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संसद में पहुंचा मुस्तफाबाद में ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा
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लॉकडाउन के समय से बंद पड़ी पैसेंजर गाड़ियां अभी तक नहीं चलाई गई हैं। रेलवे इन सवारी गाड़ियों को विशेष श्रेणी की एक्सप्रेस ट्रेन बनाकर चला रहा है। इस कारण छोटे स्टेशन पर इनका ठहराव बंद कर दिया गया है। इन गाड़ियाें को दोबारा से चलाने के लिए जिले के कई संगठन केंद्र, राज्य सरकार सहित रेलवे अधिकारियों से भी मांग कर चुके हैं। वहीं मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव करवाने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने नवंबर महीने में प्रदर्शन किया था। इसके बाद रेलवे ने यहां पर मात्र एक ट्रेन का औपचारिक ठहराव कर दिया है। कुछ दिन पहले तंदवाल में लोगों ने ट्रैक जाम कर ट्रेन रोकने की मांग की थी, लेकिन रेलवे इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में क्षेत्रीय सांसद की ओर से अब इन मामलों को संसद में उठाया गया है।
सांसद नायब सैनी ने संसद में कहा कि लॉकडाउन से पहले सहारनपुर से अंबाला की ओर जाने के लिए करीब एक दर्जन सवारी गाड़ियां चलती थीं, जिनका ठहराव कलानौर, जगाधरी वर्कशॉप, दराजपुर, मुस्तफाबाद, बराड़ा, तंदवाल सहित तमाम छोटे स्टेशन पर होता था, लेकिन लॉकडाउन में इनका ठहराव बंद कर दिया गया। इसके बाद अब तक इसे दोबारा शुरू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब सभी कार्यालय, औद्योगिक इकाइयां, शिक्षण सहित तमाम संस्थान व सार्वजनिक स्थान शत प्रतिशत क्षमता के साथ खुल रहे हैं, जबकि इन गाड़ियों का संचालन विशेष श्रेणी में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन से प्रति दिन तीन सौ से अधिक लोग सफर कर अपने काम, संस्थान में जाते थे, जो अब निजी व अन्य साधनों के भरोसे हैं। इससे उनके समय और धन की हानि हो रही है। सांसद ने कहा कि कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम हो गया है। ऐसे में रेलवे को इन गाड़ियों का संचालन नियमित तौरे पर करना चाहिए। वहीं सभी गाड़ियों का संचालन कर इनका नियमित ठहराव करना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
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सांसद नायब सैनी ने संसद में कहा कि लॉकडाउन से पहले सहारनपुर से अंबाला की ओर जाने के लिए करीब एक दर्जन सवारी गाड़ियां चलती थीं, जिनका ठहराव कलानौर, जगाधरी वर्कशॉप, दराजपुर, मुस्तफाबाद, बराड़ा, तंदवाल सहित तमाम छोटे स्टेशन पर होता था, लेकिन लॉकडाउन में इनका ठहराव बंद कर दिया गया। इसके बाद अब तक इसे दोबारा शुरू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब सभी कार्यालय, औद्योगिक इकाइयां, शिक्षण सहित तमाम संस्थान व सार्वजनिक स्थान शत प्रतिशत क्षमता के साथ खुल रहे हैं, जबकि इन गाड़ियों का संचालन विशेष श्रेणी में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन से प्रति दिन तीन सौ से अधिक लोग सफर कर अपने काम, संस्थान में जाते थे, जो अब निजी व अन्य साधनों के भरोसे हैं। इससे उनके समय और धन की हानि हो रही है। सांसद ने कहा कि कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम हो गया है। ऐसे में रेलवे को इन गाड़ियों का संचालन नियमित तौरे पर करना चाहिए। वहीं सभी गाड़ियों का संचालन कर इनका नियमित ठहराव करना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
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