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नियम तोड़ने में दोपहिया चालक आगे

Fri, 14 Mar 2014 12:24 AM IST
अमर उजाला यमुनानगर
अमर उजाला यमुनानगर Updated Fri, 14 Mar 2014 12:24 AM IST
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In the two-wheeler drivers breaking the rules
यमुनानगर। सड़क हादसों में दोपहिया वाहनों का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। ट्रैफिक पुलिस इस पर अंकुश लगाने के लिए चालान कर रही है। पर पुलिस की यह व्यवस्था ढाक के तीन पात साबित हो रहे हैं। पुलिस की सख्ती के बावजूद बेखौफ होकर बिना हेलमेट के सड़कों पर वाहन चला रहे हैं।
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 बता दें कि वर्ष 2013 में दोपहिया वाहनों के कुल 138 हादसे हुए, जिनमें 169 लोगाें ने अपनी जान गंवा दी। इसी प्रकार इस साल फरवरी तक 23 हादसों में 23 लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें से अधिकांश ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। बिना हेलमेट वालों के चालान किए जा रहे हैं, लेकिन सभी हेलमेट पहनें, इसको लेकर ट्रैफिक पुलिस की खास योजना नहीं है। ऐसे में चालक केवल चौक-चौराहों पर पुलिस को देख हेलमेट पहन लेते हैं, जबकि थोड़ी दूर जाते ही बाजू में लटका लेते हैं।
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दो माह में बिना हेलमेट के 1947 चालान
जनवरी में ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट के 1311 और फरवरी में 636 चालान किए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकांश दोपहिया चालक हेलमेट का प्रयोग करने से गुरेज करते हैं।
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ट्रीपल राइडिंग बना स्टेटस सिंबल
नियमानुसार दोपहिया वाहन पर दो से अधिक सवारी नहीं कर सकते हैं। लेकिन यहां इसके विपरीत ही नजारा है। तीन-चार सवारियां दोपहिया वाहनाें पर आम देखी जा सकती हैं। ट्रैफिक पुलिस ने भी ट्रीपल राइडिंग के जनवरी माह मे 162 और फरवरी माह में 114 चालान किए हैं। पुलिस की सख्ती के बावजूद भी अधिकतर स्कूल-कॉलेजों के युवा तीन या इससे अधिक की संख्या में दोपहिया वाहनों पर बैठे नजर आ जाते हैं।

चलती बाइक पर मोबाइल का इस्तेमाल
चलती बाइक पर मोबाइल पर बात करना या ईयर फोन पर गाने सुनना बाइक राइडर्स का फैशन बन गया है। कई बार ध्यान बंट जाने पर नियंत्रण खो बैठते हैं और हादसे की संभावना बनी रहती है। फिर भी यह शौक सिर चढ़कर बोल रहा है।

सुझाव नंबर-1
- यहां कुछ हद तक अभिभावक भी कसूरवार हैं, जो बच्चाें को किशोरावस्था में जिद पर दोपहिया वाहन देते हैं। इस दिशा में अभिभावक ही सुधार ला सकते हैं। अभिभावकाें को चाहिए कि लाइसेंस बनने की उम्र में ही अपने बच्चों को वाहन चलाने के लिए दें। उन्हें यातायात नियमाें बारे में पूरी तरह गाइड करें।

सुझाव नंबर-2
- ट्रैफिक पुलिस दोपहिया चालकों की लापरवाही पर चालान तो कर रही है, लेकिन इसको लेकर कोई खास योजना नहीं बना रही। अवैध पार्किंग को लेकर पुलिस द्वारा पोस्टल चालान को सभी ओर से सराहा गया है, जिसे दोपहिया चालकों के लिए भी अमल में लाया जाए तो सुधार होने की उम्मीद है।

सुझाव नंबर-3
- स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले अधिकांश विद्यार्थियाें के पास दोपहिया वाहन होते हैं। ऐसे में यदि स्कूल-कॉलेज स्तर पर उन्हें यातायात के नियमों और वाहन चलाते वक्त बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया जाए तो भी सुधार लाया जा सकता है।

स्कूल-कॉलेजों में बनेंगे रोड सेफ्टी क्लब
आरएसओ की ओर से स्कूल-कॉलेजों में इसको लेकर समय-समय पर सेमिनार लगाकर युवाआें को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाता है। साथ ही स्कूल-कॉलेज स्तर पर रोड सेफ्टी क्लब बनाने जा रहे हैं, जिसके सदस्य ट्रैफिक नियमों के प्रति युवाओं को जागरूक किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर यातायात पुलिस की मदद से सख्ती बरती जाएगी।

- अवतार सिंह चुघ, जिला प्रधान, आरएसओ।

वर्जन
यातायात नियमों को लेकर दोपहिया वाहनाें की लापरवाही के संदर्भ में पोस्टल चालान का सुझाव अच्छा है। इसको लेकर विचार किया जाएगा। साथ ही हेलमेट के प्रयोग को लेकर चालकाें को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
- निर्मल सिंह, एसएचओ, ट्रैफिक थाना।
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