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Yamuna Nagar News: चार साल में वेंडिग जोन में नहीं पहुंचीं जाम की वजह बनीं रेहड़ियां
Fri, 02 May 2025 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 02 May 2025 12:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चार साल से स्ट्रीट वेंडरों (रेहड़ी पर सामान बेचने वाले लोग) को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने को लेकर केवल हवा हवाई बातें हो रही हैं। नेताओं से लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने वेंडिंग जोन में जाकर फोटो खिंचवाने कोई मौका नहीं छोड़ा। इसके बावजूद अधिकारी आज तक एक भी फल, सब्जी की रेहड़ी को किसी वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं कर पाए।
शहर के सेक्टर-17 के साथ लगते गणेश नगर में बनाए गए वेंडिंग जोन में 196, प्रकाश चौक पर 44 व शक्ति नगर में हाइडल कॉलोनी के पास स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 96 बूथ स्ट्रीट वेंडर्स के लिए तैयार है। तीनों जगह 336 रेहड़ियां खड़ी करने की व्यवस्था है। तीनों वेंडिंग जोन में पार्किंग, पानी, लाइट, शौचालय व अन्य व्यवस्थाएं की गई है।
बारिश व धूप से बचने के लिए शेड बनाए गए हैं। जिनके नीचे खड़े होकर रेहड़ी वाले अपना सामान बेच सकेंगे। अधिकारियों ने इनके हाइटेक होने का दावा किया है, हालांकि ऊपर एक शेड और नीचे एक नल के अलावा कुछ भी नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि रेहड़ी वालों से इनमें शिफ्ट करने की एवज में कोई फीस ली जानी है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत जिन रेहड़ी फड़ी वालों के पास स्ट्रीट वेंडिंग सर्टिफिकेट व लाइसेंस है उन्हें वेंडिंग जोन में बूथ भी अलॉट किए जा चुके हैं।
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इसके बावजूद एक भी रेहड़ी इनमें शिफ्ट नहीं हो सकी। गणेश नगर के वेंडिंग जोन पर 80 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यदि यहां रेहड़ियां शिफ्ट हो जाती तो 200 बूथ के लिए एक और वेंडिंग जोन बनाया जाना था। बूथ भले ही 336 हों लेकिन अभी 153 रेहड़ी वालों ने ही आवेदन किया है।
शहर में वेंडिंग जोन बनाने की योजना इसलिए बनी थी क्योंकि शहर की सड़कों पर जगह-जगह लोग रेहड़ियाें पर फल, सब्जी, फस्ट फूड व अन्य खाने का सामान बेच रहे हैं। लोग अपनी गाड़ियों में आते हैं और उन्हें सड़क पर ही पार्क करके सामान खरीदने लगते हैं। इससे सड़कों पर जाम लगता है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती थी। इस पर सभी रेहड़ी वालों को सड़कों से हटाकर वेंडिंग जोन में पहुंचाना था ताकि लोगों को जरूरत का सामान एक ही जगह पर उपलब्ध हो सके।
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यमुनानगर। चार साल से स्ट्रीट वेंडरों (रेहड़ी पर सामान बेचने वाले लोग) को वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने को लेकर केवल हवा हवाई बातें हो रही हैं। नेताओं से लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने वेंडिंग जोन में जाकर फोटो खिंचवाने कोई मौका नहीं छोड़ा। इसके बावजूद अधिकारी आज तक एक भी फल, सब्जी की रेहड़ी को किसी वेंडिंग जोन में शिफ्ट नहीं कर पाए।
शहर के सेक्टर-17 के साथ लगते गणेश नगर में बनाए गए वेंडिंग जोन में 196, प्रकाश चौक पर 44 व शक्ति नगर में हाइडल कॉलोनी के पास स्ट्रीट वेंडर्स के लिए 96 बूथ स्ट्रीट वेंडर्स के लिए तैयार है। तीनों जगह 336 रेहड़ियां खड़ी करने की व्यवस्था है। तीनों वेंडिंग जोन में पार्किंग, पानी, लाइट, शौचालय व अन्य व्यवस्थाएं की गई है।
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बारिश व धूप से बचने के लिए शेड बनाए गए हैं। जिनके नीचे खड़े होकर रेहड़ी वाले अपना सामान बेच सकेंगे। अधिकारियों ने इनके हाइटेक होने का दावा किया है, हालांकि ऊपर एक शेड और नीचे एक नल के अलावा कुछ भी नहीं है। ऐसा भी नहीं है कि रेहड़ी वालों से इनमें शिफ्ट करने की एवज में कोई फीस ली जानी है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत जिन रेहड़ी फड़ी वालों के पास स्ट्रीट वेंडिंग सर्टिफिकेट व लाइसेंस है उन्हें वेंडिंग जोन में बूथ भी अलॉट किए जा चुके हैं।
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इसके बावजूद एक भी रेहड़ी इनमें शिफ्ट नहीं हो सकी। गणेश नगर के वेंडिंग जोन पर 80 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यदि यहां रेहड़ियां शिफ्ट हो जाती तो 200 बूथ के लिए एक और वेंडिंग जोन बनाया जाना था। बूथ भले ही 336 हों लेकिन अभी 153 रेहड़ी वालों ने ही आवेदन किया है।
शहर में वेंडिंग जोन बनाने की योजना इसलिए बनी थी क्योंकि शहर की सड़कों पर जगह-जगह लोग रेहड़ियाें पर फल, सब्जी, फस्ट फूड व अन्य खाने का सामान बेच रहे हैं। लोग अपनी गाड़ियों में आते हैं और उन्हें सड़क पर ही पार्क करके सामान खरीदने लगते हैं। इससे सड़कों पर जाम लगता है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती थी। इस पर सभी रेहड़ी वालों को सड़कों से हटाकर वेंडिंग जोन में पहुंचाना था ताकि लोगों को जरूरत का सामान एक ही जगह पर उपलब्ध हो सके।