फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Government department engaged in search of special children

Yamuna Nagar News: विशेष बच्चों की तलाश में जुटा सरकारी महकमा

Mon, 17 Nov 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 17 Nov 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
Government department engaged in search of special children
निपुण मूल्यांकन के दौरान आंख पर पट्टी बांधकर चलता बच्चा। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


जगाधरी। निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के लिए जिले की सभी राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में बच्चों का मूल्यांकन किया गया। यह मूल्यांकन निपुण एप के माध्यम से किया गया। इसके तहत बच्चों से कई तरह की गतिविधियां करवाई गईं थी। इसके बाद बच्चों की स्क्रीनिंग रिपोर्ट बनाई जा रही है। विभाग के अनुमान के अनुसार राजकीय पाठशालाओं में करीब 1050 बच्चे विशेष आवश्यकता वाले हैं। विभाग के पास करीब 400 बच्चों की ही जानकारी है।

इस निपुण मूल्यांकन से विभाग विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की खोज कर रहा है। इसके बाद उन बच्चों की स्थिति के अनुसार विशेष सहयोग व सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। विभाग का यह कार्यक्रम 14 व 15 नवंबर को जिले के 591 प्राथमिक पाठशालाओं में चलाया गया था। इसमें पहली से पांचवीं के बच्चों को शामिल किया गया था।
विज्ञापन

इस स्क्रीनिंग के दौरान जिले के 35,000 बच्चों का टेस्ट लिया था। मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करते देखा। इस दौरान बच्चों को शब्दों के उच्चारण, शब्दों की पहचान इत्यादि की परेशानी आई थी। मूल्यांकन अंतर्गत हौसलों के रंग कहानी सुनाना, सपनों की उड़ान केवल एक हाथ का उपयोग करके कागज का जहाज बनाना, बूझो तो जाने आंखों पर पट्टी बांधकर वस्तुओं को छूकर पहचानना, भरोसे के कदम आंखों पर पट्टी बांधकर दिए रास्ते से निकलना गतिविधियां करवाई गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा विभाग के अनुसार जिले में तीन प्रतिशत बच्चे ऐसे हैं, जो सामान्य से कुछ कम हैं। इन बच्चों की पहचान करके उन्हें निपुण बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने कार्यक्रम शुरू किया है। अभी शिक्षा विभाग के पास विशेष आवश्यकता वाले एक प्रतिशत बच्चों की ही जानकारी है। इस कार्यक्रम से उनका पता लगाया जाना है। पहले यह केवल विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए करवाया जाना था। परंतु फिर इसमें सभी विद्यार्थियों को शामिल किया।
निदेशालय से आएगी रिपोर्ट



बच्चों का मूल्यांकन निपुण एप पर किया गया था। एप पर बच्चों की गतिविधियों का डाटा एकत्र किया गया है। इसके बाद अब एप के विशेषज्ञ इसकी समीक्षा करेंगे और इसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट सभी जिलों के एफएलएन समन्वयक को भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर बच्चों का दूसरे चरण पर मूल्यांकन किया जाएगा। ताकि उनकी क्षमता व आवश्यकताओं का पता चल सके। मूल्यांकन पूरा होने के बाद बच्चों को विशेष सहयोग व सुविधा दी जाएगी। जिससे उनका अन्य बच्चों की तरह विकास हो।




विभाग की ओर से सीडब्ल्यूएसएन की पहचान के लिए पहली से पांचवीं के बच्चों का मूल्यांकन किया गया है। यह मूल्यांकन निपुण एप पर किया गया है। एप के डाटा की विशेषज्ञ द्वारा समीक्षा की जा रही है और फिर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इससे बच्चों की बौद्धिक स्थिति का पता चलेगा। - संजीव सैनी, जिला एफएलएन समन्वयक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed