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एसडीएम मंडी में गिनवाते रहे खामियां
यमुनानगर।
Updated Tue, 24 Sep 2013 12:48 AM IST
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जगाधरी के एसडीएम डॉ. आदित्य दहिया ने सोमवार को जगाधरी और
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यमुनानगर की अनाज मंडियों का दौरा किया। इस दौरान उन्हें ढेरों खामियां
सामने दिखीं।
एसडीएम खामियां गिनवाते जा रहे थे, तो मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी खामियों को जल्द दूर करने की बात कहते नजर आए। यमुनानगर की अनाजमंडी और सब्जी मंडी की मुख्य खस्ताहाल सड़क पर उनकी गाड़ी जाम में फंस गई, इस पर उन्होंने अधिकारियों से दूसरे रास्ते की जानकारी ली।
मंडी में पहुंचते ही एसडीएम ने शौचालय की बात कही। एसडीएम की इस बात पर मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ बोले की मंडी में दो जगह शौचालय हैं। जब उन्होंने शौचालय जाकर देखे तो एक जगह तो शौचालय के नाम पर तीन दीवारें खड़ी थीं, जिनमें से दो टूटी थीं, वहीं दूसरे स्थान पर बने शौचालयों में इतनी गंदगी थी कि एसडीएम गंदगी देख दंग रह गए। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को शौचालय को ठीक कराने और इनकी सफाई कराने की निर्देश दिए और तीन दिन बाद फिर से निरीक्षण करने की भी बात कही।
एसडीएम के दौरे से पहले हुई सफाई
एसडीएम का दौरा पहले से ही तय था, इसकी जानकारी मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को भी थी। ऐसे में स्थिति को संभालने के लिए उनकी ओर से दौरे से पहले ही मंडी की सफाई करा दी गई। कई दिनों से पड़ी गंदगी को मिनटों में ही साफ करा दिया गया। मंडी के एक आढ़ति ने बताया कि सुबह के समय जिस तरह से मंडी की सफाई हो रही थी उसे देख लग रहा था, कि यहां पर कोई अधिकारी आने वाला है। इतने अच्छे से तो यहां पर कभी सफाई हुई ही नहीं।
मंडी की बड़ी समस्या के तरफ नहीं ध्यान
जगाधरी मंडी में सबसे बड़ी समस्या टूटी सड़कों और सीवरेज के गड्ढे हैं, लेकिन इसकी ओर किसी ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। एसडीएम का काफिला वहीं सिर्फ शौचालयों और पीने के पानी की टंकियों के पास ही रुका और वहां से गाड़ियों में बैठ वापस हो लिया। मंडी में निरीक्षण के दौरान किसी भी अधिकारी की ओर से आढ़तियों से यह जानने की जहमत नहीं उठाई कि सीजन के दौरान उन्हें क्या समस्याएं होती हैं।
मार्केटिंग बोर्ड के पास तो बजट नहीं
अमर उजाला की ओर से करीब एक सप्ताह पहले मंडी की स्थिति को लेकर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को आगाह किया गया था, तो बोर्ड के एक्सईएन का कहना है कि उनके पास बजट ही नहीं है। ऐसे में बजट के अभाव में बोर्ड के अधिकारियों को एसडीएम के निर्देशों को पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
एसडीएम खामियां गिनवाते जा रहे थे, तो मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी खामियों को जल्द दूर करने की बात कहते नजर आए। यमुनानगर की अनाजमंडी और सब्जी मंडी की मुख्य खस्ताहाल सड़क पर उनकी गाड़ी जाम में फंस गई, इस पर उन्होंने अधिकारियों से दूसरे रास्ते की जानकारी ली।
मंडी में पहुंचते ही एसडीएम ने शौचालय की बात कही। एसडीएम की इस बात पर मार्केटिंग बोर्ड के एसडीओ बोले की मंडी में दो जगह शौचालय हैं। जब उन्होंने शौचालय जाकर देखे तो एक जगह तो शौचालय के नाम पर तीन दीवारें खड़ी थीं, जिनमें से दो टूटी थीं, वहीं दूसरे स्थान पर बने शौचालयों में इतनी गंदगी थी कि एसडीएम गंदगी देख दंग रह गए। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को शौचालय को ठीक कराने और इनकी सफाई कराने की निर्देश दिए और तीन दिन बाद फिर से निरीक्षण करने की भी बात कही।
एसडीएम के दौरे से पहले हुई सफाई
एसडीएम का दौरा पहले से ही तय था, इसकी जानकारी मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को भी थी। ऐसे में स्थिति को संभालने के लिए उनकी ओर से दौरे से पहले ही मंडी की सफाई करा दी गई। कई दिनों से पड़ी गंदगी को मिनटों में ही साफ करा दिया गया। मंडी के एक आढ़ति ने बताया कि सुबह के समय जिस तरह से मंडी की सफाई हो रही थी उसे देख लग रहा था, कि यहां पर कोई अधिकारी आने वाला है। इतने अच्छे से तो यहां पर कभी सफाई हुई ही नहीं।
मंडी की बड़ी समस्या के तरफ नहीं ध्यान
जगाधरी मंडी में सबसे बड़ी समस्या टूटी सड़कों और सीवरेज के गड्ढे हैं, लेकिन इसकी ओर किसी ने कोई ध्यान ही नहीं दिया। एसडीएम का काफिला वहीं सिर्फ शौचालयों और पीने के पानी की टंकियों के पास ही रुका और वहां से गाड़ियों में बैठ वापस हो लिया। मंडी में निरीक्षण के दौरान किसी भी अधिकारी की ओर से आढ़तियों से यह जानने की जहमत नहीं उठाई कि सीजन के दौरान उन्हें क्या समस्याएं होती हैं।
मार्केटिंग बोर्ड के पास तो बजट नहीं
अमर उजाला की ओर से करीब एक सप्ताह पहले मंडी की स्थिति को लेकर मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को आगाह किया गया था, तो बोर्ड के एक्सईएन का कहना है कि उनके पास बजट ही नहीं है। ऐसे में बजट के अभाव में बोर्ड के अधिकारियों को एसडीएम के निर्देशों को पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है।