फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Implementation of auto-mutation will curb arbitrary practices

Yamuna Nagar News: ऑटो म्यूटेशन शुरू होने से मनमानी करने पर लगेगा अंकुश

Sat, 29 Aug 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sat, 29 Aug 2026 01:03 AM IST
विज्ञापन
Implementation of auto-mutation will curb arbitrary practices
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। जमीन के इंतकाल के लिए लोगों को तहसील और पटवारखाने के चक्कर लगाने से जल्द राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार की ओर से राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीक आधारित बनाने के लिए ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था जल्द ही लागू की जा रही है।
नई व्यवस्था में म्यूटेशन की फाइल किसी एक अधिकारी के स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रह सकेगी। तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर फाइल स्वत: अगले अधिकारी के लॉग इन में चली जाएगी।
विज्ञापन

अब चाहे पटवारी हड़ताल पर भी रहें किसी की इंतकाल संबंधित फाइल अटकी नहीं रहेगी।
नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होने के बाद म्यूटेशन की फाइल पहले पटवारी के लॉग इन में जाएगी। पटवारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन का समय दिया जाएगा। पांचवें दिन तक यदि पटवारी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो म्यूटेशन स्वत: कानूनगो के लॉग इन में फॉरवर्ड हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कानूनगो को भी कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मिलेगा। सातवें दिन यदि निर्धारित कार्रवाई नहीं हुई तो फाइल स्वत: सीआरओ के लॉग इन में पहुंच जाएगी। सीआरओ को म्यूटेशन पर आवश्यक कार्रवाई के लिए चार दिन का समय निर्धारित किया गया है।
इस अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर 11वें दिन म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में इनकॉरपोरेट हो जाएगी। अधिकारियों के अनुसार व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करना और म्यूटेशन की प्रक्रिया को टाइम-बाउंड बनाना है।
सरकार की ओर से जल्द एक विशेष ऑनलाइन पेज या पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक निर्धारित समय-सीमा में म्यूटेशन प्रोसेस नहीं होने पर शिकायत दर्ज करा सकेगा। नागरिक अपनी म्यूटेशन से संबंधित दस्तावेज भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। संबंधित विभाग या अधिकारी को 10 दिनों के भीतर मामले में आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।यदि नियमों के अनुसार म्यूटेशन हो सकती है तो लोगों को प्रति उपलब्ध कराई जाएगी।
वहीं, किसी कारण से म्यूटेशन नहीं हो सकती तो संबंधित सीआरओ को स्पीकिंग ऑर्डर जारी करना होगा। इसमें स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि म्यूटेशन क्यों नहीं की जा सकती और किस नियम या कारण के आधार पर आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।

घर बैठे राजस्व सेवाएं देने पर जोर
डीसी प्रीति ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं लोगों को घर बैठे या नजदीकी सीएससी के माध्यम से मिलें। जमाबंदी, जमीन इंतकाल, डिजिटली साइन्ड रजिस्ट्री और अन्य राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटी करेक्शन की प्रक्रिया सरल करने और तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी व समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed