फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Illegal collection of parking charges at private hospitals has caused traffic jams on the roads

Yamuna Nagar News: निजी अस्पतालों में पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली से सड़कों पर जाम

Sun, 21 Dec 2025 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 21 Dec 2025 12:45 AM IST
विज्ञापन
Illegal collection of parking charges at private hospitals has caused traffic jams on the roads
ईएसआई अस्पताल के पास नर्सिंग होने के सामने सड़क पर खड़े वाहन।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। शहर में निजी अस्पताल संचालकों की मनमानी अब आम जनता के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। रोजाना सैकड़ों मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ-साथ सड़कों पर चलने वाले हजारों लोग अस्पतालों के बाहर लगने वाले जाम से परेशान हैं। इसकी मुख्य वजह निजी अस्पतालों के पास समुचित पार्किंग सुविधा का न होना और इसके बावजूद पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली करना है।
इलाज के लिए हजारों रुपये का बिल बनाने वाले अस्पताल मरीज के परिजनों के वाहन भी खड़े नहीं करवा सकते। यहां भी उनसे 10 रुपये से लेकर 20 रुपये लिए जा रहे हैं। शहर के अधिकतर निजी अस्पतालों के पास न तो अपनी पर्याप्त पार्किंग है और न ही बाहर वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने की कोई व्यवस्था।
विज्ञापन

जिन अस्पतालों के पास सीमित पार्किंग मौजूद है, वहां भी वाहन खड़ा करने पर 10 से 20 रुपये तक की पर्ची काटी जा रही है। बाइक के लिए 10 रुपये व कार के लिए 20 रुपये निर्धारित है। इस शुल्क से बचने के लिए लोग अस्पताल के बाहर सड़क किनारे या गलियों में अपने वाहन खड़े कर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसका सीधा असर यह होता है कि अस्पतालों के बाहर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम राहगीरों, स्कूली वाहनों और एंबुलेंस तक को निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।जब प्राइवेट अस्पतालों के संचालन के लिए एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) ली जाती है, तो अस्पताल संचालक लिखित रूप में यह देते हैं कि उनके पास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है।
वहीं हकीकत में अधिकांश अस्पतालों में यह शर्त केवल कागजों तक ही सीमित है। मौके पर न तो निर्धारित मानकों के अनुसार पार्किंग है और न ही ट्रैफिक को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था।
स्थिति यहां तक गंभीर हो चुकी है कि कुछ अस्पताल संचालक सरकारी गलियों और सार्वजनिक रास्तों में खड़े वाहनों की भी पर्ची काट रहे हैं, जो पूरी तरह से अवैध है। नियमानुसार किसी भी निजी संस्था को सरकारी सड़क या गली में पार्किंग शुल्क वसूलने का कोई अधिकार नहीं है। अस्पतालों के बाहर लगने वाले जाम का मुद्दा लगातार रोड सेफ्टी की बैठकों में उठ रहा है। इसके बाद समस्या दूर नहीं हो सकी है।

इस बढ़ती समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने शहर के प्राइवेट अस्पताल संचालकों और बैंकों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। वाहन अस्पताल की पार्किंग में खड़े होने चाहिए न की सड़क पर। इस संबंध में सभी अस्पताल व बैंक संचालकों को हिदायत भी दी गई थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। सभी को नोटिस जारी होंगे। - कुशलपाल राणा, थाना यातायात प्रभारी।

ईएसआई अस्पताल के पास नर्सिंग होने के सामने सड़क पर खड़े वाहन।संवाद

ईएसआई अस्पताल के पास नर्सिंग होने के सामने सड़क पर खड़े वाहन।संवाद

ईएसआई अस्पताल के पास नर्सिंग होने के सामने सड़क पर खड़े वाहन।संवाद

ईएसआई अस्पताल के पास नर्सिंग होने के सामने सड़क पर खड़े वाहन।संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed