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वो गाड़ी में बैठ खाते रहे मूंगफली और भाई की जिंदगी की भीख मांगता रहा पीड़ित
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रेलवे ग्राउंड में रामलीला में आए युवक की हत्या के मामले की जानकारी देते उसके परिजन।
- फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। रेलवे ग्राउंड में रामलीला देखने आए तरुण उर्फ राहुल की हत्या के मामले में उसके भाई गौरव ने डायल 112 की गाड़ी में बैठे दो पुलिसकर्मियों पर मदद न करने के आरोप लगाए है। गौरव उर्फ सन्नी ने बताया कि तेजधार हथियारों से हमला करने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। उसने खून से लथपथ अपने भाई राहुल को संभाला। उस समय वह जीवित था। भाई को अस्पताल पहुंचाने के लिए वह रेलवे ग्राउंड के बाहर खड़ी डायल 112 की गाड़ी पर गया। जहां दो पुलिसकर्मी बैठकर मूंगफली खा रहे थे। उसने पुलिसकर्मियों से उसके भाई को अस्पताल पहुंचाने के लिए मदद की गुहार लगाई। आरोप है कि पुलिस ने उसकी मदद नहीं की।
इस दौरान उसने रामलीला में आए लोगों से मदद मांगी, लेकिन आसपास के लोगों ने भी उसकी कोई मदद नहीं की। इस दौरान करीब आधा घंटा तक उसका भाई मौके पर ही पड़ा तड़पता रहा। छाती में छुरा लगने से उसका खून भी बह रहा था। इसके बाद वह अपने भाई को अपने दोस्त की एक्टिवा पर सिविल अस्पताल ले गया। तब तक काफी देर हो चुकी थी।
तीन दिन पहले रामलीला देखने के दौरान दो गुटों में हुआ था झगड़ा
मृतक के भाई गौरव ने बताया कि तरुण कैंप में बाइक रिपेयरिंग का काम करता था। वे दोनों भाई रोजाना रामलीला देखने रेलवे ग्राउंड में जाते थे। रामलीला के दौरान उसके भाई पर हमला करने वाले युवकों का दूसरे गुट के युवकों के साथ झगड़ा हो गया था। उस समय तरुण भी उन लड़कों के पास में ही खड़ा था। उन्हें शक था कि तरुण भी दूसरे गुट के युवकों के साथ है। गलतफहमी के कारण आरोपियों ने उसके भाई पर हमला कर दिया। जिसमें उसकी मौत हो गई।
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रात को सिविल अस्पताल में लगा लोगों का जमावड़ा, पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
तरुण की हत्या के बाद काफी संख्या में उसके परिजन, रिश्तेदार व परिचित सिविल अस्पताल पहुंचे। कुछ ही देर में सिविल अस्पताल में काफी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। वहीं, फर्कपुर व गांधी नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। इस दौरान लोगों ने पुलिस को खरी खोटी सुनाई और उन पर अपनी ड्यूटी गंभीरता से न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और मामले में 12 लोगों को नामजद करते हुए दो तीन अन्य पर केस दर्ज किया। उधर थाना फर्कपुर एसएचओ शीलावंती का कहना है कि मामले में 12 लोगों को नामजद करते हुए कुछ अन्य पर हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया था। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा। डायल 112 की गाड़ी मारपीट के किसी अन्य मामले में गई थी। पुलिस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
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इस दौरान उसने रामलीला में आए लोगों से मदद मांगी, लेकिन आसपास के लोगों ने भी उसकी कोई मदद नहीं की। इस दौरान करीब आधा घंटा तक उसका भाई मौके पर ही पड़ा तड़पता रहा। छाती में छुरा लगने से उसका खून भी बह रहा था। इसके बाद वह अपने भाई को अपने दोस्त की एक्टिवा पर सिविल अस्पताल ले गया। तब तक काफी देर हो चुकी थी।
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तीन दिन पहले रामलीला देखने के दौरान दो गुटों में हुआ था झगड़ा
मृतक के भाई गौरव ने बताया कि तरुण कैंप में बाइक रिपेयरिंग का काम करता था। वे दोनों भाई रोजाना रामलीला देखने रेलवे ग्राउंड में जाते थे। रामलीला के दौरान उसके भाई पर हमला करने वाले युवकों का दूसरे गुट के युवकों के साथ झगड़ा हो गया था। उस समय तरुण भी उन लड़कों के पास में ही खड़ा था। उन्हें शक था कि तरुण भी दूसरे गुट के युवकों के साथ है। गलतफहमी के कारण आरोपियों ने उसके भाई पर हमला कर दिया। जिसमें उसकी मौत हो गई।
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रात को सिविल अस्पताल में लगा लोगों का जमावड़ा, पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
तरुण की हत्या के बाद काफी संख्या में उसके परिजन, रिश्तेदार व परिचित सिविल अस्पताल पहुंचे। कुछ ही देर में सिविल अस्पताल में काफी संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। वहीं, फर्कपुर व गांधी नगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। इस दौरान लोगों ने पुलिस को खरी खोटी सुनाई और उन पर अपनी ड्यूटी गंभीरता से न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए और मामले में 12 लोगों को नामजद करते हुए दो तीन अन्य पर केस दर्ज किया। उधर थाना फर्कपुर एसएचओ शीलावंती का कहना है कि मामले में 12 लोगों को नामजद करते हुए कुछ अन्य पर हत्या के आरोप में केस दर्ज कर लिया था। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा। डायल 112 की गाड़ी मारपीट के किसी अन्य मामले में गई थी। पुलिस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।