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Yamuna Nagar News: गेहूं खरीद में कटौती का सरकारी फरमान, विरोध में गरजे किसान
Thu, 20 Apr 2023 03:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 20 Apr 2023 03:35 AM IST
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जगाधरी। गेहूं खरीद मूल्य में कटौती, भुगतान, खराब फसल का मुआवजा व अन्य मांगों को लेकर किसानों ने बुधवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किया गया। जिसमें भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट, अखिल भारतीय किसान सभा व किसान सभा शामिल रहीं। प्रदर्शन का नेतृत्व टिकैत गुट के प्रधान सुभाष गुर्जर, अभिकिस जिलाध्यक्ष जरनैल सिंह सांगवान एवं किसान सभा जिलाध्यक्ष गुरभजन सिंह मझैल ने किया। इसके लिए किसान अनाजमंडी में एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। किसान डीसी को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने पहुंचे थे। परंतु उनकी अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने ज्ञापन लिया।
यहां किसान नेताओं ने कहा कि केंद्रीय खाद्य एवं वितरण मंत्रालय की ओर से खरीद में गेहूं के दाने के आकार और लस्टर वैल्यू के आधार पर समर्थन मूल्य में कटौती के निर्देश दिए गए हैं। जिससे किसानों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि किसान पहले सही बेमौसम बारिश की मार झेल रहे हैं। वहीं अब सरकारी फरमान ने किसानों को चोट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश, ओले और आंधी से प्रदेशों में गेहूं सहित रबी की अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार को किसानों को विशेष राहत देनी चाहिए थी, जबकि इसके विपरीत प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित गुणवत्ता के आधार पर वैल्यू काटने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा इसका विरोध करता है। बारिश व ओलावृष्टि से खराब फसल का समय पर मुआवजा दिया जाए। सुभाष गुर्जर ने कहा कि गेहूं कटाई अंतिम चरण में है और अभी तक गिरदावरी पूरी नहीं की गई है। वहीं सरकार ने सहकारी बैंकों से लिए फसली ऋण पर ब्याज वसूलने का निर्णय लिया है। दस साल से फसली ऋण पर ब्याज नहीं लिया जा रहा था। पहले से ही किसानों पर मौसम की मार पड़ रही है। इसके अलावा किसानों ने लावारिस पशुओं का प्रबंध करने की मांग की है। इस दौरान धर्मपाल सिंह चौहान, महिपाल चमरौड़ी, प्यारेलाल तंवर, विजय पाल, सुखदेव सिंह, धर्मवीर, जयपाल चमरौड़ी, प्रदीप सिंह, मानसिंह पंजेटा, यशपाल चमरौड़ी, चंद्रपाल, सुखबीर सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
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यहां किसान नेताओं ने कहा कि केंद्रीय खाद्य एवं वितरण मंत्रालय की ओर से खरीद में गेहूं के दाने के आकार और लस्टर वैल्यू के आधार पर समर्थन मूल्य में कटौती के निर्देश दिए गए हैं। जिससे किसानों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि किसान पहले सही बेमौसम बारिश की मार झेल रहे हैं। वहीं अब सरकारी फरमान ने किसानों को चोट पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश, ओले और आंधी से प्रदेशों में गेहूं सहित रबी की अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार को किसानों को विशेष राहत देनी चाहिए थी, जबकि इसके विपरीत प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित गुणवत्ता के आधार पर वैल्यू काटने के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा इसका विरोध करता है। बारिश व ओलावृष्टि से खराब फसल का समय पर मुआवजा दिया जाए। सुभाष गुर्जर ने कहा कि गेहूं कटाई अंतिम चरण में है और अभी तक गिरदावरी पूरी नहीं की गई है। वहीं सरकार ने सहकारी बैंकों से लिए फसली ऋण पर ब्याज वसूलने का निर्णय लिया है। दस साल से फसली ऋण पर ब्याज नहीं लिया जा रहा था। पहले से ही किसानों पर मौसम की मार पड़ रही है। इसके अलावा किसानों ने लावारिस पशुओं का प्रबंध करने की मांग की है। इस दौरान धर्मपाल सिंह चौहान, महिपाल चमरौड़ी, प्यारेलाल तंवर, विजय पाल, सुखदेव सिंह, धर्मवीर, जयपाल चमरौड़ी, प्रदीप सिंह, मानसिंह पंजेटा, यशपाल चमरौड़ी, चंद्रपाल, सुखबीर सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
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