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Yamuna Nagar News: यही हालात रहे तो फिर स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछड़ेंगे हम
Mon, 05 Aug 2024 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 05 Aug 2024 03:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 की रैंकिंग में पिछड़ने पर भी नगर निगम अफसरों ने शायद सबक नहीं लिया। तभी रैंकिंग बिगड़ने पर भी शहर के तस्वीर नहीं बदल पाए हैं। गत वर्षों की तरह इस बार भी नगर निगम ने डोर टू डोर कचरा उठान का ठेका एजेंसी को दिया है, तब भी कचरा गलियों-सड़कों पर बिखर रहा है।
इसका कारण निवर्तमान पार्षद नियमित उठान न होना बता रहे हैं। उनकी मानें तो नियमित कचरा उठान न होने पर लोग घर-दुकान में इकट्ठा किए कचरे को खुले में गिराने पर मजबूर हैं। जबकि इस तरह खुले में गिर रहा कचरा बारिश के मौसम में जल निकासी बाधित करने के साथ बीमारी की वजह बन सकता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में राष्ट्रीय स्तर पर शहर का 170 रैंक रहा, जिसमें स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में 51 पायदान नीचे गिरकर शहर 221वें रैंक पर आ गया। गत वर्षों में शहर के 11-11 वार्डों के दो जोन बनाकर डाेर टू डोर कचरा उठान से लेकर निस्तारण तक के काम का ठेका अलग-अलग एजेंसियों को दिया गया। इस बार सभी 22 वार्डों का एक जोन बनाकर एक ही एजेंसी को यह काम दिया गया है।
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जुलाई से एजेंसी काम कर रही है। इसकी शुरुआत में ही जांच में सामने आया कि एजेंसी ने तय संख्या से कम कचरा उठान वाहन काम में लगाए थे। तब 90 टिपर, 26 रेहड़ियां व 15 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां काम में लगे मिले। इस पर निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने एजेंसी को 117 टिपर, 72 रेहड़ियां, 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाने के आदेश दिए। साथ ही नियमित कचरा उठान के भी निर्देश दिए। लेकिन इसके बाद भी कई वार्डों की कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में नियमित कचरा उठान न होने के आरोप लग रहे हैं।
निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान का आरोप है कि कचरा उठान नियमित के बजाए कई दिन व हफ्ते में हो रहा है। घरों-दुकानों में इकट्ठे किए कचरे से दुर्गंध व मक्खी मच्छर से परेशान होकर लोग इसे सड़कों किनारे गिराने पर मजबूर हैं। इसका कारण काम की निगरानी सही से न होना है। उनकी मांग है कि वार्ड के निवर्तमान पार्षद पर काम की निगरानी की जिम्मेदारी लगाई जाए, ताकि वह वार्ड में नियमित कचरा उठान करवा सके।
नियमित कचरा उठान के लिए एजेंसी को निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अफसरों को निगरानी के लिए लगाया है। अगर कहीं कचरा उठान नहीं किया जा रहा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 की रैंकिंग में पिछड़ने पर भी नगर निगम अफसरों ने शायद सबक नहीं लिया। तभी रैंकिंग बिगड़ने पर भी शहर के तस्वीर नहीं बदल पाए हैं। गत वर्षों की तरह इस बार भी नगर निगम ने डोर टू डोर कचरा उठान का ठेका एजेंसी को दिया है, तब भी कचरा गलियों-सड़कों पर बिखर रहा है।
इसका कारण निवर्तमान पार्षद नियमित उठान न होना बता रहे हैं। उनकी मानें तो नियमित कचरा उठान न होने पर लोग घर-दुकान में इकट्ठा किए कचरे को खुले में गिराने पर मजबूर हैं। जबकि इस तरह खुले में गिर रहा कचरा बारिश के मौसम में जल निकासी बाधित करने के साथ बीमारी की वजह बन सकता है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में राष्ट्रीय स्तर पर शहर का 170 रैंक रहा, जिसमें स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में 51 पायदान नीचे गिरकर शहर 221वें रैंक पर आ गया। गत वर्षों में शहर के 11-11 वार्डों के दो जोन बनाकर डाेर टू डोर कचरा उठान से लेकर निस्तारण तक के काम का ठेका अलग-अलग एजेंसियों को दिया गया। इस बार सभी 22 वार्डों का एक जोन बनाकर एक ही एजेंसी को यह काम दिया गया है।
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जुलाई से एजेंसी काम कर रही है। इसकी शुरुआत में ही जांच में सामने आया कि एजेंसी ने तय संख्या से कम कचरा उठान वाहन काम में लगाए थे। तब 90 टिपर, 26 रेहड़ियां व 15 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां काम में लगे मिले। इस पर निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने एजेंसी को 117 टिपर, 72 रेहड़ियां, 20 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाने के आदेश दिए। साथ ही नियमित कचरा उठान के भी निर्देश दिए। लेकिन इसके बाद भी कई वार्डों की कॉलोनियों, मोहल्लों व गांवों में नियमित कचरा उठान न होने के आरोप लग रहे हैं।
निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान का आरोप है कि कचरा उठान नियमित के बजाए कई दिन व हफ्ते में हो रहा है। घरों-दुकानों में इकट्ठे किए कचरे से दुर्गंध व मक्खी मच्छर से परेशान होकर लोग इसे सड़कों किनारे गिराने पर मजबूर हैं। इसका कारण काम की निगरानी सही से न होना है। उनकी मांग है कि वार्ड के निवर्तमान पार्षद पर काम की निगरानी की जिम्मेदारी लगाई जाए, ताकि वह वार्ड में नियमित कचरा उठान करवा सके।
नियमित कचरा उठान के लिए एजेंसी को निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित अफसरों को निगरानी के लिए लगाया है। अगर कहीं कचरा उठान नहीं किया जा रहा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।