{"_id":"67a1153ca9d538664d0f101a","slug":"health-of-479-people-was-checked-in-ayush-camp-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-132541-2025-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: आयुष शिविर में जांचा 479 लोगों का स्वास्थ्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: आयुष शिविर में जांचा 479 लोगों का स्वास्थ्य
विज्ञापन
श्री आदिबद्री में आयुष शिविर का उद्घाटन करते विधायक घनश्याम दास। डीआईपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आयुष विभाग की ओर से वसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती उद्गम स्थल श्री आदि बद्री में लगाए निशुल्क आयुष शिविर में 479 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया। मुख्य अतिथि यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने शिविर का शुभारंभ किया।
शिविर में आयुष विभाग के वरिष्ठ आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सकों ने लोगों की निशुल्क जांच कर उन्हें परामर्श व मुफ्त औषधियां वितरित की।विधायक घनश्याम दास ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति हमारे देश की प्राचीन पद्धति है। आयुर्वेद की उत्पत्ति वेदों से हुई है, जिनकी रचना महर्षि वेद व्यास द्वारा सरस्वती नदी किनारे बैठकर की गई थी। आज आयुर्वेद पद्धति को संसार के सभी लोग अपनाना चाहते हैं, क्योंकि आयुर्वेद पद्धति रोग को बिना किसी साइड इफेक्ट के समूल नष्ट करती है।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. प्रतिभा भाटिया ने बताया कि इस शिविर में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सा द्वारा लोगों की जांच कर नि:शुल्क औषधियां वितरित की गई। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने उपस्थित लोगों को रसोई घर एक आदर्श औषधालय की जानकारी दी। पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. संगीता सांगवान ने लोगों को बताया कि पंचकर्म के अनुसार वसंत ऋतु वमन कर्म के लिए उपयुक्त मानी गई है। क्योंकि इस ऋतु में मानव शरीर में कफ दोष की वृद्धि हो जाती है, जिसको ठीक करने के लिए वमन कर्म उत्तम मना जाता है।
विज्ञापन
इस ऋतु में कफ के कारण होने वाले रोगों को वमन कर्म द्वारा पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने पंचकर्म की बाकी विधियों को संक्षिप्त रूप से लोगों को समझाया कि कैसे हम पंचकर्म द्वारा अपने शरीर के शोधन से जटिल बीमारियों को ठीक कर सकते हैं। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. महक ने शिशु व मातृत्व स्वास्थ्य के बारे जानकारी दी। यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि कैसे पुराने से पुराने रोगों को यूनानी औषधियों से ठीक किया जा सकता है। मंच संचालन जिला योग कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनील कांबोज ने किया। अंत में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मौके पर डॉ. बहादुर संधू, डॉ. जसविंद्र चहल, डॉ. निधि पपनेजा, डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. जावेद अख्तर, राम कुमार, मोहम्मद शमीम, सतबीर, वीनस व दीपक बडोला मौजूद रहे।
विज्ञापन
यमुनानगर। आयुष विभाग की ओर से वसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती उद्गम स्थल श्री आदि बद्री में लगाए निशुल्क आयुष शिविर में 479 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया। मुख्य अतिथि यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने शिविर का शुभारंभ किया।
शिविर में आयुष विभाग के वरिष्ठ आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सकों ने लोगों की निशुल्क जांच कर उन्हें परामर्श व मुफ्त औषधियां वितरित की।विधायक घनश्याम दास ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति हमारे देश की प्राचीन पद्धति है। आयुर्वेद की उत्पत्ति वेदों से हुई है, जिनकी रचना महर्षि वेद व्यास द्वारा सरस्वती नदी किनारे बैठकर की गई थी। आज आयुर्वेद पद्धति को संसार के सभी लोग अपनाना चाहते हैं, क्योंकि आयुर्वेद पद्धति रोग को बिना किसी साइड इफेक्ट के समूल नष्ट करती है।
विज्ञापन
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. प्रतिभा भाटिया ने बताया कि इस शिविर में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सा द्वारा लोगों की जांच कर नि:शुल्क औषधियां वितरित की गई। आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने उपस्थित लोगों को रसोई घर एक आदर्श औषधालय की जानकारी दी। पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. संगीता सांगवान ने लोगों को बताया कि पंचकर्म के अनुसार वसंत ऋतु वमन कर्म के लिए उपयुक्त मानी गई है। क्योंकि इस ऋतु में मानव शरीर में कफ दोष की वृद्धि हो जाती है, जिसको ठीक करने के लिए वमन कर्म उत्तम मना जाता है।
विज्ञापन
इस ऋतु में कफ के कारण होने वाले रोगों को वमन कर्म द्वारा पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने पंचकर्म की बाकी विधियों को संक्षिप्त रूप से लोगों को समझाया कि कैसे हम पंचकर्म द्वारा अपने शरीर के शोधन से जटिल बीमारियों को ठीक कर सकते हैं। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. महक ने शिशु व मातृत्व स्वास्थ्य के बारे जानकारी दी। यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि कैसे पुराने से पुराने रोगों को यूनानी औषधियों से ठीक किया जा सकता है। मंच संचालन जिला योग कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनील कांबोज ने किया। अंत में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। मौके पर डॉ. बहादुर संधू, डॉ. जसविंद्र चहल, डॉ. निधि पपनेजा, डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. जावेद अख्तर, राम कुमार, मोहम्मद शमीम, सतबीर, वीनस व दीपक बडोला मौजूद रहे।

श्री आदिबद्री में आयुष शिविर का उद्घाटन करते विधायक घनश्याम दास। डीआईपीआरओ