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सवारी ट्रेन न चलाई तो भाकियू देगी स्टेशन पर धरना
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कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के साथ ही रेल गाड़ियों का संचालन भले शुरू हो गया हो, लेकिन इसका लाभ छोटे स्टेशन के लोगों को नहीं मिल रहा है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
इसे लेकर शनिवार को मुस्तफाबाद स्टेशन पर गाड़ियों के ठहराव के लिए क्षेत्र वासियों की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने की। जिसमें क्षेत्र के काफी लोगों ने भाग लिया और गाड़ियों का ठहराव न होने के कारण हो रहे नुकसान व परेशानियों पर चर्चा की। इस दौरान संजू गुंदियाना ने कहा कि 20 मार्च 2020 को कोरोना संक्रमण के चलते ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। इसके बाद कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद फिर से गाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया है। लेकिन 22 महीने बाद उनके मुस्तफाबाद स्टेशन पर किसी गाड़ी का ठहराव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 22 महीने से क्षेत्र के लोग निजी, बस व यातायात साधनों पर निर्भर हैं। इस दौरान लोगों ने स्टेशन पर गाड़ियों के ठहराव की मांग की। इसे लेकर 14 जनवरी को इसे लेकर महापंचायत की जाएगी। भाकियू नेता ने बताया कि 30 दिसंबर को अंबाला मंडल के डीआरएम से मुलाकात कर गाड़ियों का ठहराव देने की मांग की गई थी। यहां उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द सवारी गाड़ियों का ठहराव नहीं किया गया तो भाकियू और सभी गांव के लोग रेलवे स्टेशन पर धरना देंगे।इस दौरान पप्पल, रविंद्र, चंद्रपाल, राम सिंह, कुलवंत सिंह भाटिया, प्रकाश नंबरदार, हरमीत सिंह, सोनू, मोहन, गुरविंद्र, रवि, मोहन, सुरेश, सुरजीत, मनमोहन सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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इसे लेकर शनिवार को मुस्तफाबाद स्टेशन पर गाड़ियों के ठहराव के लिए क्षेत्र वासियों की बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने की। जिसमें क्षेत्र के काफी लोगों ने भाग लिया और गाड़ियों का ठहराव न होने के कारण हो रहे नुकसान व परेशानियों पर चर्चा की। इस दौरान संजू गुंदियाना ने कहा कि 20 मार्च 2020 को कोरोना संक्रमण के चलते ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया था। इसके बाद कोरोना का प्रभाव कम होने के बाद फिर से गाड़ियों का संचालन शुरू कर दिया है। लेकिन 22 महीने बाद उनके मुस्तफाबाद स्टेशन पर किसी गाड़ी का ठहराव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 22 महीने से क्षेत्र के लोग निजी, बस व यातायात साधनों पर निर्भर हैं। इस दौरान लोगों ने स्टेशन पर गाड़ियों के ठहराव की मांग की। इसे लेकर 14 जनवरी को इसे लेकर महापंचायत की जाएगी। भाकियू नेता ने बताया कि 30 दिसंबर को अंबाला मंडल के डीआरएम से मुलाकात कर गाड़ियों का ठहराव देने की मांग की गई थी। यहां उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द सवारी गाड़ियों का ठहराव नहीं किया गया तो भाकियू और सभी गांव के लोग रेलवे स्टेशन पर धरना देंगे।इस दौरान पप्पल, रविंद्र, चंद्रपाल, राम सिंह, कुलवंत सिंह भाटिया, प्रकाश नंबरदार, हरमीत सिंह, सोनू, मोहन, गुरविंद्र, रवि, मोहन, सुरेश, सुरजीत, मनमोहन सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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