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स्कूलों पर लगाम लगाने में बेबस अधिकारी, दो साल का वसूल रहे शुल्क

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 12:45 AM IST
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Helpless officers to rein in schools, charging fees for two years
यमुनानगर। तमाम शिकायतों व प्रदर्शनों के बाद भी अधिकारी निजी स्कूलों पर नकेल नहीं डाल पा रहे हैं। बल्कि विरोध से उनके हौसले और भी अधिक बढ़ गए हैं। पहले जहां स्कूल अभिभावकों से एक साल का वार्षिक शुल्क ले रहे थे, वहीं विरोध के बाद अब प्रबंधकों ने दो साल का शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। स्कूलों की इस मनमानी के विरोध में सोमवार को पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य डीसी से मिले। यहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर कार्रवाई करने की मांग की। डीसी ने अभिभावकों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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निजी स्कूल प्रबंधक अभिभावकों से एक नहीं बल्कि दो साल का वार्षिक शुल्क व डेवलपमेंट चार्ज वसूल रहे हैं। गौरतलब है कि अभिभावकों के भुगतान करने पर स्कूल संचालक रसीद भी नहीं दे रहे हैं। दाखिला करवाने पहुंच रहे अभिभावकों को साधारण कागज पर फीस, सभी शुल्क व चार्ज लिखकर दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, यदि कोई शिकायत करे तो बिना नाम के रसीद को चैलेंज नहीं किया जा सकता है।अभिभावक मनोज कुमार, जितेंद्र शर्मा, अंकुश गोयल, सुरेंद्र कुमार, हरप्रीत सिंह, रति ठाकुर, रजत राणा ने सरस्वती नगर स्थित एक स्कूल संचालक पर आरोप लगाया कि प्रबंधन की ओर से दो साल का वार्षिक शुल्क व डेवलपमेंट चार्ज लिया जा रहा है। अभिभावकों ने कहा कि इसके लिए स्कूल की ओर से रसीद भी नहीं दी जा रही है।
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स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य सोमवार को डीसी पार्थ गुप्ता से मिले। यहां अभिभावकों ने डीसी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों ने कहा कि आयुक्त के आदेशों के बाद भी निजी स्कूल संचालक बाज नहीं आ रहे हैं। वे वार्षिक शुल्क, डेवलपमेंट चार्ज वसूल रहे हैं। वहीं यह वे फीस के साथ जोड़कर ले रहे हैं और इसे बकाया में दिखा रहे हैं। फार्म छह में 20 प्रतिशत फीस दर्शाई गई है। इसके अलावा विभिन्न गतिविधियों के नाम पर भी सैकड़ों रुपये लिए जा रहे हैं। अभिभावकों ने कहा कि मंडलायुक्त रेणु फुलिया के आदेशों के बाद भी अधिकारी इस पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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वर्जन
स्कूल फार्म छह के अनुसार ही फीस ले सकते हैं। वहीं फार्म छह में की वृद्धि की वजह भी उन्हें बतानी होगी। यदि स्कूल नियमों के विरूद्ध जाकर काम करेंगे तो कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
पार्थ गुप्ता, डीसी, यमुनानगर।
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