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Yamuna Nagar News: अस्पताल के कर्मचारी की तबीयत बिगड़ी, निजी अस्पताल में करना पड़ा रेफर
Fri, 12 Dec 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 12 Dec 2025 01:40 AM IST
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उप नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी लोगों की भीड़। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला में एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल का असर न केवल मरीजों पर पड़ रहा है बल्कि अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। हड़ताल के कारण अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी घट गई है। इसका असर इस बात से लगाया जा सकता है कि उप जिला अस्पताल जगाधरी में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कपिल का रक्तचाप बढ़ने से तबीयत खराब हो गई। पहले अस्पताल में बाहर से आए डॉक्टरों ने कर्मचारी का उपचार किया लेकिन हालत ज्यादा खराब होने पर उसे अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की गाड़ी से निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उनका उपचार चल रहा है। जब एक कर्मचारी को ही पर्याप्त उपचार नहीं मिला तो अन्य मरीजों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
वहीं आयुष विभाग, ईएसआई अस्पताल व एमएम मुलाना से आए डॉक्टर सड़क हादसों व झगड़े में घायल लोगों की एमएलआर भी नहीं काट रहे हैं। जगाधरी अस्पताल में एमएलआर के लिए आने वाले मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर में रेफर किया जा रहा है। रेफर करने पर सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने जगाधरी के चिकित्सा अधीक्षक को फोन करके आपत्ति भी जताई। जगाधरी अस्पताल में बाहर से आए डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने कभी एमएलआर नहीं काटी है। वहीं उन्हें यह भी डर है कि कहीं बाद में कोर्ट के चक्कर न काटने पड़े। वहीं ईएसआई से आए डॉक्टरों का कहना है कि वह तो श्रम विभाग के अधीन काम करते हैं। इसलिए किसी की एमएलआर नहीं काट सकते। डॉक्टरों की इस तरह की बहानेबाजी से स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
96 में से 76 डॉक्टर हड़ताल पर रहे
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार चौथे दिन 96 में से 76 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। बुधवार को 74 डॉक्टर हड़ताल पर थे। हड़ताल के दौरान कई डॉक्टरों ने छुट्टी की अर्जी भेजी थी, जिसे रिजेक्ट कर दिया गया है। प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 25 में से जो 21 डॉक्टर हड़ताल गए हुए हैं उन्हें न केवल नोटिस जारी किया गया है बल्कि फोन करके भी कहा गया है कि यदि वह ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें नौकरी से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने शाम तक काम पर लौटने की बात कही है।
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चौथे दिन भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी रही। हड़ताल पूरी तरह से सफल रही है। हम नहीं चाहते थे कि हड़ताल इतनी लंबी चले। बाहर से आए डॉक्टर मरीजों का उपचार किस तरह से कर रहे हैं यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में तो मरीजों का उपचार बिल्कुल भी नहीं हो रहा है। पिछली बार हुई हड़ताल में सरकार ने कुछ मांगें मांग ली थी, लेकिन अभी तक उनका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। सरकार ने चार बजे बातचीत के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया है। यदि बातचीत सफल हो जाती है तो हड़ताल को खत्म कर दिया जाएगा, नहीं तो इसे जारी रखा जाएगा।
- डाॅ. पुनीत कालरा, जिला प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन।
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फोटो: 10
डॉक्टर ने दवा रिपीट कर दी:
संजय का कहना है कि ओपीडी में जिस डॉक्टर से उपचार चल रहा था वह आज सीट पर नहीं मिले। उनकी जगह कोई दूसरा डॉक्टर केबिन में था। डॉक्टर ने जो दवाई लिखी थी वह रिपीट कर दी है। वह अस्पताल में आया तो यहां पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ नहीं थी।
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फोटो: 12
बाहर से खरीदनी पड़ेगी दवा:
बसातियांवाला गांव की सुनीता का कहना है कि वह अपनी पौती को दवाई दिलवाने के लिए आई है। आज पहली बार दवा लेने अस्पताल में आई। डॉक्टर ने तो उपचार कर दिया, लेकिन दवा नहीं मिली। कुछ दवा उसे अस्पताल से मिल गई जबकि बाकी बाहर से खरीदनी पड़ेंगी।
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यमुनानगर। जिला में एसएमओ की सीधी भर्ती के विरोध में डॉक्टरों की हड़ताल का असर न केवल मरीजों पर पड़ रहा है बल्कि अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। हड़ताल के कारण अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी घट गई है। इसका असर इस बात से लगाया जा सकता है कि उप जिला अस्पताल जगाधरी में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कपिल का रक्तचाप बढ़ने से तबीयत खराब हो गई। पहले अस्पताल में बाहर से आए डॉक्टरों ने कर्मचारी का उपचार किया लेकिन हालत ज्यादा खराब होने पर उसे अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की गाड़ी से निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उनका उपचार चल रहा है। जब एक कर्मचारी को ही पर्याप्त उपचार नहीं मिला तो अन्य मरीजों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
वहीं आयुष विभाग, ईएसआई अस्पताल व एमएम मुलाना से आए डॉक्टर सड़क हादसों व झगड़े में घायल लोगों की एमएलआर भी नहीं काट रहे हैं। जगाधरी अस्पताल में एमएलआर के लिए आने वाले मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर में रेफर किया जा रहा है। रेफर करने पर सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने जगाधरी के चिकित्सा अधीक्षक को फोन करके आपत्ति भी जताई। जगाधरी अस्पताल में बाहर से आए डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने कभी एमएलआर नहीं काटी है। वहीं उन्हें यह भी डर है कि कहीं बाद में कोर्ट के चक्कर न काटने पड़े। वहीं ईएसआई से आए डॉक्टरों का कहना है कि वह तो श्रम विभाग के अधीन काम करते हैं। इसलिए किसी की एमएलआर नहीं काट सकते। डॉक्टरों की इस तरह की बहानेबाजी से स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
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96 में से 76 डॉक्टर हड़ताल पर रहे
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार चौथे दिन 96 में से 76 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। बुधवार को 74 डॉक्टर हड़ताल पर थे। हड़ताल के दौरान कई डॉक्टरों ने छुट्टी की अर्जी भेजी थी, जिसे रिजेक्ट कर दिया गया है। प्रोबेशन पीरियड पर चल रहे 25 में से जो 21 डॉक्टर हड़ताल गए हुए हैं उन्हें न केवल नोटिस जारी किया गया है बल्कि फोन करके भी कहा गया है कि यदि वह ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें नौकरी से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने शाम तक काम पर लौटने की बात कही है।
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चौथे दिन भी डॉक्टरों की हड़ताल जारी रही। हड़ताल पूरी तरह से सफल रही है। हम नहीं चाहते थे कि हड़ताल इतनी लंबी चले। बाहर से आए डॉक्टर मरीजों का उपचार किस तरह से कर रहे हैं यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में तो मरीजों का उपचार बिल्कुल भी नहीं हो रहा है। पिछली बार हुई हड़ताल में सरकार ने कुछ मांगें मांग ली थी, लेकिन अभी तक उनका नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। सरकार ने चार बजे बातचीत के लिए एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाया है। यदि बातचीत सफल हो जाती है तो हड़ताल को खत्म कर दिया जाएगा, नहीं तो इसे जारी रखा जाएगा।
- डाॅ. पुनीत कालरा, जिला प्रधान, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन।
फोटो: 10
डॉक्टर ने दवा रिपीट कर दी:
संजय का कहना है कि ओपीडी में जिस डॉक्टर से उपचार चल रहा था वह आज सीट पर नहीं मिले। उनकी जगह कोई दूसरा डॉक्टर केबिन में था। डॉक्टर ने जो दवाई लिखी थी वह रिपीट कर दी है। वह अस्पताल में आया तो यहां पर अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ नहीं थी।
फोटो: 12
बाहर से खरीदनी पड़ेगी दवा:
बसातियांवाला गांव की सुनीता का कहना है कि वह अपनी पौती को दवाई दिलवाने के लिए आई है। आज पहली बार दवा लेने अस्पताल में आई। डॉक्टर ने तो उपचार कर दिया, लेकिन दवा नहीं मिली। कुछ दवा उसे अस्पताल से मिल गई जबकि बाकी बाहर से खरीदनी पड़ेंगी।

उप नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी लोगों की भीड़। संवाद

उप नागरिक अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी लोगों की भीड़। संवाद