सीएम से मिलेगा किसान प्रतिनिधिमंडल, प्रशासन दिलाएगा समय
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनिवार सुबह सुढल गांव में किसान एकत्रित हुए और जिला प्रशासन द्वारा किसानों की गिरफ्तारी की कार्रवाई पर रोष जताया। किसानों ने पंचायत में आगामी आंदोलन और उनके सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा की। पंचायत की सूचना मिलने पर दोपहर को एसडीएम जगाधरी प्रेमचंद गांगल, डीएसपी जगाधरी राजिंद्र कुमार व तहसीलदार दर्शन लाल किसानों से बातचीत करने के लिए गांव में पहुंचे।
किसान नेता संगठन सचिव हरपाल सुढल, मंडल अध्यक्ष बाबू राम गुंदयानी, जिलाध्यक्ष संजू गुंदयानी, जिला उपाध्यक्ष कृष्णपाल, बीर राम गलोली, मेवा राम गोलनपुर, प्रदेश सलाहकार कर्म सिंह, प्रेस सचिव राकेश बैंस समेत कई किसानों ने अधिकारियों से बातचीत की और उनके सामने समस्याएं रखीं। एक घंटे बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी भी पहुंच गए। ढाई घंटे तक अधिकारियों व किसान नेताओं में बातचीत चलती रही।
एसडीएम ने किसानों को बताया कि जिले में धार-144 लगी हुई है, ऐसे में एक जगह पर किसान एकत्रित नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मामला आर्बिटेटर की कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन किसान अपना पक्ष उनकी कोर्ट में नहीं रख रहे हैं। सात तारीख से वे खुद कोर्ट में जा रहे हैं, लेकिन किसान नहीं पहुंच रहे। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर किसान प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलें और उनके सामने अपनी मांगे रखें। मुख्यमंत्री से मिलने का समय सोमवार को दिला दिया जाएगा। साथ ही आर्बिटेटर की कोर्ट में विचाराधीन केस में भी किसान अपना पक्ष मजबूती से रखें। उनके इस आश्वासन पर किसान नेता मान गए और पंचायत खत्म करने का निर्णय ले लिया।
सीएम से मिलेंगे, प्रशासन करवाएगा मुलाकात : हरपाल
भारतीय किसान यूनियन के संगठन सचिव हरपाल सुढल ने बताया किसान अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे। सोमवार को प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री से मिलने का समय दिला जाएगा। इसके बाद ही आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री से समय लेकर सूचित किया जाएगा : एसडीएम
एसडीएम प्रेमचंद ने बताया कि किसानों को समझाया गया कि धारा 144 लगी हुई है, इसका उल्लंघन न करें। कानून हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। सोमवार को मुख्यमंत्री से समय लेकर किसानों को सूचित कर किया जाएगा। किसान को बताया गया कि आर्बिटेटर में जल्द सुनवाई के लिए एप्लीकेशन लगा दें, जिससे सुनवाई में तेजी आएगी।
फोटो नंबर-27,28,29