{"_id":"65c7ed7b26de8417090d4d74","slug":"i-was-implicated-in-a-conspiracy-dilbagh-singh-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-113849-2024-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक साजिश के तहत मुझे फंसाया गया : दिलबाग सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक साजिश के तहत मुझे फंसाया गया : दिलबाग सिंह
Sun, 11 Feb 2024 03:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 11 Feb 2024 03:11 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत से मुक्त हुए इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह शनिवार सुबह पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया और उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध करार दिया।
इससे पूर्व मौजूदा एवं पूर्व सरपंच, पार्षद, उद्योगपति, किसान, व्यापारी, कर्मचारी आदि ने पूर्व विधायक से मिलकर उनको बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पूर्व विधायक दिलबाग सिंह ने कहा कि कई लोगों को यह गलतफहमी है कि अदालत ने उनको जमानत पर मुक्त किया है बल्कि सत्य यह है कि हाईकोर्ट द्वारा उनकी गिरफ्तारी को ही अवैध घोषित कर प्रवर्तन निदेशालय को उन्हें तुरंत मुक्त करने का आदेश दिया है।
एक साजिश के तहत उनको फंसाने का काम किया गया ,परंतु उन्हें बचपन से ही यही शिक्षा मिली है कि सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना, सत्य परेशान तो हो सकता है परंतु कभी भी पराजित नहीं हो सकता, उन्हें इस बात पर दृढ़ विश्वास था और अंत में जीत सत्य की ही हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत से मुक्त हुए इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह शनिवार सुबह पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया और उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध करार दिया।
इससे पूर्व मौजूदा एवं पूर्व सरपंच, पार्षद, उद्योगपति, किसान, व्यापारी, कर्मचारी आदि ने पूर्व विधायक से मिलकर उनको बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पूर्व विधायक दिलबाग सिंह ने कहा कि कई लोगों को यह गलतफहमी है कि अदालत ने उनको जमानत पर मुक्त किया है बल्कि सत्य यह है कि हाईकोर्ट द्वारा उनकी गिरफ्तारी को ही अवैध घोषित कर प्रवर्तन निदेशालय को उन्हें तुरंत मुक्त करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
एक साजिश के तहत उनको फंसाने का काम किया गया ,परंतु उन्हें बचपन से ही यही शिक्षा मिली है कि सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना, सत्य परेशान तो हो सकता है परंतु कभी भी पराजित नहीं हो सकता, उन्हें इस बात पर दृढ़ विश्वास था और अंत में जीत सत्य की ही हुई।
विज्ञापन