फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Hans Mahapurush Rajyoga coincidence on Diwali

Yamuna Nagar News: दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग संयोग

Sun, 19 Oct 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 19 Oct 2025 11:46 PM IST
विज्ञापन
Hans Mahapurush Rajyoga coincidence on Diwali
शहीद भगत सिंह चौक पर मूर्तियां पसंद करते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


जगाधरी। इस बार की दिवाली पूजा अत्यंत विशेष होने वाली है। चूंकि दिवाली पर बेहद ही शुभ संयोग बन रहे हैं। इस संयोग में पूजन करने से मां लक्ष्मी की कृपा सदा बनी रहेगी और घर सुख-समृद्धि, वैभव से संपन्न होगा। इस बार दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग का शुभ संयोग भी बन रहा है। यह संयोग बनने से दिवाली पूजन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। जो इस शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करता है, उसके जीवन में सुख-शांति और वैभव स्थायी रूप से बना रहता है।

इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, राम दरबार और कुबेर देवता की विधिपूर्वक पूजा की जाती है, ताकि घर में धन, सुख और समृद्धि का वास हो। आचार्य त्रिलोक महाराज ने बताया कि पंचांग के अनुसार दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस बार अमावस्या तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर 3:44 बजे से 21 अक्तूबर की शाम 5:55 बजे तक रहेगी।
विज्ञापन

दिवाली मनाने के लिए केवल अमावस्या का होना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि इस तिथि का प्रदोष काल में होना सबसे जरूरी है। इस बार 20 अक्तूबर को ही अमावस्या तिथि प्रदोष काल में पड़ रही है, इसलिए इसी दिन दिवाली मनाई जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक माह की अमावस्या पर समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी प्रकट हुईं थीं। यह यश, कीर्ति, वैभव व सौभाग्य का प्रतीक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि इस बार अमावस्या तिथि 20 अक्तूबर को दोपहर तीन बजकर 44 मिनट से आरंभ होगी, जिसका समापन 21 अक्तूबर को शाम पांच बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में 20 व 21 अक्तूबर को अमावस्या तिथि और प्रदोष काल रात्रि में रहेगी। मां लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल और निशीथकाल बहुत ही शुभ माना जाता है। महानिशीथ काल पूजा के लिए रात्रि 11:39 से 12:31 तक का समय अत्यंत शुभ रहेगा।

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा और मुहूर्त



आचार्य त्रिलोक महाराज ने बताया कि दिवाली पर मां लक्ष्मी पूजा हमेशा अमावस्या व्यापिनी प्रदोष काल में होता है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद आरंभ होता है। इस बार प्रदोष काल शाम 5:29 से रात 8:07 तक रहेगा। वहीं, वृषभ काल शाम 5:40 से 7:36 तक रहेगा। यह अवधि मां लक्ष्मी की पूजा के लिए बहुत उत्तम है। प्रदोष काल और स्थिर लग्न में पूजा करने मां लक्ष्मी घर में वास करेंगी।




ऐसे करें पूजा



पंडित ललित शर्मा ने बताया कि दिवाली की सुबह कार्यालय व दुकान में सफाई करें, फिर पूजा स्थल सहित कार्यस्थल पर फूलों, रंगोली और लाइटों से सजावट करें। दुकान व दफ्तर के पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी, भववान गणेश और भगवान कुबेर की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद अष्टगंध, फूल, अक्षत, फल, खील, बताशे, मिठाई का भोग लगाएं और फिर बही खातों की पूजा करें। वहीं, बही खातों पर स्वास्तिक और शुभ-लाभ का निशान बनाकर अक्षत और पुष्प अर्पित कर धन की देवी मां लक्ष्मी से व्यापार में वृद्धि और समृद्धि की कामना करते आरती करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed