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हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव पास होने पर भी अधिकारी नहीं जागे तो
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:19 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : yamunanagar
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करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिला पार्षद अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के बाद खुद ही सरकारी जमीन की पैमाइश करवाने के लिए मौके पर पहुंच गई। अवैध कब्जाधारी द्वारा धमकाए जाने के बावजूद महिला पार्षद डरी नहीं और अधिकारियों व पुलिस को मौके पर बुलवाया। महिला पार्षद की पहल के बाद नगर निगम प्रशासन ने अपनी जमीन को कब्जा मुक्त करवाने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
वार्ड नंबर 14 के पुराना हमीदा इलाके में ईदगाह के पीछे नगर निगम की करीब पौने चार एकड़ जमीन खाली पड़ी है। यह इलाका महिला पार्षद निर्मल चौहान के वार्ड में आता है। इस जमीन पर पिछले कई सालों से अवैध कब्जा है। इस सरकारी जमीन का इस्तेमाल फैक्टरी के रूप में किया जा रहा है। महिला पार्षद निर्मल चौहान वीरवार को नगर निगम के पटवारी को साथ लेकर यहां पहुंची तो वहां करीब 100 मजूदर काम कर रहे थे। महिला पार्षद सरकारी जमीन की पैमाइश करवाने लगी तो मजदूर महिला पार्षद और पटवारी को घेर कर खड़े हो गए। जमीन पर कब्जा करने वाले व्यक्ति ने पार्षद व पटवारी को धमकाया और निशानदेही का काम रुकवा दिया।
इतना ही नहीं अवैध कब्जा धारी ने कहा कि पहले नोटिस दिखाओ, फिर पैमाइश करना। उसकी धमकी से महिला पार्षद डरी नहीं और उन्होंने नगर निगम के कमिश्नर को फोन पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को मौके पर बुलवाया। कमिश्नर ने नगर निगम के एमई व अन्य कर्मचारियों को मौके पर भेजा। उनके वहां आने के बाद दोबारा सरकारी जमीन की पैमाइश का काम शुरू किया गया। पैमाइश पूरी होने के बाद अधिकारी जमीन की निशानदेही करवा कर वापस लौट आए।
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हाउस में प्रस्ताव पास होने के बावजूद नहीं हटवाया गया अवैध कब्जा : निर्मल चौहान
पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि यह जमीन नगर निगम की है, जिस पर कई सालों से अवैध कब्जा है। उन्होंने इस जमीन के अलावा निगम क्षेत्र की अन्य करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा नगर निगम हाउस की मीटिंग में भी उठाया था। साथ ही इस जमीन को कब्जा मुक्त करवाकर इसकी चारदीवारी करवाने का प्रस्ताव हाउस में पास करवाया था। इसके बावजूद आज तक चारदीवारी करना तो दूर, कोई अधिकारी सरकारी जमीन की पैमाइश करने वहां नहीं पहुंचा। निर्मल चौहान ने बताया कि कुछ महीने पहले जब उन्होंने हाउस में यह मुद्दा उठाया था, उस समय करीब डेढ़ एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा था। लेकिन अब करीब पौने चार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हो गया है।
...आखिर क्यों आंखें मूंदे रहे अधिकारी
नगर निगम की पौने चार एकड़ जमीन बड़े कारखाने में तब्दील कर दी गई है। इस जमीन पर चार बड़ी क्रेनें, दो ट्रक, 150 से अधिक गैस वेल्डिंग के रूप में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर, हजारों टन लोहे के गाटर व पाइप सहित अन्य सामान पड़ा हुआ है। यहां दिन को तो फैब्रिकेशन का काम होता ही है, रात को भी बड़ी-बड़ी लाइटें जलाकर काम किया जाता है। इतना ही नहीं इस सरकारी जमीन पर बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर भी लगा है। नियम कानून को ताक पर रखकर कारखाने में बिजली का कनेक्शन भी दिया गया है। इस जमीन की कीमत करोड़ों में है। यदि इस जमीन को किराए पर भी दिया जाए तो प्रतिमाह हजारों रुपये आएंगे। ऐसे में बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतनी बड़ी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा संभव नहीं है।
वर्जन :::::::
मैने कुछ समय पहले ही चार्ज संभाला है। हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव पास होनेे के बावजूद सरकारी जमीन से अवैध कब्जा न हटवाना गंभीर मामला है। नगर निगम की जमीन को एक-दो दिन में ही कब्जा मुक्त करवा दिया जाएगा। जितने समय से जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, अवैध कब्जाधारी से उसका किराया भी वसूल किया जाएगा।
- गिरीश अरोड़ा, कमिश्नर, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम।
वर्जन :::::
अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी जमीन पर बिजली कनेक्शन नहीं जारी हो सकता है। आज ही यह मामला मेरे नोटिस में आया है। एसडीओ से इस मामले की जांच पड़ताल के लिए कहा गया है।
आरके खन्ना, एक्सईएन, उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम
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वार्ड नंबर 14 के पुराना हमीदा इलाके में ईदगाह के पीछे नगर निगम की करीब पौने चार एकड़ जमीन खाली पड़ी है। यह इलाका महिला पार्षद निर्मल चौहान के वार्ड में आता है। इस जमीन पर पिछले कई सालों से अवैध कब्जा है। इस सरकारी जमीन का इस्तेमाल फैक्टरी के रूप में किया जा रहा है। महिला पार्षद निर्मल चौहान वीरवार को नगर निगम के पटवारी को साथ लेकर यहां पहुंची तो वहां करीब 100 मजूदर काम कर रहे थे। महिला पार्षद सरकारी जमीन की पैमाइश करवाने लगी तो मजदूर महिला पार्षद और पटवारी को घेर कर खड़े हो गए। जमीन पर कब्जा करने वाले व्यक्ति ने पार्षद व पटवारी को धमकाया और निशानदेही का काम रुकवा दिया।
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इतना ही नहीं अवैध कब्जा धारी ने कहा कि पहले नोटिस दिखाओ, फिर पैमाइश करना। उसकी धमकी से महिला पार्षद डरी नहीं और उन्होंने नगर निगम के कमिश्नर को फोन पर इसकी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को मौके पर बुलवाया। कमिश्नर ने नगर निगम के एमई व अन्य कर्मचारियों को मौके पर भेजा। उनके वहां आने के बाद दोबारा सरकारी जमीन की पैमाइश का काम शुरू किया गया। पैमाइश पूरी होने के बाद अधिकारी जमीन की निशानदेही करवा कर वापस लौट आए।
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हाउस में प्रस्ताव पास होने के बावजूद नहीं हटवाया गया अवैध कब्जा : निर्मल चौहान
पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि यह जमीन नगर निगम की है, जिस पर कई सालों से अवैध कब्जा है। उन्होंने इस जमीन के अलावा निगम क्षेत्र की अन्य करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा नगर निगम हाउस की मीटिंग में भी उठाया था। साथ ही इस जमीन को कब्जा मुक्त करवाकर इसकी चारदीवारी करवाने का प्रस्ताव हाउस में पास करवाया था। इसके बावजूद आज तक चारदीवारी करना तो दूर, कोई अधिकारी सरकारी जमीन की पैमाइश करने वहां नहीं पहुंचा। निर्मल चौहान ने बताया कि कुछ महीने पहले जब उन्होंने हाउस में यह मुद्दा उठाया था, उस समय करीब डेढ़ एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा था। लेकिन अब करीब पौने चार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा हो गया है।
...आखिर क्यों आंखें मूंदे रहे अधिकारी
नगर निगम की पौने चार एकड़ जमीन बड़े कारखाने में तब्दील कर दी गई है। इस जमीन पर चार बड़ी क्रेनें, दो ट्रक, 150 से अधिक गैस वेल्डिंग के रूप में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर, हजारों टन लोहे के गाटर व पाइप सहित अन्य सामान पड़ा हुआ है। यहां दिन को तो फैब्रिकेशन का काम होता ही है, रात को भी बड़ी-बड़ी लाइटें जलाकर काम किया जाता है। इतना ही नहीं इस सरकारी जमीन पर बिजली के खंभे व ट्रांसफार्मर भी लगा है। नियम कानून को ताक पर रखकर कारखाने में बिजली का कनेक्शन भी दिया गया है। इस जमीन की कीमत करोड़ों में है। यदि इस जमीन को किराए पर भी दिया जाए तो प्रतिमाह हजारों रुपये आएंगे। ऐसे में बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतनी बड़ी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा संभव नहीं है।
वर्जन :::::::
मैने कुछ समय पहले ही चार्ज संभाला है। हाउस की मीटिंग में प्रस्ताव पास होनेे के बावजूद सरकारी जमीन से अवैध कब्जा न हटवाना गंभीर मामला है। नगर निगम की जमीन को एक-दो दिन में ही कब्जा मुक्त करवा दिया जाएगा। जितने समय से जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, अवैध कब्जाधारी से उसका किराया भी वसूल किया जाएगा।
- गिरीश अरोड़ा, कमिश्नर, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम।
वर्जन :::::
अवैध रूप से कब्जा की गई सरकारी जमीन पर बिजली कनेक्शन नहीं जारी हो सकता है। आज ही यह मामला मेरे नोटिस में आया है। एसडीओ से इस मामले की जांच पड़ताल के लिए कहा गया है।
आरके खन्ना, एक्सईएन, उत्तरी हरियाणा बिजली वितरण निगम