईसीयू में 15 बेड हैं। दो वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। सभी बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई है। वहीं बाल रोग के जनरल वार्ड में 40 बेड की सुविधा है। सात निजी रूम भी उपलब्ध हैं। बाल रोग से संबंधित सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों का रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाएगा। जो भी संदिग्ध मरीज आएगा, उसका सैंपल लेकर जांच कराएंगे।