फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   He kept eating peanuts in the car and kept begging for his brother's life.

वो गाड़ी में बैठ खाते रहे मूंगफली और भाई की जिंदगी की भीख मांगता रहा पीड़ित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Oct 2022 02:27 AM IST
विज्ञापन
He kept eating peanuts in the car and kept begging for his brother's life.
रेलवे ग्राउंड में रामलीला में आए युवक की हत्या के मामले की जानकारी देते उसके परिजन। - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। रेलवे ग्राउंड में रामलीला देखने आए तरुण उर्फ राहुल की हत्या के मामले में उसके भाई गौरव ने डायल 112 की गाड़ी में बैठे दो पुलिसकर्मियों पर मदद न करने के आरोप लगाए है। गौरव उर्फ सन्नी ने बताया कि तेजधार हथियारों से हमला करने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। उसने खून से लथपथ अपने भाई राहुल को संभाला। उस समय वह जीवित था। भाई को अस्पताल पहुंचाने के लिए वह रेलवे ग्राउंड के बाहर खड़ी डायल 112 की गाड़ी पर गया। जहां दो पुलिसकर्मी बैठकर मूंगफली खा रहे थे। उसने पुलिसकर्मियों से उसके भाई को अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद की गुहार लगाई। आरोप है कि पुलिस ने उसकी मदद नहीं की।
विज्ञापन

इस दौरान उसने रामलीला में आए लोगों से मदद मांगी, लेकिन आसपास के लोगों ने भी उसकी कोई मदद नहीं की। इस दौरान करीब आधा घंटा तक उसका भाई मौके पर ही पड़ा तड़पता रहा। छाती में छुरा लगने से उसका खून भी बह रहा था। इसके बाद वह अपने भाई को अपने दोस्त की एक्टिवा पर सिविल अस्पताल ले गया। तब तक काफी देर हो चुकी थी।
विज्ञापन

तीन दिन पहले रामलीला देखने के दौरान दो गुटों में हुआ था झगड़ा
मृतक के भाई गौरव ने बताया कि तरुण कैंप में बाइक रिपेयरिंग का काम करता था। वे दोनों भाई रोजाना रामलीला देखने रेलवे ग्राउंड में जाते थे। रामलीला के दौरान उसके भाई पर हमला करने वाले युवकों का दूसरे गुट के युवकों के साथ झगड़ा हो गया था। उस समय तरुण भी उन लड़कों के पास में ही खड़ा था। उन्हें शक था कि तरुण भी दूसरे गुट के युवकों के साथ है। गलतफहमी के कारण आरोपियों ने उसके भाई पर हमला कर दिया। जिसमें उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रात को सिविल अस्पताल में लगा लोगों का जमावड़ा, पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
तरुण की हत्या के बाद काफी संख्या में उसके परिजन, रिश्तेदार व परिचित सिविल अस्पताल पहुंचे। कुछ ही देर में सिविल अस्पताल में काफी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। वहीं, फर्कपुर व गांधी नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। इस दौरान लोगों ने पुलिस को खरी खोटी सुनाई और उन पर अपनी ड्यूटी गंभीरता से न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और मामले में 12 लोगों को नामजद करते हुए दो तीन अन्य पर केस दर्ज किया। उधर थाना फर्कपुर एसएचओ शीलावंती का कहना है कि मामले में 12 लोगों को नामजद करते हुए कुछ अन्य पर हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया था। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा। डायल 112 की गाड़ी मारपीट के किसी अन्य मामले में गई थी। पुलिस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed